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देश भगत विश्वविद्यालय ने स्वामी रामानंद तीर्थ मराठवाड़ा विश्वविद्यालय के साथ ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन पर किए हस्ताक्षर…..

मंडी गोबिंदगढ़, 8 अगस्त: शैक्षणिक उत्कृष्टता को सुदृढ़ करने तथा भारत की समृद्ध विरासत के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए देश भगत विश्वविद्यालय (डीबीयू), पंजाब ने स्वामी रामानंद तीर्थ मराठवाड़ा विश्वविद्यालय (एसआरटीएमयू), नांदेड के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते के माध्यम से संयुक्त अनुसंधान, नवाचार, शैक्षणिक आदान-प्रदान तथा श्री गुरु गोबिंद सिंह जी की शिक्षाओं और सिख विरासत के प्रचार-प्रसार के लिए रणनीतिक साझेदारी स्थापित की गई।

देश भगत विश्वविद्यालय के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व माननीय कुलाधिपति डॉ. ज़ोरा सिंह ने किया। प्रतिनिधिमंडल में माननीय प्रो-कुलाधिपति डॉ. तजिंदर कौर, डॉ. हरप्रीत सिंह, निदेशक, अनुसंधान एवं विकास, एसआईआरओ तथा डीन रिसर्च, देश भगत डेंटल कॉलेज एवं अस्पताल, और डॉ. धर्मिंदर सिंह, प्रोफेसर, फैकल्टी ऑफ लिबरल आर्ट्स शामिल रहे। यह सहयोग माननीय कुलपति डॉ. मनोहर चासकर तथा माननीय प्रति-कुलपति डॉ. अशोक महाजन की गरिमामयी उपस्थिति में औपचारिक रूप से संपन्न हुआ। उनके नेतृत्व एवं सहयोग ने इस अवसर को विशेष महत्व प्रदान किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ एसआरटीएमयू के नेतृत्व द्वारा डीबीयू प्रतिनिधिमंडल के गर्मजोशी से स्वागत एवं सम्मान के साथ हुआ। इसके पश्चात डॉ. शैलेश वाधेर ने मेजबान विश्वविद्यालय की शैक्षणिक एवं अनुसंधान उपलब्धियों तथा प्रोफ़ाइल पर प्रस्तुति दी। इसके प्रत्युत्तर में डीबीयू प्रतिनिधिमंडल ने भी एसआरटीएमयू के गणमान्य पदाधिकारियों का सम्मान किया।

इसके बाद डॉ. हरप्रीत सिंह ने देश भगत विश्वविद्यालय की उपलब्धियों एवं भविष्य की दृष्टि प्रस्तुत की। उन्होंने विश्वविद्यालय के बहुविषयक शैक्षणिक तंत्र, अनुसंधान एवं नवाचार पहलों, एसआईआरओ मान्यता, बौद्धिक संपदा के क्षेत्र में उपलब्धियों, अंतरराष्ट्रीय सहयोगों तथा अनुसंधान को सामाजिक प्रभाव में परिवर्तित करने की प्रतिबद्धता पर प्रकाश डाला। उनकी प्रस्तुति की उपस्थितजनों ने उत्साहपूर्वक सराहना की।

इस अवसर पर संवाद के दौरान कुलाधिपति डॉ. ज़ोरा सिंह ने दोनों विश्वविद्यालयों के बीच सुदृढ़, स्थायी एवं परिणामोन्मुख साझेदारी की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने ऑनलाइन पंजाबी भाषा शिक्षण, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के संयुक्त सम्मेलनों, संयुक्त अनुसंधान परियोजनाओं एवं प्रकाशनों तथा संयुक्त रूप से बौद्धिक संपदा के विकास के लिए सहयोग का प्रस्ताव रखा। उन्होंने श्री गुरु गोबिंद सिंह जी की महान विरासत को सार्थक शैक्षणिक पहलों के माध्यम से संरक्षित एवं प्रचारित करने के प्रति साझा प्रतिबद्धता पर भी जोर दिया।

समझौता ज्ञापन पर देश भगत विश्वविद्यालय की ओर से माननीय कुलाधिपति डॉ. ज़ोरा सिंह तथा स्वामी रामानंद तीर्थ मराठवाड़ा विश्वविद्यालय की ओर से कुलसचिव डॉ. डी. डी. पवार ने औपचारिक रूप से हस्ताक्षर किए। यह समझौता शैक्षणिक उत्कृष्टता, अनुसंधान, नवाचार, विरासत संरक्षण, शिक्षक एवं विद्यार्थी आदान-प्रदान तथा संयुक्त ज्ञान-सृजन के लिए दीर्घकालिक साझेदारी की शुरुआत का प्रतीक है।

इस अवसर पर दोनों संस्थानों ने विश्वास व्यक्त किया कि यह साझेदारी शैक्षणिक संबंधों को और मजबूत करेगी, प्रभावशाली अनुसंधान को प्रोत्साहित करेगी, अमूल्य विरासत ज्ञान-परंपराओं का संरक्षण करेगी तथा दोनों विश्वविद्यालयों के विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं एवं शिक्षकों के लिए नए अवसरों का सृजन करेगी।