चंडीगढ़ के फ्रेगरेंस गार्डन में ‘सेवा ही संस्कृति’ नाटक के जरिए स्वच्छता और निःस्वार्थ सेवा का संदेश…..
चंडीगढ़: सेवा संकल्प अभियान 2026 के तहत मंगलवार को सेक्टर-36 स्थित फ्रेगरेंस गार्डन, चंडीगढ़ में ‘सेवा ही संस्कृति’ नाटक का सफल मंचन किया गया। यूनिक आर्ट्स सोसायटी, चंडीगढ़ के कलाकारों द्वारा उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र (एनजेडसीसी), पटियाला तथा भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के सहयोग से प्रस्तुत इस नाटक का निर्देशन सोनिका भाटिया ने किया। उन्होंने नाटक में अभिनय भी किया।
नाटक के माध्यम से स्वच्छता, निःस्वार्थ सेवा, ईमानदारी और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण का प्रभावशाली संदेश दिया गया। इसकी कथा में विभिन्न क्षेत्रों में भारत की प्रगति को दर्शाने के साथ-साथ स्वच्छता बनाए रखने में जनभागीदारी की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।
प्रस्तुति में यह संदेश दिया गया कि स्वच्छता केवल व्यक्तिगत साफ-सफाई और अपने घर को स्वच्छ रखने तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि इसका विस्तार आसपास के क्षेत्रों, सेक्टरों, कस्बों, शहरों और राज्यों तक होना चाहिए। नाटक ने रेखांकित किया कि स्वच्छ वातावरण बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। यह दायित्व केवल सरकार, नगर निगमों या स्वास्थ्य विभागों पर नहीं छोड़ा जा सकता।
भगवत गीता से प्रेरणा लेते हुए नाटक में भगवान श्रीकृष्ण के उस संदेश को प्रस्तुत किया गया, जिसमें व्यक्ति को कर्म के फल के प्रति आसक्ति रखे बिना अपने कर्तव्यों का पालन करने की प्रेरणा दी गई है। प्रस्तुति ने यह संदेश दिया कि निःस्वार्थ सेवा भारतीय सांस्कृतिक परंपरा का अभिन्न अंग है।
नाटक में योग और भगवद्गीता की शिक्षाओं सहित भारत की पारंपरिक ज्ञान प्रणालियों को विश्व स्तर पर मिल रही पहचान को भी रेखांकित किया गया। इन्हें देश के लिए गौरव का विषय बताया गया।
अपनी प्रभावशाली और रोचक प्रस्तुति के माध्यम से ‘सेवा ही संस्कृति’ ने दर्शकों को अपने दैनिक जीवन में स्वच्छता, ईमानदारी और निःस्वार्थ सेवा के मूल्यों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। नाटक ने संदेश दिया कि व्यक्ति, समाज और राष्ट्र की निरंतर प्रगति सामूहिक जिम्मेदारी और समर्पित प्रयासों पर निर्भर करती है।
नाटक में सुरिंदर के. नारूला, जसवीर जस्सी, रिंकू जैन, शिव कुमार, सौदामिनी, रशविंदर सिंह, विशाल प्रकाश, पुष्पिंदर बग्गा और रागिनी सहित अन्य कलाकारों ने भी भाग लिया।


