लाइव कैलेंडर

August 2026
M T W T F S S
 12
3456789
10111213141516
17181920212223
24252627282930
31  

LIVE FM सुनें

India News24x7 Live

Online Latest Breaking News

धान घोटाले की ‘काली जांच’ पर भडक़े किसान, काले कपड़े पहन फूटा ग़ुस्सा….

चंडीगढ़। प्रदेश में धान खरीद प्रक्रिया में हुए करोड़ों रुपये के घोटाले की निष्पक्ष जांच की मांग अब आंदोलन का रूप ले चुकी है। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के प्रदेश अध्यक्ष रतनमान के नेतृत्व में किसानों ने करनाल में काले कपड़े पहनकर जोरदार विरोध प्रदर्शन करते हुए प्रशासन और सरकार पर काली जांच के नाम पर सच्चाई दबाने का आरोप लगाया। किसानों ने खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के एसीएस आईएएस डी. सुरेश पर भी गंभीर आरोप लगाए। किसानों ने आरोप लगाया कि सरकार भ्रष्टाचार के मामलों में संलिप्त अधिकारियों को बचा रही है और उन्हें अहम जिम्मेदारियां सौंप रही है। किसानों का कहना था कि जब तक धान घोटाले में शामिल सभी जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

गुरुवार को करनाल स्थित जाट धर्मशाला से काले कपड़े और काले बिल्ले लगाकर हजारों किसान पैदल मार्च करते हुए जिला सचिवालय पहुंचे। वहां उन्होंने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर स्पष्ट चेतावनी दी कि अगर धान घोटाले की पारदर्शी जांच नहीं हुई तो राज्यव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा।

भाकियू प्रदेश अध्यक्ष रतनमान ने कहा कि किसानों के खून-पसीने की कमाई पर कुछ अफसर, बिचौलिए और राजनीतिक लोग डाका डाल रहे हैं। सरकार ने घोटाले की जांच को काली जांच में बदलकर दोषियों को बचाने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि मंडियों और खरीद केंद्रों पर लंबे समय से गड़बडिय़ों की शिकायतें दी जा रही थीं, लेकिन सरकार ने उन्हें नजऱअंदाज़ कर दिया। अब जब घोटाला उजागर हुआ है, तो उसे दबाने का खेल शुरू हो गया है।

किसानों का कहना है कि आईएएस डी. सुरेश पर भ्रष्टाचार के आरोप लग चुके हैं, जिनकी जांच अभी पूरी भी नहीं हुई है। इसके बावजूद उन्हें खाद्य एवं आपूर्ति विभाग का मुखिया लगाकर बड़ी जिम्मेदारी सौंपे जाने से किसानों और आम जनता में गहरा रोष है। भाकियू अध्यक्ष रतन मान ने कहा कि यह संघर्ष सिर्फ एक जांच तक सीमित नहीं रहेगा यह किसानों की इज्जत, मेहनत और अधिकारों की लड़ाई है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे इस आंदोलन में एकजुट होकर हिस्सा लें और सरकार को दिखा दें कि किसान अब चुप नहीं बैठेगा।