₹3 लाख कैश के लिए दो बार बैंक पहुंची महिला, कैश नहीं होने से हुई परेशान….
जीरकपुर। इंडसइंड बैंक की कालगीधर एन्क्लेव, बलटाना स्थित शाखा में सोमवार को ₹3 लाख की तत्काल नकद राशि निकालने पहुंची महिला को बैंक में कैश उपलब्ध नहीं होने के कारण भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। महिला का कहना है कि वह अपनी जरूरी भुगतान की जरूरत के चलते बैंक पहुंची थी और करीब चार घंटे के अंतराल में उसे दो बार बैंक जाना पड़ा, लेकिन दोनों बार उसे नकद राशि नहीं मिल सकी।
जानकारी के अनुसार, प्रियंका रानी का खाता इंडसइंड बैंक की कालगीधर एन्क्लेव, बलटाना, जीरकपुर शाखा में है। सोमवार को उन्हें किसी व्यक्ति को तत्काल भुगतान करना था, जिसके लिए उन्हें ₹3 लाख नकद की जरूरत थी। वह करीब सुबह 11:30 बजे अपनी चेकबुक लेकर बैंक पहुंचीं।
प्रियंका रानी के अनुसार, बैंक में मौजूद कर्मचारी मोनिका ने उन्हें बताया कि उस समय शाखा में कैश उपलब्ध नहीं है। जब उन्होंने अपनी तत्काल जरूरत बताई तो कर्मचारी ने उनका मोबाइल नंबर नोट करते हुए कहा कि करीब एक से डेढ़ घंटे में कैश की व्यवस्था होते ही उन्हें फोन कर दिया जाएगा।
महिला के अनुसार, बैंक कर्मचारी ने पहली बार यह भी बताया था कि यदि जरूरत हो तो किसी दूसरी शाखा से कैश की व्यवस्था करवाई जा सकती है। लेकिन उस समय समय की कमी होने के कारण उन्होंने दूसरी शाखा में जाने से मना कर दिया और कहा कि उनका खाता इसी शाखा में है, इसलिए वे चाहती हैं कि इसी शाखा से कैश की व्यवस्था की जाए।
प्रियंका का कहना है कि उन्होंने बैंक के फोन का इंतजार किया, लेकिन करीब 3:15 बजे तक उन्हें कोई फोन नहीं आया। इसके बाद वह दोबारा बैंक पहुंचीं। दूसरी बार बैंक पहुंचने पर भी उन्हें कैश उपलब्ध नहीं करवाया गया।
महिला के अनुसार, बैंक कर्मचारी ने बताया कि सुबह शाखा से एक बड़ी नकद भुगतान किया गया था, जिसके कारण बैंक में कैश खत्म हो गया। इस पर प्रियंका ने कहा कि यदि बैंक में ₹3 लाख उपलब्ध नहीं हैं तो उन्हें जितनी राशि उपलब्ध है, उतनी ही दे दी जाए, बाकी रकम वह किसी अन्य व्यक्ति को भुगतान करके उससे कैश ले लेंगी। लेकिन उनके अनुसार बैंक कर्मचारियों ने इस विकल्प पर भी साफ मना कर दिया और कहा कि बैंक में कैश उपलब्ध ही नहीं है।
प्रियंका का कहना है कि उन्होंने बैंक कर्मचारी से यह भी कहा कि यदि शाखा में कैश उपलब्ध नहीं है तो किसी अन्य शाखा से राशि की व्यवस्था करवाई जाए। लेकिन दूसरी बार उन्हें बताया गया कि अब बैंक की क्लोजिंग का समय हो चुका है और अब कुछ नहीं किया जा सकता।
महिला का कहना है कि इस पूरी घटना के कारण उनका जरूरी काम प्रभावित हुआ। उन्हें अपने घरेलू काम छोड़कर दो बार बैंक जाना पड़ा, इसके बावजूद उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ। उनका कहना है कि यदि पहली बार ही उन्हें स्पष्ट रूप से बता दिया जाता कि आज शाखा में कैश की व्यवस्था संभव नहीं है तो वह अपने भुगतान के लिए कोई अन्य व्यवस्था कर सकती थीं।
प्रियंका ने बैंक प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि किसी ग्राहक को अचानक जरूरी भुगतान के लिए बड़ी रकम की आवश्यकता पड़ जाए और उसकी अपनी शाखा में कैश उपलब्ध न हो तो बैंक को उसके लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए। उनका कहना है कि ग्राहक बैंक में अपना पैसा सुरक्षित रखने के साथ-साथ जरूरत के समय उसे निकालने की सुविधा की भी उम्मीद करता है।
उन्होंने कहा कि “आज मेरे साथ जो हुआ है, वह किसी अन्य ग्राहक के साथ भी हो सकता है। यदि इंडसइंड बैंक की किसी शाखा में कैश की ऐसी व्यवस्था रही तो यहां खाता खुलवाने से पहले हर ग्राहक को सौ बार सोचना पड़ेगा।”
महिला ने बैंक के उच्च अधिकारियों से पूरे मामले की जांच करने, शाखा में पर्याप्त कैश उपलब्ध रखने तथा ऐसी स्थिति में ग्राहकों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।


