लाइव कैलेंडर

September 2026
M T W T F S S
 123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
282930  

LIVE FM सुनें

India News24x7 Live

Online Latest Breaking News

पंजाब सरकार परिवहन विभाग को कर रही नजरअंदाज, 3 अगस्त से करेंगे चक्का जाम: रेशम सिंह गिल….

आज पंजाब रोडवेज/पनबस/पी.ਆਰ.ਟੀ.ਸੀ. कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन पंजाब (25/11) द्वारा चंडीगढ़ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया।

प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए सूबा प्रधान रेशम सिंह गिल ने कहा कि सत्ता में आने के समय सरकार ने कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने और ठेकेदारी प्रथा को खत्म कर पूरी वेतन प्रणाली लागू करने के बड़े-बड़े वादे किए थे। लेकिन 4 साल से अधिक समय बीत जाने के बावजूद बैठकों के अलावा कुछ नहीं हुआ। सरकार के साथ अब तक लगभग 70 बैठकें हो चुकी हैं, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन देकर समय बिताया जा रहा है। कर्मचारियों को पक्का करने के नाम पर बनाई गई सब-कमेटी के 4 साल बीत जाने के बाद भी कोई नतीजा सामने नहीं आया है।

उन्होंने आरोप लगाया कि ठेकेदारी सिस्टम के जरिए कर्मचारियों का भारी शोषण हो रहा है और EPF तथा ESI के नाम पर करोड़ों रुपये की लूट की गई है। विभाग में भ्रष्टाचार चरम पर है। 19-12-2022 की बैठक में चीफ सेक्रेटरी पंजाब को दिए गए भ्रष्टाचार के सबूतों के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई, बल्कि भ्रष्ट अधिकारियों को मुख्य पदों पर बैठाकर विभाग को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। मौजूदा सरकार के कार्यकाल में करीब 800 बसें कबाड़ (कंडम) हो चुकी हैं, लेकिन एक भी नई बस शामिल नहीं की गई। रूट प्राइवेट कंपनियों को सौंपे जा रहे हैं और टाइम-टेबल में बड़े घोटाले किए जा रहे हैं।

किलोमीटर स्कीम से निजीकरण की साजिश

सूबा जनरल सचिव शमशेर सिंह ढिल्लों और सीनियर उप-प्रधान हरकेश कुमार विक्की ने कहा कि सरकार कर्मचारियों पर जबरन स्पेशल कैडर पॉलिसी लागू करने की कोशिश कर रही है। विभाग के अनुभवी PCS अधिकारियों की जगह सबसे जूनियर अधिकारियों को तैनात किया गया है जो फैसले लेने में असमर्थ हैं।

उन्होंने बताया कि अपनी नाकामी और भ्रष्टाचार को छिपाने के लिए सरकार ‘किलोमीटर स्कीम’ के तहत बसें चलाकर विभाग का निजीकरण कर रही है। भीषण गर्मी के बावजूद विभाग की लगभग 400 साधारण बसों और 35 वॉल्वो बसों को स्पेयर पार्ट्स, टायर और बैटरियों की कमी का बहाना बनाकर खड़ा रखा गया है, ताकि प्राइवेट किलोमीटर बसों को फायदा पहुंचाया जा सके। इससे पंजाब रोडवेज/पनबस के रोजाना लगभग 1.5 लाख किलोमीटर मिस हो रहे हैं।

अंतिम चेतावनी और आगामी संघर्ष की रूपरेखा

सूबा कैशियर बलजीत सिंह, संयुक्त सचिव जलौर सिंह और उप-प्रधान जतिंदर सिंह दीदारगढ़ ने बताया कि 24 जून 2026 की बैठक में सरकार ने 10 दिन का समय मांगा था, लेकिन तय समय बीत जाने के बाद भी कोई हल नहीं निकाला गया। हाल ही में न्यूनतम वेतन में 15% की वृद्धि का फैसला भी 2 महीने बाद हड़ताल करने पर लागू किया गया, जिससे सरकार की नीयत साफ जाहिर होती है।

यूनियन ने सरकार को चेतावनी देते हुए अपने आगामी आंदोलनों की घोषणा की:

27 जुलाई 2026: पंजाब के सभी डिपो के गेटों पर गेट रैलियां की जाएंगी।

3, 4 और 5 अगस्त 2026: 3 दिवसीय पूर्ण हड़ताल (चक्का जाम) की जाएगी तथा परिवहन मंत्री/मुख्यमंत्री पंजाब के निवास स्थान के समक्ष धरना दिया जाएगा।

मानसून सत्र के दौरान: मुख्यमंत्री आवास के समक्ष धरने के साथ-साथ भूख हड़ताल की जाएगी।

अपरिहार्य कदम: यदि सरकार ने फिर भी मांगे पूरी नहीं की और जेल में बंद साथियों के पर्चे रद्द न किए, तो यह हड़ताल अनिश्चितकालीन (Un-announced/Indefinite) की जाएगी और सरकार की राजनीतिक रैलियों का पूर्ण बहिष्कार किया जाएगा।

जारीकर्ता:

पंजाब रोडवेज/पनबस/पी.ਆਰ.ਟੀ.ਸੀ. कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन, पंजाब (25/11)