लाइव कैलेंडर

February 2026
M T W T F S S
 1
2345678
9101112131415
16171819202122
232425262728  

LIVE FM सुनें

India News24x7 Live

Online Latest Breaking News

राज्यसभा सांसद डॉ. अशोक कुमार मित्तल ने विमान सुरक्षा नियमों का मुद्दा उठाया….

चंडीगढ़ (अमरपाल नूरपुरी):– मानसून सत्र के पहले दिन आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद और लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) के फाउंडर, चांसलर डॉ. अशोक कुमार मित्तल ने भारत में विमान सुरक्षा नियमों को बेहतर बनाने का मुद्दा उठाया। उन्होंने यह बात 12 जून को हुई एआई-171 विमान दुर्घटना के मद्देनजर कही। इस दुर्घटना में 260 लोगों की जान चली गई थी। उन्होंने राज्यसभा में पहले स्टार प्रश्न पर एक पूरक प्रश्न (सप्लीमेंटरी क्वेश्चन) भी पूछा। डॉ. मित्तल ने इंडिगो की फ्लाइट 6ई-2482 से जुड़ी एक हाल की घटना का ज़िक्र किया। यह फ्लाइट एयरबस ए320-271 विमान था और दिल्ली से पटना जा रहा था। रात के समय जब यह विमान पटना के जय प्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर लैंड कर रहा था, तो यह तय जगह से थोड़ा पहले नीचे उतरा और ज़्यादा आगे निकल जाने की वजह से बीच में ही लैंडिंग रोकनी पड़ी। इसके बाद दूसरी कोशिश में लैंडिंग सफल रही। इस घटना का हवाला देते हुए डॉ. मित्तल ने बताया कि पटना एयरपोर्ट की रनवे बहुत छोटा है और इसमें कई कमियाँ हैं। यह रनवे सिर्फ 1,617 मीटर लंबा है। यह बड़े विमानों जैसे बोइंग 777 और 787 के लिए ही नहीं, बल्कि ए320 और बी737 जैसे छोटे विमानों के लिए भी काफी नहीं है। ऐसे विमानों को आमतौर पर सुरक्षित लैंडिंग के लिए 2,500 से 3,500 मीटर लंबे रनवे की जरूरत होती है।

इस पर जवाब देते हुए माननीय नागरिक उड्डयन मंत्री ने माना कि यह एक गंभीर समस्या है। उन्होंने बताया कि मौजूदा एयरपोर्ट के आसपास जगह की कमी है, जैसे कि पास में घड़ी टावर और रेलवे स्टेशन होने के कारण जगह कम पड़ जाती है। इसलिए भविष्य में नया एयरपोर्ट बनाने के प्रस्ताव पर भी विचार किया जा सकता है।

राज्यसभा में बिल्स ऑफ लेडिंग बिल पर चर्चा के दौरान डॉ. मित्तल ने छोटे व्यापारियों को धोखाधड़ी से बचाने के लिए सख्त कदम उठाने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने सेक्शन 4 का ज़िक्र करते हुए बताया कि यह प्रावधान ऐसे कमर्शियल धोखे को वैध बना सकता है जिसमें माल भेजे बिना ही उसे भेजा हुआ मान लिया जाए। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि वह यूके के इलेक्ट्रॉनिक ट्रेड डॉक्युमेंट्स एक्ट 2023 जैसी डिजिटल व्यवस्था को अपनाए, ताकि छोटे इंपोर्टर्स (निर्यातकों) और एक्सपोर्टर्स (आयातकों) के लिए व्यापार और पारदर्शी और आसान हो सके।