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केरौके संगीत से ग्लो बल आर्ट क्रिएशनज़ ने साहिर लुधियानवी को किया याद….

हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में साहिर लुधियानवी का नाम किसी परिचय का मोहताज नहीं है। इस महान लेखक और विचारक को अपने चाहने वालों की भी कोई कमी नहीं है, उनके लिखे फिल्मी गीतों को गाकर उनके प्रति एक संगीतमय श्रद्धांजलि ग्लो बल आर्ट क्रिएशन द्वारा अर्पित की गयी। ग्लो बल क्रिएशन आर्ट के संस्थापक डॉ. मनजीत सिंह बल एक बेहतरीन कलाकार है जो अलग-अलग समय पर इस तरह के संगीतमय कार्यक्रम आयोजित करते रहते हैं। इस बार उन्होंने अपने कार्यक्रम को साहिर लुधियानवी के प्रति समर्पित किया। उनका मानना है कि साहिर के गीत न केवल समाज के प्रति समर्पित हैं बल्कि समाज की और इंसान की कुरीतियों का एक जीवंत आईना है। इस कार्यक्रम में लोगों ने अपने सुरीले अंदाज में साहिर के गीतों को आत्म सात करके गाया । मंच का संचालन बेहद सधे हुए अंदाज में मृदभाषी और शालीन गुलशन सोनी ने किया। अपने संचालन में उन्होंने एक बार भी किसी को यह एहसास होने नहीं दिया कि किसी को तवज्जो नहीं मिली। *खून अपना हो या पराया हो, नस्ले आदम का खून है आखिर* इन पंक्तियों से डॉक्टर बल ने संगीत के कार्यक्रम की शुरुआत की। एक के बाद एक गायक अपनी-अपनी गायकी से रंग बिखेरते रहे और कार्यक्रम को जीवंत बना दिया। क्रमशः रंग और नूर की बारात-आर.सी. दास; ना तू जमी के लिए-जयदीप सिंह; तुम भी चलो, हम भी चलें-एम. पी. सिंह; मैं जिंदगी का साथ निभाता चला गया-केवल सरीन; तदबीर से बिगड़ी हुई- लिली गुप्ता; आगे भी जाने ना तू- गुलशन सोनी;, ए मेरी ज़ोहरा ज़बीं-डी.पी. शर्मा; दिल कहे रुक जा रे रुक जा- राम आनंद; पोंछ कर अश्क अपनी आंखों से-स्वामी बागवान; कौन आया कि निगाहों में चमक- सुनीता, मेरे दिल में आज क्या है-विक्की संधू; तुझको पुकारे मेरा प्यार-कँवल बक्शी; किसका रस्ता देखें-ब्रिगेडियर . हरजीत पुरी; इतनी हसीन इतनी जवां रात क्या करें- अशोक कुमार;, तुम एक बार मोहब्बत का इम्तिहान तो लो-गुरप्रताप सिंह; वो सुबहा कभी तो आयेगी-आर. एन.गुप्ता; ये परबतों के दायरे-किशोर शर्मा व गुलशन सोनी; ने अपनी गायकी से माहौल संगीतमय बना दिया। डॉ मंजीत बल ने लोगों का सहयोग मांगते हुए गाया *तुम अगर साथ देने का वादा करो* मैं यूँही मस्त नगमे लुटाता रहुँ. बहुत शानदार इस समारोह की हिस्सा लेने वाले सभी लोगों ने मुक्त कंठ से डॉ बल प्रशंसा की। कार्यक्रम में पहले दूसरे तीसरे स्थान के लिए हिडेन कम्पटीशन भी था, जजों के जजमेंट के मुताबिक, दो पहले इनाम विक्की संधू और अशोक कुमार को; दो सेकेंड प्राइज जय दीप सिंह और स्वामी भगवान; दो थर्ड प्राइज राम आनन्द और रमेश अनेजा जी को जबकि दो कंसोलशन प्राइज महिंदर पाल सिंह और डी पी शर्मा जी को दिए गए।

ब्रिगेडियर पूरी और कर्नल चीमा ने प्राइज वितरण किए। कार्यक्रम के पश्चात डॉक्टर बल ने सभी उपस्थित लोगों का तहे दिल से धन्यवाद करते हुए कहा कि वह जल्द ही इसी तरह का एक और संगीतमय प्रोग्राम लेकर आएंगे।