विकसित भारत 2047′ के लक्ष्य के साथ लिया गया सामूहिक संकल्प….
मंडी गोबिंदगढ़, अगस्त 17: देश की आजादी के 80वें वर्ष के अवसर पर देश भगत यूनिवर्सिटी, मंडी गोबिंदगढ़ के परिसर में स्वतंत्रता दिवस का पर्व अत्यंत हर्ष, उल्लास और देशभक्ति की भावना के साथ मनाया गया। इस वर्ष के समारोह की थीम ‘विकसित भारत @ 2047’ और मंत्र ‘संकल्प से सिद्धि’ रखा गया था।
कार्यक्रम का आयोजन विश्वविद्यालय के शहीद-ए-आज़म सरदार भगत सिंह मेमोरियल और सरदार लाल सिंह मेमोरियल पर किया गया। समारोह में मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय के माननीय कुलाधिपति डॉ. जोरा सिंह, विशिष्ट अतिथि प्रो-कुलाधिपति डॉ. तेजिंदर कौर, कुलपति डॉ.हर्ष सदावर्ती, डॉ. रवि बेदी सहित सभी डीन, विभागाध्यक्ष, संकाय सदस्य, कर्मचारी और सैकड़ों की संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
समारोह की शुरुआत गणमान्य अतिथियों के आगमन के साथ हुई। सर्वप्रथम सभी ने शहीद-ए-आज़म सरदार भगत सिंह जी के स्मारक पर पहुंचकर उन्हें पुष्प अर्पित किए। इस अवसर पर दो मिनट का मौन रखकर देश की आजादी के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले सभी वीर शहीदों को नमन किया गया।
इसके पश्चात सभी स्टाफ, छात्र और गणमान्य अतिथि सरदार लाल सिंह जी के स्मारक पर पहुंचे। सरदार लाल सिंह जी पंजाब के एक महान स्वतंत्रता सेनानी, शिक्षाविद और समाजसेवी थे। माननीय कुलाधिपति महोदय, प्रो-कुलाधिपति महोदया, अध्यक्ष महोदय, कुलपति महोदय एवं अन्य अतिथियों द्वारा सरदार लाल सिंह जी को पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किए गए।
माननीय चांसलर डॉ . जोरा सिंह द्वारा राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया। जैसे ही तिरंगा लहराया, पूरे परिसर में “भारत माता की जय” और “वंदे मातरम्” के नारों से गूंज उठा। ध्वजारोहण के पश्चात सभी ने एक स्वर में राष्ट्रगान गाया।
इस अवसर पर एंकर डॉ. अजयपाल सिंह ने कहा कि “तिरंगे का केसरिया रंग त्याग और बलिदान का प्रतीक है, सफेद रंग शांति और सत्य का प्रतीक है, और हरा रंग समृद्धि का प्रतीक है।
ध्वजारोहण के बाद विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर डॉ. हर्ष सदावर्ती ने समस्त उपस्थित जनसमूह को संबोधित किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि “आज हम आजादी का अमृत काल मना रहे हैं। हमारे प्रधानमंत्री नरेंदर मोदी ने 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया है। इस संकल्प को पूरा करने में शिक्षा संस्थानों की सबसे बड़ी भूमिका है।
देश भगत यूनिवर्सिटी का भी यही लक्ष्य है कि हम अपने छात्रों को न केवल डिग्री दें, बल्कि उन्हें एक अच्छा नागरिक और राष्ट्र निर्माता भी बनाएं। हमारा मंत्र है ‘संकल्प से सिद्धि’। यदि हमने ठान लिया कि हमें भ्रष्टाचार मुक्त, स्वच्छ और आत्मनिर्भर भारत बनाना है, तो कोई भी ताकत हमें रोक नहीं सकती। आज के युवा ही कल का भारत हैं। आप सभी से मेरा आग्रह है कि अपने-अपने क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त करें और देश के विकास में अपना योगदान दें।”
कार्यक्रम में शैक्षणिक और सांस्कृतिक क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों डॉ. अजय गुप्ता एवं डॉ. रजनीश परिमू सहित अन्य को माननीय कुलाधिपति महोदय एवं अन्य गणमान्य अतिथियों के द्वारा पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए।
कुलाधिपति डॉ . जोरा सिंह ने कहा कि “किसी भी संस्थान की सफलता के पीछे उसके मेहनती कर्मचारियों का बड़ा योगदान होता है।” उन्होंने पुरस्कार पाने वाले सभी विजेताओं को विश्वविद्यालय परिवार की ओर से हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी । इसके पश्चात रंगारंग देशभक्ति सांस्कृतिक कार्यक्रम की शुरुआत हुई,जिसमें देशभक्ति गीत, नृत्य, कविता एवं भाषण प्रस्तुत किये गये।
अंत में सभी ने राष्ट्रगीत वंदे मातरम और देश भगत यूनिवर्सिटी का कुलगीत गाया। कुलगीत के बाद गणमान्य अतिथियों द्वारा मिठाई वितरण की गई ।
इस समारोह को सफल बनाने में विश्वविद्यालय के सभी डीन, विभागाध्यक्ष, प्राध्यापक, प्रशासनिक अधिकारी और कर्मचारी का विशेष योगदान रहा। एनएसएस, एनसीसी और विभिन्न क्लबों के छात्रों ने अनुशासन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कार्यक्रम के अंत में मंच संचालन कर रहे प्रोफेसर डॉ. अजयपाल सिंह ने सभी अतिथियों, फैकल्टी, स्टाफ और छात्रों का आभार व्यक्त किया और कहा कि “आज का यह दिन हमें याद दिलाता है कि आजादी आसानी से नहीं मिली है। समारोह का समापन “जय हिंद! भारत माता की जय! वंदे मातरम्!” के नारों के साथ हुआ।


