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स्थानीय सरकार विभाग, सेक्टर-35, चंडीगढ़ के कुछ उच्च अधिकारियों के संरक्षण के कारण नियमों का उल्लंघन करने वाले बिल्डरों के विरुद्ध नहीं हो रही कोई भी कार्रवाई…

चंडीगढ़:-राष्ट्र सेवा को समर्पित, एक विख्यात सामाजिक कार्यकर्ता सुखदेव चौधरी ने पंजाब सरकार के लोकल बॉडीज कार्यालय में उच्च पदासीन अधिकारियों की अवैध गतिविधियों और विभाग में तेजी से फल फूल रहे भ्रष्टाचार में मिलीभगत के आरोप लगाए हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विभाग में एक मुख्य पद पर आसीन उच्चाधिकारी असूलों के खिलाफ जाकर अपने ही एक बेहद करीबी को भी फायदा पहुंचा रहा है। विभाग में यह भ्रष्टाचार करोडों का नही, बल्कि अरबों रुपए का है

चंडीगढ़ प्रेस क्लब में पत्रकारों से बातचीत करते हुए सामाजिक कार्यकर्ता सुखदेव चौधरी ने कहा कि जीरकपुर क्षेत्र में अवैध निर्माण लगातार बढ़ता जा रहा है। मेरा आरोप है कि स्थानीय सरकार विभाग, सेक्टर-35, चंडीगढ़ के कुछ अधिकारियों के संरक्षण के कारण नियमों का उल्लंघन करने वाले बिल्डरों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही।

गौतम कुमार सीनियर टाउन प्लानर , स्थानीय सरकार विभाग , पंजाब द्वारा बिल्डरों को किस तरह से लाभ पहुंचाया जा रहा है इसका उदाहरण ढकोली (ज़ीरकपुर) में GNG HIGH STREET का एक मामला है, जहाँ उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार लगभग 80 दुकानों की अनुमति हो सकती थी इस के बावजूद 164 शोरूम बनाए गए। यह भूमि पहले भी विवादों में रही है। इसी भूमि पर GBP कंपनी द्वारा करोड़ों रुपये एकत्रित किए गए थे। इसके बाद यह परियोजना G&G Builders के पास चली गई। मैंने इस संबंध में विजिलेंस जांच की भी मांग की है कि GBP और GNG के बीच किसी प्रकार का संबंध या समान हित तो नहीं है। इस विषय की निष्पक्ष जांच आवश्यक है।

नगर कौंसिल ज़ीरकपुर ने स्वयं इस परियोजना में अनियमितताओं को स्वीकार करते हुए धारा 195 के तहत नोटिस जारी किया। इसके बाद धारा 220 के अंतर्गत अवैध निर्माण हटाने के लिए नोटिस जारी किया गया, जिसमें छह घंटे के भीतर कार्रवाई करने का उल्लेख था। नगर कौंसिल द्वारा अवैध रूप से बनी लिफ्टों को भी हटाया गया। जब बिल्डर द्वारा आदेशों का पालन नहीं किया गया, तब तत्कालीन कार्यकारी अधिकारी (EO) ने इस मामले में डेराबस्सी न्यायालय में मुकदमा दायर किया।

इसके बावजूद आज तक इस परियोजना के विरुद्ध अंतिम एवं प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। मेरी शिकायतों के बाद मुख्य सतर्कता अधिकारी (LG)(Chief Vigilance Officer) द्वारा भी जांच की गई और मेरी जानकारी के अनुसार रिपोर्ट में बिल्डर तथा संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध गंभीर टिप्पणियां दर्ज की गईं।

अब आरोप है कि स्थानीय सरकार विभाग, सेक्टर-35, चंडीगढ़ के कुछ अधिकारी इसी परियोजना को Completion Certificate (CC) दिलाने के लिए दबाव बना रहे हैं। यदि इस प्रकार के कथित अवैध निर्माण को Completion Certificate जारी किया जाता है, तो यह न केवल कानून का उल्लंघन होगा बल्कि आम जनता के हितों पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालेगा।

परियोजना में पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। यदि इसे Completion Certificate मिल जाता है, तो पहले से ही गंभीर ट्रैफिक जाम की समस्या और बढ़ जाएगी। आरोप है कि जिस सड़क की वास्तविक चौड़ाई लगभग 60 फुट है, उसे नक्शा स्वीकृत कराने के समय 40 फुट दर्शाया गया। इसके अतिरिक्त, परियोजना को Stand Alone Project के रूप में प्रस्तुत किया गया, जबकि वास्तविक स्थिति अलग बताई जा रही है। बिल्डर ने दो अलग-अलग नक्शों के आधार पर स्वीकृतियां प्राप्त की तथा सीढ़ियां और अन्य संरचनाएं स्वीकृत योजना से हटकर बनाई गईं।

अब गंभीर मामला : बेटा लकवय कंसलटेंट , बाप सबसे बड़ा अधिकारी STP,same विभाग

हम स्थानीय सरकार विभाग से मांग करते हैं कि इस पूरे मामले की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए, दोषी अधिकारियों एवं बिल्डर के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए तथा जांच पूरी होने तक इस परियोजना को किसी भी प्रकार का Completion Certificate जारी न किया जाए।

यदि सभी आपत्तियों, जांच रिपोर्टों और लंबित विवादों के बावजूद इस परियोजना को Completion Certificate जारी किया जाता है, तो हम भ्रष्टाचार एवं नियमों के कथित उल्लंघन के विरुद्ध न्यायालय का दरवाजा खटखटाने के लिए बाध्य होंगे।

— सुखदेव चौधरी

सामाजिक कार्यकर्ता एवं शिकायतकर्ता

ज़ीरकपुर 8872277782