मजबूत संस्थाएं, भरोसे पर आधारित शासन और सतत विकास ही विकसित भारत @2047 की नींव हैं”: सीएस अर्जुन त्यागी….
चंडीगढ़ 25 अगस्त 2026: प्रसिद्ध कॉर्पोरेट प्रोफेशनल और आईसीएसआई की एनआईआरसी के रीजनल काउंसिल सदस्य सीएस अर्जुन त्यागी ने चंडीगढ़ के नोवोटेल होटल में आयोजित एक सम्मेलन में भारतीय अर्थव्यवस्था में हो रहे बड़े बदलावों पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि विकसित भारत @2047 के लक्ष्य को हासिल करने के लिए मजबूत संस्थाएं, भरोसे पर आधारित शासन, पारदर्शिता, नई सोच और सतत विकास बहुत जरूरी हैं।
उन्होंने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सुधारों, तकनीक के इस्तेमाल, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और कारोबार को आसान बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। विकसित भारत का मतलब केवल अर्थव्यवस्था को बड़ा बनाना नहीं है, बल्कि ऐसा भारत बनाना है जो समृद्ध, आत्मनिर्भर, तकनीकी रूप से मजबूत, सभी को साथ लेकर चलने वाला और दुनिया में भरोसेमंद हो।
सीएस अर्जुन त्यागी ने कहा कि भारत के तेजी से बढ़ते कैपिटल मार्केट, बढ़ती उद्यमिता और अधिक से अधिक लोगों का औपचारिक अर्थव्यवस्था से जुड़ना देश के विकास के अगले चरण के लिए मजबूत आधार तैयार कर रहा है। हालांकि, आर्थिक विकास के साथ पारदर्शिता, जवाबदेही, निवेशकों का भरोसा और जिम्मेदार कॉर्पोरेट कामकाज भी जरूरी है।
उन्होंने कहा कि विकसित भारत का लक्ष्य केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है। इसमें सरकार, उद्योग, प्रोफेशनल्स, उद्यमी, निवेशक और आम नागरिक, सभी को मिलकर योगदान देना होगा। हर व्यक्ति और संस्था की भूमिका देश की आर्थिक व्यवस्था और संस्थाओं को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण है। यह प्रधानमंत्री जी के उस विचार के अनुरूप है, जिसमें सरकार, समाज और उद्योग सभी के मिलकर काम करने और सुधारों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया है।
उन्होंने आगे कहा कि अच्छा शासन केवल नियमों का पालन करने की जरूरत नहीं है, बल्कि यह देश की अर्थव्यवस्था की एक बड़ी ताकत है। इससे लोगों और निवेशकों का भरोसा बढ़ता है, निवेश को बढ़ावा मिलता है, संस्थाएं मजबूत होती हैं और कारोबार के लंबे समय तक टिकाऊ विकास के लिए बेहतर माहौल बनता है।
प्रोफेशनल समुदाय की भूमिका पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि प्रोफेशनल्स को तकनीक, एआई, डिजिटल बदलाव, कैपिटल मार्केट, ईएसजी और नए नियमों के साथ लगातार खुद को अपडेट करते रहना चाहिए। इसके साथ ही उन्हें ईमानदारी, नैतिकता और अपने काम के उच्च मानकों को बनाए रखना चाहिए।
अंत में उन्होंने कहा कि “विकसित भारत केवल 2047 का सपना नहीं है, बल्कि आज हर नागरिक और हर संस्था की जिम्मेदारी है। मजबूत कंपनियां मजबूत अर्थव्यवस्था बनाती हैं, मजबूत संस्थाएं भरोसा पैदा करती हैं और भरोसा एक मजबूत एवं विकसित भारत का निर्माण करता है।


