वरिष्ठ भाजपा नेता संजय टंडन ने चंडीगढ़ के प्रशासक से हेडमास्टरों के वेतन में असमानता का मुद्दा उठाया….
चंडीगढ़, 17 अगस्त 2026: वरिष्ठ भाजपा नेता संजय टंडन, जो भाजपा की राष्ट्रीय परिषद के सदस्य और हिमाचल प्रदेश भाजपा के सह-प्रभारी भी हैं, ने अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के एक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया। प्रतिनिधिमंडल ने पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात कर चंडीगढ़ के हेडमास्टरों के लंबे समय से लंबित वेतन संबंधी समस्या का समाधान करने की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल में डॉ. धर्मेंद्र शास्त्री, संयोगिता, हरमनीत कौर और अनुराधा गुप्ता शामिल थे।
प्रशासक के सामने यह मुद्दा रखते हुए संजय टंडन ने बताया कि 1 अप्रैल 2022 से चंडीगढ़ में केंद्रीय वेतनमान और केंद्रीय सेवा नियम लागू होने के बाद करीब 45 कार्यरत हेडमास्टरों और हाल ही में सेवानिवृत्त हुए हेडमास्टरों के वेतन में अंतर की समस्या पैदा हो गई है।
उन्होंने बताया कि माध्यमिक स्कूलों में टीजीटी पद से प्रमोशन पाकर हेडमास्टर बने शिक्षकों को अभी भी टीजीटी वाला वेतनमान ही मिल रहा है, जबकि वे उससे ऊंचे पद की जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। प्रतिनिधिमंडल ने हेडमास्टरों को उनके पद के अनुसार उचित और उच्च वेतनमान देने की मांग की। यह मामला करीब तीन वर्षों से लंबित है।
संजय टंडन ने कहा कि जब किसी कर्मचारी को ऊंचे पद पर प्रमोशन मिलता है तो उसकी जिम्मेदारियां भी बढ़ती हैं। इसलिए उसे उस पद के अनुसार मिलने वाला वेतन और अन्य लाभ भी मिलने चाहिए। हेडमास्टरों के वेतन में असमानता का मुद्दा सही और जायज है तथा इसका निष्पक्ष और समय पर समाधान होना चाहिए। उन्होंने प्रशासक से अनुरोध किया कि इस मामले पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करके लागू नियमों के अनुसार इसका समाधान किया जाए।
प्रतिनिधिमंडल की बात सुनने के बाद प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने भरोसा दिलाया कि वे इस मामले को शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उठाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि नए सचिवालय में होने वाली जनसुनवाई के दौरान संबंधित अधिकारियों के साथ इस मुद्दे पर चर्चा की जाएगी, ताकि इसका उचित समाधान निकाला जा सके।
संजय टंडन ने प्रतिनिधिमंडल की बात धैर्यपूर्वक सुनने और मामले पर जल्द विचार करने का आश्वासन देने के लिए प्रशासक का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि शिक्षकों और स्कूल प्रमुखों की जायज समस्याओं पर समय रहते ध्यान दिया जाना चाहिए और उनका उचित समाधान होना चाहिए।
प्रतिनिधिमंडल ने भी संजय टंडन का धन्यवाद किया कि उन्होंने उनकी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए प्रशासक के सामने उठाया।


