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एमसीएम में ‘कला और आत्मनिर्भरता’ कार्यशाला का समापन….

चंडीगढ़, 7 जुलाई, 2025: मेहर चंद महाजन डीएवी महिला महाविद्यालय के गृह विज्ञान विभाग ने एनएसएस इकाइयों एवं नगर निगम, चंडीगढ़ के सहयोग से आयोजित सात दिवसीय कार्यशाला ‘कला और आत्मनिर्भरता’ का समापन समारोह आयोजित किया। इस कार्यशाला का उद्देश्य गृह विज्ञान के क्षेत्र में कौशल विकास एवं उद्यमिता को बढ़ावा देना था। इसमें 18 से 52 वर्ष की आयु वर्ग के विभिन्न पृष्ठभूमियों से जुड़े प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

इस अवसर पर चंडीगढ़ के डिप्टी मेयर श्री जसवीर सिंह बंटी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुए। अपने संबोधन में उन्होंने महिलाओं को कौशल-आधारित शिक्षा के माध्यम से सशक्त बनाने के कॉलेज के प्रयासों की सराहना की और प्रतिभागियों से आग्रह किया कि वे नौकरी लेने वाले नहीं, बल्कि रोज़गार देने वाले बनें। इस अवसर पर कई गणमान्य अतिथियों ने भी अपनी उपस्थिति से कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई, जिनमें पंजाब विश्वविद्यालय से एनएसएस कार्यक्रम समन्वयक,प्रो. प्रवीन गोयल, ग्रिड (जीआरआईआईडी), चंडीगढ़ के प्रिंसिपल डॉ. अजीत सिदाना, एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. एम. करुप्पासामी एवं डॉ. निहारिका शर्मा; जीएमएसएसएस 37 बी की प्रधानाचार्या सुश्री गुरबक्श कौर, एनएसएस पीओ सुश्री सीमा चौधरी;

जीएमएसएसएस 37 डी की प्रधानाचार्या सुश्री आशा रानी एवं एनएसएस पीओ श्री सिकंदर लांबा शामिल थे।

कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों ने विभिन्न व्यावहारिक प्रशिक्षण सत्रों में भाग लिया, जिनमें टाई एंड डाई, ब्लॉक प्रिंटिंग, फैब्रिक पेंटिंग, असॉर्टेड चॉकलेट्स, हेल्दी केक एवं मफिन, और कुकीज़ तथा बिस्किट बनाना शामिल था। ये प्रशिक्षण सत्र पोषण विशेषज्ञ डॉ. हरजोत कौर मान एवं वस्त्र विशेषज्ञ डॉ. रति अरोड़ा द्वारा संचालित किए गए। विशेषज्ञों ने न केवल तकनीकी प्रशिक्षण दिया, बल्कि प्रतिभागियों को आरंभिक निवेश, लागत विश्लेषण और मार्जिन जैसी व्यावसायिक पहलुओं की जानकारी भी दी, ताकि वे अपने कौशल को लाभकारी व्यावसायिक अवसरों में परिवर्तित कर सकें।

इस कार्यशाला में समाज के विभिन्न वर्गों का प्रतिनिधित्व करते हुए 38 प्रतिभागियों ने भाग लिया। फीडबैक में कई प्रतिभागियों ने बताया कि वे इन सीखी गई तकनीकों के आधार पर उद्यमिता अपनाने की योजना बना रहे हैं। विशेष रूप से ग्रिड (जीआरआईआईडी), सेक्टर 31, चंडीगढ़ से आए प्रशिक्षकों ने साझा किया कि वे इन कौशलों को अपने विशेष बच्चों को भी सिखाएँगे, जिससे यह प्रयास एक सार्थक श्रृंखला प्रतिक्रिया का रूप लेगा।

कार्यवाहक प्राचार्या श्रीमती नीना शर्मा ने सभी प्रतिभागियों को बधाई दी और कॉलेज की इस प्रतिबद्धता को दोहराया कि वह रचनात्मकता, कौशल और सामाजिक उत्तरदायित्व के समन्वय से आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने वाली शिक्षा प्रदान करता रहेगा।