व्यवहार और नज़र में बदलाव की वजह बना 6.5 सेमी का ब्रेन ट्यूमर, पारस हेल्थ पंचकूला में सफल सर्जरी…..
पंचकूला, 12 अक्टूबर ( ): मनीमाजरा की 54 वर्षीय महिला के व्यवहार, याददाश्त और नज़र में धीरे-धीरे आ रहे बदलाव की वजह दिमाग में 6.5 सेंटीमीटर का बड़ा ट्यूमर निकला। पारस हेल्थ पंचकूला में जांच के बाद महिला की सर्जरी कर ट्यूमर को सफलतापूर्वक निकाल दिया गया। सर्जरी के बाद महिला की हालत में सुधार हुआ और उनके व्यवहार, याददाश्त व अन्य तंत्रिका संबंधी लक्षणों में भी सकारात्मक बदलाव देखा गया।
महिला के परिवार के अनुसार, पिछले 8 से 9 महीनों से उनके व्यवहार और व्यक्तित्व में बदलाव आ रहा था। वह बातें भूलने लगी थीं और कई बार बिना किसी स्पष्ट कारण के बातें करती थीं। इसके अलावा, उनकी बाईं आंख की रोशनी भी 6 से 7 महीनों से कम हो रही थी। उन्होंने मोतियाबिंद की सर्जरी भी करवाई, लेकिन नज़र में सुधार नहीं हुआ। अचानक बेहोश होने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां आगे की जांच में बीमारी का पता चला।
अस्पताल में कंट्रास्ट एमआरआई जांच से दिमाग के अगले हिस्से में 6.5 सेंटीमीटर का मेनिंगियोमा पाया गया। ट्यूमर आसपास के महत्वपूर्ण हिस्सों, विशेषकर देखने में मदद करने वाली ऑप्टिक नसों और रक्त वाहिकाओं पर दबाव डाल रहा था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए विशेषज्ञों ने सावधानीपूर्वक योजना बनाकर सर्जरी की। इस दौरान ट्यूमर को आसपास के महत्वपूर्ण हिस्सों से अलग किया गया और ऑप्टिक नसों को सुरक्षित रखते हुए ट्यूमर को सफलतापूर्वक निकाल दिया गया। सर्जरी के दो दिन बाद महिला को होश आया और बाद की जांच में उनकी स्थिति में उल्लेखनीय सुधार पाया गया।
पारस हेल्थ पंचकुला के न्यूरोसर्जरी विभाग के निदेशक डॉ. राजीव गोयल ने कहा कि ब्रेन ट्यूमर के लक्षण हमेशा तेज सिरदर्द, दौरे या शारीरिक कमजोरी के रूप में सामने नहीं आते। कई बार व्यवहार, व्यक्तित्व, याददाश्त और नज़र में धीरे-धीरे बदलाव भी इसके शुरुआती संकेत हो सकते हैं। ऐसे लक्षणों को तनाव, बढ़ती उम्र या मानसिक परेशानी मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। यदि कोई बदलाव लगातार बना रहे या बढ़ता जाए, तो समय पर चिकित्सकीय जांच जरूरी है।
पारस हेल्थ पंचकूला के फैसिलिटी डायरेक्टर डॉ. पंकज मित्तल ने कहा कि जटिल बीमारियों में समय पर पहचान, विशेषज्ञों के बीच बेहतर तालमेल और उचित उपचार महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। व्यवहार या नज़र में लगातार बदलाव होने पर जांच में देरी नहीं करनी चाहिए। इस मामले में सावधानीपूर्वक सर्जिकल योजना और विशेषज्ञ देखभाल से बेहतर परिणाम प्राप्त हुआ।
मेनिंगियोमा दिमाग और उसकी सुरक्षा करने वाली परतों से विकसित होने वाला ट्यूमर है। इसके आकार और स्थान के आधार पर यह याददाश्त, व्यवहार, निर्णय लेने की क्षमता और दृष्टि को प्रभावित कर सकता है। शुरुआती लक्षणों की पहचान और समय पर उपचार से जटिलताओं को कम करने में मदद मिल सकती है।


