बॉलीवुड अदाकारा मंदाकिनी से सम्मानित हुए समाजसेवी सोनू सेठी….
जीरकपुर। पिछले 19 वर्षों से जीरकपुर एवं डेराबस्सी क्षेत्र में समाजसेवा के कार्यों में सक्रिय समाजसेवी सोनू सेठी को हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा में आयोजित बच्चों के डांस कंपटीशन के दौरान बॉलीवुड की प्रसिद्ध अदाकारा मंदाकिनी द्वारा सम्मानित किया गया। सोनू सेठी को उनके लंबे समय से किए जा रहे सामाजिक एवं मानवता की सेवा से जुड़े कार्यों के लिए यह सम्मान प्रदान किया गया।
सोनू सेठी पिछले करीब 19 वर्षों से जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए विभिन्न सामाजिक कार्य करते आ रहे हैं। उनके द्वारा जीरकपुर-डेराबस्सी क्षेत्र में चार निशुल्क एंबुलेंस सेवाएं संचालित की जा रही हैं, जिनके माध्यम से जरूरतमंद लोगों को आपातकालीन समय में सहायता उपलब्ध करवाई जाती है। इसके अलावा उन्होंने अब तक सैकड़ों लावारिस शवों का अंतिम संस्कार करवाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। वहीं मानसिक रूप से कमजोर एवं बेसहारा लोगों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने और उन्हें आश्रम में छोड़ने का कार्य भी उनके द्वारा लगातार किया जाता रहा है।
पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी सोनू सेठी लंबे समय से सक्रिय हैं। उनके द्वारा इलाके में हजारों पौधे लगाए जा चुके हैं, ताकि पर्यावरण को बेहतर बनाने के साथ आने वाली पीढ़ियों के लिए हरियाली को सुरक्षित रखा जा सके। उनके इन निरंतर सामाजिक कार्यों को देखते हुए कांगड़ा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उन्हें मंच पर विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
सम्मान प्राप्त करने के बाद मंच से अपने संबोधन में सोनू सेठी ने बॉलीवुड अदाकारा मंदाकिनी का जिक्र करते हुए कहा कि उनके लिए यह पल बेहद भावुक और गर्व का विषय है। उन्होंने मंदाकिनी की प्रशंसा करते हुए उनकी करीब 40 वर्ष पहले आई चर्चित फिल्म ‘राम तेरी गंगा मैली’ को याद किया। उन्होंने कहा कि उस समय उनकी उम्र करीब 10 वर्ष थी और वे स्कूल के वार्षिक समारोहों में मंदाकिनी की फिल्मों के गीतों पर डांस किया करते थे।
सोनू सेठी ने कहा कि “उस समय हम स्कूल के सालाना कार्यक्रमों में इनके गानों पर डांस किया करते थे और आज उन्हीं मंदाकिनी जी के हाथों सम्मानित होना हमारे लिए गर्व और भावुकता का क्षण है।” उनके इस संबोधन पर कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ उनका उत्साह बढ़ाया।
इस दौरान सोनू सेठी ने समाज में आपसी भाईचारे और मानवता का संदेश देते हुए कहा कि दुनिया में सबसे बड़ा धर्म इंसानियत है। उन्होंने कहा कि लोगों को धर्म के नाम पर होने वाले आपसी विवादों और झगड़ों से ऊपर उठकर मानवता का साथ देना चाहिए। जरूरतमंद की मदद करना, बेसहारा को सहारा देना और किसी दुखी व्यक्ति के काम आना ही सच्ची समाजसेवा है।
उनके इस संदेश के बाद कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने जोरदार तालियों के साथ उनका समर्थन किया। सम्मान समारोह के दौरान पूरा माहौल भावुक एवं उत्साहपूर्ण नजर आया। सोनू सेठी ने कहा कि समाजसेवा के कार्यों को सम्मान या प्रसिद्धि के लिए नहीं, बल्कि मानवता की सेवा के उद्देश्य से आगे भी जारी रखा जाएगा।


