मंदिर में 15 अगस्त से 24 अगस्त तक मनाया जा रहा है वार्षिक महोत्सव….
चंडीगढ़:–सेक्टर 26 बापूधाम स्थित जय माता किन्नर मंदिर में मंगलवार को सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया गया। सुंदरकांड पाठ की शुरुआत से पहले प्रभु श्रीराम, माता सीता और हनुमान जी की मूर्तियों का श्रृंगार कर धार्मिक रीति रिवाज से पूजा अर्चना की गई। तत्पश्चात के सी वैष्णव एंड पार्टी की ओर से संगीतमय शैली में सुंदरकांड का पाठ प्रस्तुत किया। अंत में महाआरती के उपरांत सभी श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया।
प्रवचनों में पंडित के सी वैष्णव ने बताया कि किसी भी शुभकार्य को करने से पूर्व सुंदरकांड पाठ करने से वह कार्य अवश्य सफल होता है। सुंदरकांड सभी कार्यों को सुंदर बनाता है। इस पाठ की विशेषता यह है कि इसके आयोजन से सभी देवी देवताओं का आशीर्वाद मिलता है। कार्यक्रम के बीच बीच में भक्तों ने जय श्री राम और हर हर महादेव का पवित्र उद्घोष किया। पूरे वातावरण में “जय श्रीराम” एवं “जय बजरंगबली” के जयघोष गूंजते रहे, जिससे मंदिर परिसर भक्तिमय हो उठा। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने कार्यक्रम में उपस्थित होकर सुंदरकांड पाठ का श्रवण किया तथा श्री हनुमान जी का आशीर्वाद प्राप्त किया।
किन्नर मंदिर की प्रमुख पुजारिन कमली माता ने बताया कि जनकल्याणर्थ सुंदरकांड पाठ किया जाता है। कार्यक्रम में के सी वैष्णव एंड पार्टी की ओर से सुंदरकांड पाठ किया गया। उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजनों से समाज में आध्यात्मिक चेतना, सामाजिक समरसता एवं आपसी भाईचारे की भावना को बल मिलता है।
प्रमुख पुजारिन माँ कमलीनन्द गिरी जी ने बताया कि जय माता मंदिर किन्नर एजुकेशनल एंड चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा आयोजित वार्षिक महोत्सव के प्रथम दिन 15 अगस्त से 24 अगस्त तक वार्षिक महोत्सव मनाया जा रहा है। इसके तहत 15 अगस्त को सुबह जन्म अष्टमी पूजन के साथ इसका शुभारंभ हुआ। 15 अगस्त की शाम को तीज का कार्यक्रम हुआ। इसके बाद गुग्गा जाहरवीर जी नेजा पूजा आराधना की गई। 16 अगस्त को सुबह 9 बजे नगर खेडा का विधिवत धार्मिक रीति रिवाज से श्रृंगार और अभिषेक पूजन किया गया।
उन्होंने कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी देते हुए आगे बताया कि बीते कल 17 अगस्त को शाम 5 बजे शिव रुद्राभिषेक का आयोजन किया गया। आज 18 अगस्त को मंदिर चौकी, माता का भोग एवं सुंदरकांड पाठ आयोजित किया गया। इसी तरह से 19 अगस्त बुधवार को अखंड ज्योत प्रचंड, गणेश पूजन नेजा पूजन एवं गुणगान शाम 5:00 बजे आयोजित किया जाएगा। 20 अगस्त (गुरुवार) को शाम 4 बजे से धूना पूजन एवं पीर की चादर नियाज के बाद शाम 7:00 बजे बाबा जी का गुणगान होगा।
प्रमुख पुजारिन माँ कमलीनन्द गिरी जी ने बताया कि महोत्सव के विशेष कार्यक्रम के तहत 21 अगस्त (शुक्रवार) को सुबह 9.30 बजे मंडी मन्दिर से शक्ति कलश, जल कलश, दूध कलश यात्रा का आयोजन किया जाएगा। दोपहर 12 बजे माता का विशेष अभिषेक व प्रसाद होगा। शाम 5 बजे, मंडी मन्दिर से ही त्रिशूल यात्रा एवं अग्नि कलश यात्रा निकाली जाएगी। रात 9.00 बजे माता का झूला उत्सव होगा। 21 अगस्त को श्री श्री किन्नर अखाड़ा की आचार्य महामंडलेश्वर डॉक्टर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी जी भी इस अवसर पर विशेष रूप से उपस्थित रहेंगी और अपने तीन दिवसीय प्रवास के दौरान महोत्सव के कार्यक्रमों में शामिल होंगी। उन्होंने आगे बताया कि 22 अगस्त (शनिवार) को गुगा जाहरवीर जी का अभिषेक पूजा आराधना शाम 5 बजे और शाम 7 बजे बाला जी का संकीर्तन होगा। माता कमलानंद गिरी जी ने बताया कि रविवार 23 अगस्त को दोपहर 2 बजे रथ यात्रा और रात 9 बजे हरियाली पूजन आयोजित होगा। 24 अगस्त दिन सोमवार 24 अगस्त को शाम 6 बजे 108 ज्योत पूजन होगा और 108 सुहागिनों को सुहाग चूड़ा बांटा जाएगा।अंतिम दिन 25 अगस्त मंगलवार को शाम 8 बजे खेड़ा जी के गुणगान के साथ महोत्सव का समापन हो जाएगा।
उन्होंने बताया कि 09 दिवसीय इस वार्षिक महोत्सव में भक्तगणों के लिए दोनों समय लँगर का भी प्रबंध किया गया है।


