लाइव कैलेंडर

March 2026
M T W T F S S
 1
2345678
9101112131415
16171819202122
23242526272829
3031  

LIVE FM सुनें

India News24x7 Live

Online Latest Breaking News

आखिर किस आई.ए.एस अधिकारी के साथ जुड़े हैं पी.एस.आई.ई.सी. के प्राईवेट सैक्रेटरी के तार ?….

पंजाब लघु उद्योग एवं निर्यात निगम (पीएसआईईसी) में प्रबंध निदेशक के प्राईवेट सैक्रेटरी मनोहर डबराल द्वारा एक आई.एस.एस. अधिकारी के नाम पर डेढ़ लाख रुपये की कीमत वाला मोबाईल फोन मांगने का मामला तूल पकड़ चुका है। निगम कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने इस भ्रष्टाचार के तार मुख्य मंत्री पंजाब के आफिस में तैनात एक आई.ए.एस. अधिकारी से जुड़े होने के आरोप लगाते हुए उच्च स्तरीय विजीलेंस जांच करवाने की मांग की है।

आज यहां एक प्रेस कान्फ्रेंस को संबोधित करते हुए पी.एस.आई.ई.सी. कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों में तारा सिंह, दीप राम, बलवंत सिंह आदि ने कहा कि बेलदार से भर्ती हो कर प्राईवेट सैक्रेटरी पद तक पहुंचे मनोहर डबराल को निगम के एक अधिकारी की शिकायत पर निलंबित कर दिया गया है। शिकायत में डबराल पर आरोप है कि वह शिकायतकता डी.जी.एम. को दूसरे आफिस का चार्ज दिलवाने के इवज में मुख्य मंत्री पंजाब भगवंत मान के कार्यालय में तैनात आई.ए.एस. के नाम पर करीब डेढ़ लाख रुपये की कीमत का मोबाईल फोन मांग रहा था।

उन्होंने कहा कि मनोहर डबराल को सिर्फ सस्पेंड करने से इस भ्रष्टाचार की जड़ खत्म नहीं होगी, बल्कि मामले की जड़ तक जांच होना जरूरी है ताकि जिस आई.ए.एस. ने डेढ़ लाख रुपये वाला मोबाईल फोन मांगा है, उस अधिकारी को भी सलाखों के पीछे भेजना जरूरी है। उन्होंने आगे कहा कि यहां सवाल सिर्फ मोबाइल फोन मांगने का नहीं है, बल्कि लंबे समय से चले आ रहे भ्रष्टाचार की शृंखला को जोडऩे का भी सवाल है। सच तो यह है कि अगर वह आई.ए.एस. यदि अधिकारी से पूछताछ करके जांच नहीं की गई तो वह अपने पद पर रहते हुए इस प्राईवेट सैक्रेटरी को बचाने का पूरा प्रयास करता रहेगा।

कर्मचारी नेताओं ने कहा कि यह कोई नई बात नहीं है, आई.ए.एस. अधिकारी पहले तो आउटसोर्सिंग के जरिए अपने विभाग में कच्चे कर्मचारियों की भर्ती करते हैं और फिर उनसे अपने घरों में काम करवाकर धीरे-धीरे उसी विभाग में पक्की नौकरी पर लगा देते हैं। फिर ऐसे कर्मचारी अपने आकाओं की जरूरतों को पूरा करने के लिए सीधे असीधे रूप से रिश्वतखोरी करते रहते हैं।

उन्होंने मांग की कि पी.एस.आई.ई.सी में एम.डी. कार्यालय द्वारा मनोरंजन पर किये गये खर्च एवं वाहनों के दुरुपयोग की भी उच्च स्तरीय जांच करवाई जाये ताकि सरकारी खजाने की लूट का भी अनुमान लगाया जा सके।

उन्होंने कहा कि कुछ बड़े भ्रष्टाचारी अधिकारियों की वजह से निगम बर्बादी के कगार पर है। नियमित भर्ती की फाईल पिछले तीन साल से सरकार के पास लंबित है। नौकरशाह और राजनेता अपने पद का दुरुपयोग कर रहे हैं और आउटसोर्सिंग के आधार पर अपने करीबियों की भर्ती कर रहे हैं।

पी.एस.आई.ई.सी. स्टाफ एसोसिएशन के उक्त नेताओं ने कहा कि एसोसिएशन सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए नवंबर के तीसरे सप्ताह में राज्य स्तरीय निगम बचाव रैली भी करेंगे