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प्राचीन कला केन्द्र की 289वीं मासिक बैठक के तहत प्रवासी भारतीय संगीत सम्मेलन का सफल आयोजन…

प्राचीन कला केन्द्र द्वारा आज यहां 289 वीं मासिक बैठक के तहत प्रवासी भारतीय संगीत सम्मेलन का आयोजन केन्द्र के एम.एल.कौसर सभागार में सायं 6 बजे से किया गया । इस कार्यक्रम में इंग्लैंड और कनाडा से आए प्रवासी भारतीय कलाकारों ने भारतीय संगीत की खूबसूरत प्रस्तुतियां पेश की । इन कलाकारों ने विदेशों में रहते हुए भी देश की समृद्ध शास्त्रीय कलाकाओं का प्रचार प्रसार करके देश का मान बढ़ाया ।

आज के पहले कलाकार शरणजीत सिंह मांड एक युवा सितारवादक है जिन्होंनेड उस्ताद विलायत खां घराने के सुप्रसिद्ध सितार वादक हरविंदर शर्मा से सितार वादन की शिक्षा ग्रहण की है । शरणजीत सिंह ने कनाडा में गुरूकुल कनाडा नाम की संस्था की नींव रखी जो आज भारतीय शास्त्रीय कलाओं के प्रचार एवं प्रसार का कार्य सफलतापूर्वक कर रही है । विदेश में रह कर भी शरणजीत अपनी जड़ों से जुड़े हुए कलाकार हैं। दूसरी ओर कविराज सिंह अल्पायु से ही संगीत के प्रति गहरी रूचि रखते थे । इन्होंने उस्ताद हरजिंदर पाल सिंह से संतूर की शिक्षा प्राप्त की जो पंडित शिवकुमार शर्मा के वरिष्ठ शिष्य हैं । न सिर्फ संतूर बल्कि कविराज एक खूबसूरत आवाज के धनी भी हैं । इन्होंने पंडित अजय चक्रवर्ती के शिष्यत्व में अपनी इस प्रतिभा को निखारा है । अपनी दमदार आवाज और संतूर पर जादू जगाती उंगलियों से संगीत प्रेमियों के दिलों में गहरी छाप छोड़ी है ।

आज के कार्यक्रम की शुरूआत शरणजीत सिंह मांड द्वारा की गई । इस युवा सितार वादक ने राग मारवा में आलाप छेड़ा । उपरांत विलम्बित गत में जोड़ पेश करके अपनी प्रतिभा को प्रदर्शित किया । द्रुत गत में जो कि तीन ताल में निबद्ध थी पेश करके कार्यक्रम का समापन किया । इनके साथ दिल्ली के युवा एवं प्रतिभाशाली तबला वादक एवं उस्ताद रफीउद्दीन साबरी के शिष्य उजिथ उदय कुमार ने बखूबी संगत की और कार्यक्रम को चार चांद लगा दिए ।

इसके उपरांत संतूर वादक कविराज सिंह ने मंच संभाला और राग गवाती में आलाप पेश किया जिसको रूपक ताल की गत से सजाया गया था । उपरांत तीन ताल में एक सधी हुई पेशकारी में एक बंदिश पेश की तथा कार्यक्रम का समापन द्रुत तीन ताल में सजे झाले से किया । जिसे दर्शकों ने खूब सराहा । इनके साथ उस्ताद अकरम खान जी के वरिष्ठ शिष्य सप्तक शर्मा ने बखूबी संगत कर दर्शकों का दिल जीत लिया ।

कार्यक्रम के अंत में कलाकारों को पुष्प एवं मोमेंटो भेंट किए गए । इस कार्यक्रम में केन्द्र के सचिव श्री सजल कौसर एवं रजिस्ट्रार तथा कत्थक गुरू डॉ.शोभा कौसर के साथ तबला गुरु सुशील जैन तथा सितार वादक पंडित हरविंदर शर्मा भी उपस्थित थे । इन सभी ने कलाकारों की स्नेहपूर्ण शब्दों से सराहना की एवं सभी कलाकारों को उतरीया और मोमेंटो देकर सम्मानित किया

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