लाइव कैलेंडर

July 2026
M T W T F S S
 12345
6789101112
13141516171819
20212223242526
2728293031  

LIVE FM सुनें

India News24x7 Live

Online Latest Breaking News

एलएडीसीएस योजना की समीक्षा और वापसी की मांग पर बार काउंसिल का समर्थन बरकरार…

बार काउंसिल ऑफ पंजाब एवं हरियाणा की सब-कमेटी के सदस्यों की आज एलएडीसीएस योजना और पंजाब, हरियाणा तथा चंडीगढ़ में चल रहे वकीलों के आंदोलन को लेकर बैठक हुई। बार काउंसिल ऑफ पंजाब एवं हरियाणा, अधिवक्ता अधिनियम, 1961 के तहत गठित एक वैधानिक संस्था है। इसका मुख्य उद्देश्य अपने साथ पंजीकृत सभी वकीलों के अधिकारों, हितों और विशेषाधिकारों की रक्षा करना है।

लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम (एलएडीसीएस) को लेकर लंबे समय से चर्चा और विरोध जारी है। पंजाब, हरियाणा और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के वकीलों का कहना है कि इस योजना के लागू होने के बाद कई व्यावहारिक समस्याएं और नकारात्मक प्रभाव सामने आए हैं। इसी कारण सभी बार एसोसिएशन लगातार इस योजना की समीक्षा और इसे वापस लेने की मांग कर रहे हैं। बार काउंसिल ऑफ पंजाब एवं हरियाणा भी शुरू से इस मांग का समर्थन करते हुए संबंधित अधिकारियों के समक्ष यह मुद्दा उठाती रही है।

इस विषय पर भारत के माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने पहले ही एक समिति गठित की है, जिसने इस योजना पर संज्ञान लेकर इसकी समीक्षा शुरू कर दी है। समिति की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। लंबे समय से रिपोर्ट का इंतजार होने के कारण अब वकीलों ने अपनी मांगों को लेकर फिर से आंदोलन शुरू करने का निर्णय लिया है।

आज हुई बैठक और उसके बाद आयोजित प्रेस वार्ता में बार काउंसिल ऑफ पंजाब एवं हरियाणा की सब-कमेटी ने एक बार फिर एलएडीसीएस योजना की समीक्षा और इसे वापस लेने की मांग का समर्थन दोहराया।

इस मुद्दे को लेकर बार काउंसिल की सब-कमेटी, पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ की विभिन्न बार एसोसिएशनों के प्रतिनिधियों के साथ मिलकर भारत के माननीय मुख्य न्यायाधीश, केंद्रीय कानून मंत्री, पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश तथा उच्च न्यायालय की प्रशासनिक समिति के माननीय न्यायाधीशों से भी मुलाकात कर चुकी है।

बार काउंसिल का कहना है कि यह योजना केवल वकीलों के हितों को ही प्रभावित नहीं करती, बल्कि आम नागरिकों के न्याय तक आसान पहुंच के उद्देश्य को भी कमजोर करती है।

बार कॉउंसिल की सब-कमेटी प्रमुख द्वारा हाल ही में की गई टिप्पणियों पर भी चिंता और असंतोष व्यक्त किया। कमेटी ने आग्रह किया कि वकीलों की वास्तविक चिंताओं के प्रति संवेदनशीलता दिखाई जाए। साथ ही कहा कि बार और बेंच के बीच बेहतर संबंध बनाए रखने के लिए सम्मानजनक संवाद सबसे उचित और आवश्यक तरीका है।

यह बयान करनजीत सिंह, डी.पी.एस. रंधावा, करमजीत सिंह, जी.एस. ग्रेवाल, रजनी नंदा और शर्मिला शर्मा ने बार काउंसिल ऑफ पंजाब एवं हरियाणा की सब-कमेटी की ओर से जारी किया।