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राहुल गाँधी ने खाई है वैश्विक मंच पर भारत को कमजोर करने की कसम: देवशाली….

भारतीय सेना पर राहुल गांधी की टिप्पणी को लेकर सर्वोच्च न्यायालय द्वारा उन्हें फटकार लगाए जाने पर नगर निगम चंडीगढ़ के पूर्व पार्षद शक्ति प्रकाश देवशाली ने कांग्रेस नेता पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि उन्होंने “भारतवासियों को गुमराह करने और वैश्विक मंच पर भारत को कमजोर करने” की कसम खाई है।

देवशाली ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय की फटकार से यह साबित होता है कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के नेता राहुल गांधी ने तथ्यों और राष्ट्रीय हितों की घोर अवहेलना की है। भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने श्री गांधी को उनके आरोपों के लिए कड़ी फटकार लगाई जिसमें उन्होंने कहा था कि चीन ने भारतीय क्षेत्र पर कब्जा कर लिया है। एक प्रमुख राजनीतिक हस्ती की ओर से दिए गए ऐसे बयान न केवल जनता को गुमराह करते हैं, बल्कि भारत के कूटनीतिक प्रयासों और राष्ट्रीय सुरक्षा को भी नुकसान पहुँचाते हैं। दो देशों की सेनाओं के बीच आमने-सामने की झड़प में राष्ट्र-रक्षा में अपने प्राणों की आहुति देने वाले सैनिकों के प्रति यह कहना कि, हमारे सैनिकों को पीटा गया और मारा गया, निश्चित रूप से सैनिकों का अपमान है। जबकि सच्चाई यह है कि भारतीय सैनिकों ने वीरतापूर्वक मुकाबला किया और चीनी सैनिकों को वहां से खदेड़ा। भारतीय सेना और सैनिकों के अपमान के लिए गाँधी परिवार को सार्वजनिक क्षमा मांगनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा की गई आलोचना राष्ट्रीय सीमाओं जैसे संवेदनशील मुद्दों पर निराधार और गैर-ज़िम्मेदाराना टिप्पणी करने की गंभीरता को रेखांकित करती है। ये निराधार दावे हमारे दुश्मन देशों के हित में हैं और भारत की संप्रभुता और देश की ज़मीन के एक-एक इंच की सुरक्षा के लिए सरकार के सक्रिय प्रयासों के बारे में सच्चाई को तोड़-मरोड़ कर पेश करते हैं।

देवशाली ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि राहुल गांधी भारतीय नागरिकों के बीच भ्रम और संदेह फैलाकर राष्ट्र की एकता और अखंडता को संकट में डाल रहे हैं। राजनेताओं का नैतिक दायित्व है कि राजनीतिक स्वार्थपूर्ति हेतु गलत बयानबाजी न करें। सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी से यह स्पष्ट है कि गलत सूचना और राजनीतिक स्वार्थपूर्ति हेतु दिए जाने वाले लापरवाह बयानों पर लगाम लगानी अति आवश्यक है।