एक ही दिन में 90 रक्तदान शिविर लगाकर 6,000 से अधिक यूनिट रक्त एकत्र करने के लिए मिले दो सम्मान…
चंडीगढ़, 9 अक्टूबर, 2026: रोटरी डिस्ट्रिक्ट 3080 की उपलब्धियों को सामने लाने के लिए सेक्टर 31, चंडीगढ़ स्थित सीआईआई ऑडिटोरियम में ‘उत्कर्ष – 100 डेज ऑफ अनस्टॉपेबल रोटरी 3080’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान डिस्ट्रिक्ट गवर्नर डॉ. रीटा कालरा ने मीडिया को संबोधित करते हुए बताया कि रोटरी डिस्ट्रिक्ट 3080 को एक ही दिन में सबसे अधिक रक्तदाताओं को जोड़ने और सबसे अधिक रक्तदान शिविर आयोजित करने के लिए इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स से दो सम्मान मिले हैं। ये रिकॉर्ड सितम्बर 25 को आयोजित ‘रक्तदान महाकुंभ’ के दौरान बनाए गए।
डॉ. रीटा कालरा ने ‘उत्कर्ष’ इवेंट के मौके पर मीडिया को संबोधित किया। इस अवसर पर उनके साथ दीपक गुप्ता, जिला सचिव; नलिन कपूर, जिला कार्यकारी सचिव; डॉ. संजय कालरा, इंटरनेशनल सर्विस चेयर; और मोहित सिंगला, जिला सचिव भी उपस्थित रहे।
मीडिया से बातचीत करते हुए डॉ. कालरा ने कहा, “यह सम्मान केवल रिकॉर्ड बनाने या किसी संख्या तक पहुंचने के बारे में नहीं है। यह हमारे सामूहिक प्रयास, टीम वर्क और ‘स्वयं से पहले सेवा’ की रोटरी भावना को दर्शाता है। हर रक्तदाता किसी व्यक्ति को नया जीवन देने का अवसर प्रदान कर सकता है और यही इस उपलब्धि का असली महत्व है।”
गौरतलब है कि ये सम्मान डॉ. रीटा कालरा के डिस्ट्रिक्ट गवर्नर के रूप में कार्यकाल के पहले 100 दिन पूरे होने के अवसर पर आयोजित ‘उत्कर्ष – 100 डेज ऑफ अनस्टॉपेबल रोटरी 3080’ कार्यक्रम में प्रदान किए गए।
रिकॉर्ड बनाने वाले रक्तदान महाकुंभ में रोटरी के 100 से अधिक क्लबों, करीब 100 ब्लड बैंकों, सहयोगी संगठनों, स्वयंसेवकों और हजारों रक्तदाताओं ने हिस्सा लिया। एक ही दिन में कुल 90 रक्तदान शिविर लगाए गए, जिनमें 6,000 से अधिक यूनिट रक्त एकत्र किया गया। इस तरह पहले के 3,400 यूनिट रक्त के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया गया।
डॉ. कालरा ने बताया कि इस अभियान को सफल बनाने के लिए व्यापक योजना तैयार की गई थी। जमीनी स्तर पर बेहतर तालमेल और रिकॉर्ड की जांच के लिए विशेष व्यवस्था की गई। पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 11 विशेष टीमें तैनात की गईं। इन टीमों ने रोटरी क्लबों और ब्लड बैंकों के साथ समन्वय किया, गतिविधियों पर नजर रखी और रिपोर्ट तैयार करने में मदद की। रिकॉर्ड की पारदर्शिता और प्रमाणिकता सुनिश्चित करने के लिए जियो-टैग की गई तस्वीरें, ब्लड बैंकों के प्रमाण पत्र और रक्तदाताओं का रिकॉर्ड भी एकत्र किया गया।
एक अन्य महत्वपूर्ण उपलब्धि के तहत रोटरी डिस्ट्रिक्ट 3080 ने जोन 4 इंडिया में सदस्य संख्या बढ़ाने के मामले में सबसे अधिक वृद्धि दर्ज करने वाले डिस्ट्रिक्टों में जगह बनाई। इसके अलावा, भारत सरकार के वाणिज्य मंत्रालय ने डॉ. रीता कालरा को ‘सोशल इम्पैक्ट लीडर’ के रूप में भी सम्मानित किया।
जनता तक जानकारी पहुंचाने और संवाद को बेहतर बनाने के लिए ‘रोटरी बेसिक्स’ ऑडियोबुक शुरू की गई। इसके साथ ही ‘रोटरी मार्गदर्शिका’ और रोटरी से जुड़ी छह पुस्तकों का प्रकाशन किया गया। डिस्ट्रिक्ट की वेबसाइट, मीडिया के साथ संपर्क और डिजिटल माध्यमों पर लोगों की भागीदारी बढ़ाने के प्रयास भी जारी रहे।
कौशल विकास और रोजगार के क्षेत्र में 50 से अधिक हुनर और रोटरी व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्र युवाओं और महिलाओं को रोजगार से जुड़े कौशल सिखा रहे हैं। ‘एआई चैंपियंस’ पहल के तहत 2,500 से अधिक विद्यार्थियों को भविष्य में काम आने वाली जानकारी और कौशल दिए गए हैं। इसके अलावा, ड्राइवरों के कौशल विकास, छोटे ऋण, रोजगार मेलों और इंटर्नशिप के माध्यम से रोजगार और अपना काम शुरू करने के अवसर बढ़ाए गए हैं। छह राज्यों में 50 से अधिक केंद्रों के जरिए 5,000 से ज्यादा युवाओं तक कौशल विकास की सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं।
पर्यावरण संरक्षण भी रोटरी की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल रहा। इसके तहत मियावाकी वन, नैनोवन, ऑक्सी वॉल और पौधारोपण अभियान चलाए गए। इस दौरान एक लाख से अधिक पेड़ लगाए गए, जबकि 30,000 से अधिक सहजन के पौधे बांटे गए।
स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में रोटरी ने स्वास्थ्य जांच और आंखों की जांच के शिविर लगाए। मोतियाबिंद के ऑपरेशन, कटे होंठ और तालू की सर्जरी, एचपीवी टीकाकरण और कैंसर की जांच के लिए ‘प्रोजेक्ट आस्था’ तथा टीबी के मरीजों को पोषण सहायता देने जैसे कार्य भी किए गए।
‘प्रोजेक्ट अन्नपूर्णा’ के तहत 200 से अधिक सेवा कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनके माध्यम से जरूरतमंद लोगों को 50,000 से अधिक भोजन उपलब्ध कराए गए। वहीं, ‘प्रोजेक्ट चेतना’ के तहत महिलाओं और किशोरियों को मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता के प्रति जागरूक करने पर ध्यान दिया गया।
‘उत्कर्ष’ कार्यक्रम में रोटरी सदस्य, सहयोगी संगठन और सामुदायिक प्रतिनिधि शामिल हुए। इस दौरान आपसी बातचीत, उपलब्धियों का सम्मान और मेल-मिलाप हुआ। कार्यक्रम में इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स से मिले दोनों सम्मान विशेष आकर्षण रहे। ये सम्मान रोटरी परिवार के सामूहिक प्रयासों और डॉ. रीटा कालरा के कार्यकाल के पहले 100 दिनों में हासिल की गई उपलब्धियों को दर्शाते हैं।


