शिवमय हुआ चंडीगढ, प्रसिद्ध एस्ट्रोलॉजर एवं शिवसूत्र प्रवक्ता शिवाश्री ऋतु ने “कथा मेरे महादेव की” से भक्तों को किया मंत्रमुग्ध….
चंडीगढ़:–शिवमय हुआ चंडीगढ भारत की प्रसिद्ध एस्ट्रोलॉजर एवं शिव सूत्र प्रवक्ता शिवाश्री ऋतु “कथा मेरे महादेव की” में व्यासपीठ से चंडीगढ़ के सेक्टर 21-सी, स्थित प्राचीन शिव मंदिर में शिव सूत्र पर व्याख्यान देते हुए कहा कि भगवान शिव की आराधना, आध्यात्मिक चिंतन और महादेव शिव व ज्योतिष में एक दैविक संबध है।
इस अवसर पर माँ कमलीनन्द गिरी,
प्रमुख पुजारिन किन्नर मंदिर, सेक्टर 26 चंडीगढ़, पूर्व मेयर आशा जसवाल, कार्यक्रम के मुख्य आयोजक श्रीमती सुमिता कोहली,अमिता मित्तल,अंजू अग्रवाल और श्रीमती आशा मलहोत्रा सहित विख्यात समाजसेवी रविंदर सिंह बिल्ला व बड़ी संख्या में शिवभक्त शामिल हुए । जिनके बीच शिव महिमा का धारा संगीत, गीत और शब्दों से बही।
इस भव्य धार्मिक आयोजन में चंडीगढ़ की अनेक सामाजिक एवं राजनीतिक व धार्मिक क्षेत्र की हस्तियां मौजूद रहीं ।
शिवाश्री ऋतु सिंह जी ने अपने व्याख्यान में आगे कहा कि कथा मेरे महादेव की एक संकल्प है, जिससे समाज में आध्यात्मिक जागरूकता, सकारात्मक ऊर्जा और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के प्रचार-प्रसार में एक महत्वपूर्ण माध्यम का निर्माण होगा । इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने इस दौरान भगवान शिव की भक्ति, आध्यात्मिक प्रवचन और सामूहिक आराधना के माध्यम से एक दिव्य एवं आध्यात्मिक अनुभव लिया।
शिवाश्री ऋतु सिंह ने अपने प्रवचन में कहा कि भगवान शिव का जीवन और उनका दर्शन हमें सरलता, वैराग्य, संयम और परोपकार की सीख देता है। वे बताते हैं कि बाहरी चमक-दमक के बिना भी जीवन को महान और आनंदमय बनाया जा सकता है। शिव की भक्ति का वास्तविक अर्थ अपने भीतर के अज्ञान और अहंकार को समाप्त कर, सबके प्रति करुणा का भाव जगाना है।
शिवाश्री ऋतु का मानना है कि भगवान शिव का संदेश मानवता, आत्मज्ञान और आंतरिक शांति का मार्ग प्रशस्त करता है। इसी उद्देश्य के साथ “कथा मेरे महादेव की” (द रिदम ऑफ शिवा) के आयोजन देश के विभिन्न शहरों में आयोजित किये जा रहे हैं, ताकि अधिक से अधिक लोग भारतीय आध्यात्मिक परंपरा और शिव तत्व से जुड़ कर महादेव कृपा के भागीदार बनें।
ऊं नम: शिवाय


