गौ सेवा से पितरों को मिलती है मुक्ति और दूर होते हैं सभी कष्टः गोपाल मणि जी महाराज…..
श्री गोपाल गोलोक धाम, कैम्बवाला, चण्डीगढ़ में पितृ पक्ष (श्राद्ध पक्ष) के पावन अवसर पर आयोजित सात दिवसीय ‘धेनुमानस गौ कथा’ का आज श्रद्धा और उल्लास के साथ समापन हो गया। कथा के अंतिम दिन भारी संख्या में श्रद्धालु गो-महिमा का रसपान करने पहुंचे।
समापन के पावन अवसर पर कथा व्यास, गो-गंगा कृपाकांक्षी पूज्य श्री गोपाल मणि जी महाराज ने उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि गाय केवल एक साधारण पशु नहीं है, बल्कि वह साक्षात सनातन संस्कृति का आधार और समस्त देवताओं का वास स्थल है। उन्होंने कहा कि पितृ पक्ष में गो-सेवा करने से न केवल पितरों को मुक्ति मिलती है, बल्कि मानव जीवन के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं। महाराज श्री ने समाज से अपील की कि वे अपने घरों में गाय को स्थान दें और राष्ट्रमाता के रूप में गोमाता की प्रतिष्ठा के लिए संकल्पबद्ध हों।
सात दिनों तक चली
इन दिव्य विचारों से उपस्थित श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गए।
कथा के दौरान आचार्य सीताशरण महाराज ने अपनी मधुर आवाज में भजनों के माध्यम से गौकथा की महिमा का सुंदर गुणगान किया। वहीं, व्यास गौरांग शरण मणि जी ने गो कथा के प्रेरक प्रसंग सुनाकर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। इस पावन अवसर पर दिव्य गौकथा का रसपान करने के लिए श्री संजय टंडन सीनियर नेता भाजपा सहित
बड़ी संख्या में गौभक्त गौशाला पहुंचे।
कथा विराम के अंतिम दिन की कथा उपरांत विशाल भंडारे में प्रसाद वितरित किया गया


