43 वर्षों की वैज्ञानिक उत्कृष्टता का जश्न: नवाचार से सशक्त होगा पंजाब का भविष्य…..
चंडीगढ़। पंजाब राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (पीएससीएसटी) ने सोमवार को अपना 43वां स्थापना दिवस उत्साहपूर्वक मनाया। इस अवसर पर पंजाब सरकार के विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं पर्यावरण विभाग के सचिव कमल किशोर यादव (आईएएस) ने कहा कि राज्य सरकार मजबूत अनुसंधान एवं नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने ‘नॉलेज सिटी’ के विकास तथा सरकार, शिक्षण संस्थानों, अनुसंधान संगठनों, उद्योगों और स्टार्टअप्स के बीच सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया।
विशेष सचिव डॉ. शैलेंद्र कौर (आईएफएस) ने पिछले 43 वर्षों में पीएससीएसटी के योगदान की सराहना की, जबकि कार्यकारी निदेशक प्रीतपाल सिंह ने बताया कि परिषद 8,000 से अधिक औद्योगिक इकाइयों को स्वच्छ तकनीक और ऊर्जा दक्षता के क्षेत्र में वैज्ञानिक सहयोग दे रही है। उन्होंने ‘सेंटर फॉर रिसर्च, इनोवेशन, पॉलिसी एंड टेक्नोलॉजी एडवांसमेंट’ की स्थापना की भी जानकारी दी।
आईआईटी रोपड़ के निदेशक प्रो. राजीव आहूजा ने युवाओं के कौशल विकास, स्टार्टअप संस्कृति और उद्योग-अकादमिक सहयोग को भविष्य की आवश्यकता बताया। वहीं नाबी के कार्यकारी निदेशक प्रो. अश्विनी पारीक ने पोषण सुरक्षा के लिए विज्ञान आधारित नवाचार और सहयोगात्मक अनुसंधान पर बल दिया। संयुक्त निदेशक डॉ. दपिंदर बक्शी ने परिषद के सहयोगी संस्थानों और नवाचार इकोसिस्टम के योगदान की सराहना की।
इस अवसर पर डॉ. लज्जा देवी गोयल (एम्स बठिंडा), सुश्री नितिका खुराना (चंडीगढ़ एंजेल्स नेटवर्क), श्री ज्योति सरूप (उनाती कोऑपरेटिव, तलवाड़ा), प्रो. मनु शर्मा (पंजाब विश्वविद्यालय) और डॉ. विपाशा (एसएचई स्टार्टअप) को विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया। साथ ही पीएससीएसटी की स्मारिका और आईपीआर पर टीआईएससी बुलेटिन का भी विमोचन किया गया।


