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रोटेरियन नितिन कपूर ने भारतीयों के लिए फाइनेंशियल प्लानिंग (वित्तीय योजना) को आसान बनाने के लिए ‘गुल्लक – प्रेक्टिकल मंत्राज फॉर फाइनेंशियल प्लानिंग’ किताब लिखी….

चंडीगढ़, 1 मई, 2026: रोटेरियन और फाइनेंशियल एक्सपर्ट नितिन कपूर ने ‘गुल्लक – प्रेक्टिकल मंत्राज फॉर फाइनेंशियल प्लानिंग’ नामक एक नई किताब लिखी है। इस किताब का उद्देश्य व्यक्तिगत वित्त को सरल बनाना और सभी आयु समूहों में वित्तीय साक्षरता को बढ़ावा देना है। गौरतलब है कि कपूर ने रोटरी चंडीगढ़ मिडटाउन (2024–25) के प्रेसिडेंट के रूप में कार्य किया है, और उन्हें रोटरी वर्ष (आर वाए ) 2026–27 के लिए रोटरी डिस्ट्रिक्ट 3080 के डिस्ट्रिक्ट एग्जीक्यूटिव सेक्रेटरी (निर्वाचित) के रूप में नामित किया गया है।

 यह किताब, जिसका विमोचन यहां सेक्टर 31 स्थित सीआईआई के उत्तरी भारत मुख्यालय में किया गया, जटिल फाइनेंशियल कॉन्सेप्ट्स को स्पष्ट और कार्रवाई योग्य मार्गदर्शन में बदलती है। इसमें जीवन की शुरुआत में ही अनुशासित वित्तीय आदतें विकसित करने पर विशेष जोर दिया गया है। कपूर ने इस बात पर जोर दिया कि यह किताब वेल्थ मैनेजमेंट के व्यावहारिक पहलुओं पर केंद्रित है। उन्होंने कहा, “यह बुनियादी बातों के बारे में है—अनुशासित बचत, लक्ष्यों पर आधारित निवेश, जोखिम प्रबंधन, और सबसे महत्वपूर्ण, निरंतरता, पर ध्यान केंद्रित करती है।”

किताब के नाम के बारे में पूछे जाने पर कपूर ने कहा, “चूंकि मेरी किताब उन छोटे और नियमित कदमों के बारे में बात करती है जो लॉन्ग टर्म वित्तीय सुरक्षा प्रदान कर सकते हैं—ठीक वैसे ही जैसे पारंपरिक भारतीय ‘गुल्लक’ में की गई बचत काम आती है—इसलिए मैंने इसका शीर्षक ‘गुल्लक – प्रेक्टिकल मंत्राज फॉर फाइनेंशियल प्लानिंग’ रखने का निर्णय लिया।”

इस अवसर पर मीडियाकर्मियों से बातचीत करते हुए कपूर ने कहा कि “वित्तीय उत्पादों और साधनों तक व्यापक पहुंच होने के बावजूद, वित्तीय निरक्षरता अभी भी एक गंभीर चिंता का विषय बनी हुई है। मेरी किताब वेल्थ मैनेजमेंट को ऐसे व्यावहारिक कदमों में सरल बनाने का एक प्रयास है, जिनका पालन लोग अपने दैनिक जीवन में वास्तव में कर सकें—विशेषकर युवा लोग, जिन्हें जीवन की शुरुआत में ही इन आदतों को अपनाने से सबसे अधिक लाभ मिल सकता है।”

जालंधर में जन्मे और जालंधर तथा जयपुर में पले-बढ़े कपूर, भारत के फाइनेंशियल सेक्टर की एक गहरी और जमीनी समझ रखते हैं। यह समझ उन्हें उनकी एकेडमिक ट्रेनिंग और व्यापक इंडस्ट्री अनुभव—दोनों से प्राप्त हुई है। कपूर ने चेतना इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड रिसर्च से फाइनेंस में पीजीडीबीएम किया है , और वे कैपिटल और डेरिवेटिव्स मार्केट में एनसीएफएम सर्टिफाइड भी हैं। कपूर ने लगभग 25 वर्षों में वेल्थ क्रिएशन, क्लाइंट एडवाइजरी और स्ट्रेटेजिक विस्तार में विशेषज्ञता हासिल की है।

उनका कहना है कि “वित्तीय साक्षरता समग्र सामाजिक-आर्थिक और एजुकेशन इनक्लूजन का मूल मंत्र है। आम लोगों का वित्तीय सशक्तिकरण 2047 तक इनक्लूसिव ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को साकार करने में मदद करेगा।”

वे वर्तमान में वेल्थीफाई के सह-संस्थापक और डायरेक्टर के रूप में कार्यरत हैं और आईआईएफएल के बिजनेस एसोसिएट हैं, जो 20 से अधिक शाखाओं में ₹8,000 करोड़ से अधिक की एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (एयूएम) की देखरेख करते हैं।

मीडिया के साथ विशेष सत्र के बाद, सीआईआई, चंडीगढ़ में पुस्तक के औपचारिक विमोचन समारोह में फाइनेंशियल एक्सपर्ट, कम्युनिटी लीडर्स और शिक्षाविद एक साथ आए। इस कार्यक्रम में फाइनेंशियल प्लानिंग की ‘बारीकियों’ पर एक इंटरैक्टिव चर्चा भी हुई, जिसमें वक्ताओं के रूप में जीतेन भांबरी , संजय भाटिया, रितु सिंघल और डॉ. बलराम गुप्ता शामिल थे। इन सभी ने मिलकर आज के माहौल में वित्तीय अनुशासन और संरचित वित्तीय शिक्षा के बढ़ते महत्व पर प्रकाश डाला।

उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों में आईआईएफएल कैपिटल के डायरेक्टर चिंतन मोदी; चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के सीनियर मैनेजिंग डायरेक्टर दीपेंद्र सिंह संधू; सुरभि कालरा; डॉ. रीता कालरा और स. दलबीर सिंह भी शामिल थे।