लाइव कैलेंडर

July 2026
M T W T F S S
 12345
6789101112
13141516171819
20212223242526
2728293031  

LIVE FM सुनें

India News24x7 Live

Online Latest Breaking News

पार्टी द्वारा चण्डीगढ़ नगर निगम चुनाव लड़ने का ऐलान : हमख्याली पार्टियों के साथ गठबंधन के लिए बातचीत जारी….

चण्डीगढ़ : शिरोमणि अकाली दल (पुनर सुरजीत) ने आज यहां एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अपनी चंडीगढ़ इकाई का औपचारिक रूप से ऐलान किया। पार्टी ने आने वाले नगर निगम चुनावों और 2029 के लोकसभा चुनावों में चंडीगढ़ संसदीय सीट से चुनाव लड़ने की इच्छा का ऐलान किया। मीडिया को संबोधित करते हुए स. गुरजीत सिंह तलवंडी, जनरल सेक्रेटरी और पार्टी ऑब्जर्वर (चंडीगढ़), ने कहा कि चंडीगढ़ भौगोलिक और सामाजिक रूप से पंजाब का अभिन्न हिस्सा है। उन्होंने बादल धड़े की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि सुखबीर सिंह बादल की अध्यक्षता में पार्टी ने चंडीगढ़ के लोगों और यहां के अकाली कार्यकर्ताओं को अनदेखा किया। उनकी बिना सोची-समझी नीतियों के कारण अकाली कैडर निराश हो गया, जिसके परिणामस्वरूप कई कार्यकर्ता या तो घर बैठ गए या अन्य पार्टियों में शामिल हो गए।

उन्होंने कहा कि पार्टी अध्यक्ष ज्ञानी हरप्रीत सिंह, पूर्व जत्थेदार श्री अकाल तख्त साहिब, के निर्देशों के तहत और श्री अकाल तख्त साहिब के 2 दिसंबर 2024 के हुकमनामे के अनुसार, हम सभी अकाली धड़ों को एक मंच पर लाने में सफल रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमने ज़ोन इंचार्ज नियुक्त कर दिए हैं, जो जमीनी स्तर तक पहुंच करेंगे, और एक महीने के भीतर पार्टी की पूरी संरचना का ऐलान किया जाएगा।

प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करने वाले वरिष्ठ नेताओं में स. गुरनाम सिंह सिद्धू, पूर्व अध्यक्ष, शिरोमणि अकाली दल चंडीगढ़; स. पतवंत सिंह रियार, पूर्व अध्यक्ष, शिरोमणि अकाली दल चंडीगढ़; स. मोहिंदर सिंह, पूर्व डिप्टी मेयर, चंडीगढ़; और स. अमरिंदर सिंह, पूर्व सदस्य, एस.जी.पी.सी. यू.टी., शामिल थे।

पार्टी नेतृत्व ने सभी पंथक संगठनों और चंडीगढ़ के गांवों से अपील की कि वे आगे आकर इस लहर से जुड़ें। उन्होंने कहा कि एक क्षेत्रीय पार्टी की गैरहाजिरी के कारण चंडीगढ़ के लोगों की आवाज़ अनसुनी रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पार्टी चंडीगढ़ की सभी सोसाइटियों और संगठनों तक पहुंच करके उनकी राय लेगी और उनकी चिंताओं को आवाज़ देगी। उन्होंने बादल धड़े द्वारा छोड़े गए खालीपन को भरने और चंडीगढ़ को उसकी हकदार राजनीतिक नुमाइंदगी देने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

उन्होंने कहा कि हम चंडीगढ़ के क्षेत्र में एक मुख्य एजेंडे के साथ प्रवेश कर रहे हैं। पार्टी ने उन मुद्दों पर आधारित एक विस्तृत एजेंडा रखा, जो दशकों से लंबित हैं लेकिन उन पर किसी भी पार्टी द्वारा कोई ध्यान नहीं दिया गया।

साथ लगते गांवों के लिए पार्टी ने मांग की कि जमीन पूलिंग नीति में गुजरात मॉडल के अनुसार अधिग्रहण का विकल्प या मालिकों के लिए मार्केट वैल्यू मुआवज़े का प्रावधान होना चाहिए। गांवों को मॉडल गांवों के रूप में विकसित किया जाना चाहिए।

इसके अलावा, पार्टी ने 30,000 रुपये प्रति माह से कम आय वाले परिवारों के लिए 300 यूनिट मुफ्त बिजली और 30,000 लीटर मुफ्त पानी प्रति माह देने की मांग की।

पहचान और शासन के मुद्दे पर पार्टी ने मांग की कि पंजाबी को चंडीगढ़ की सरकारी भाषा बनाया जाए और यू.टी. प्रशासन में पद पंजाब और हरियाणा के लिए 60:40 के अनुपात के अनुसार भरे जाएं, जैसा कि पंजाब और हरियाणा पुनर्गठन अधिनियम, 1966 के तहत निर्धारित किया गया है।

नेताओं ने कहा कि चंडीगढ़ की 11 लाख आबादी में से 90 प्रतिशत लोग पंजाबी बोलते हैं, फिर भी पंजाबी भाषा को दूसरी भाषा के रूप में भी मान्यता नहीं दी गई।

पार्टी ने चंडीगढ़ को एक जीवंत, विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी “24-घंटे शहर” के रूप में विकसित करने का दृष्टिकोण रखा। इसके साथ सेक्टर 17 में यूरोपीय शैली का शॉपिंग विलेज बनाने की बात की गई, जिससे चलती-फिरती अर्थव्यवस्था, बढ़े हुए कारोबारी समय और युवाओं, उद्यमियों और पर्यटकों को आकर्षित करने वाला गतिशील माहौल तैयार होगा।

उन्होंने एम.एस.एम.ईज़ के लिए दोस्ताना औद्योगिक नीति की मांग की और खास तौर पर औद्योगिक क्षेत्र में औद्योगिक प्लॉटों को वाणिज्यिक प्लॉटों में बदलने के लिए नियमों में ढील की मांग की। पार्टी ने 99 साल की लीज़होल्ड पर मौजूद वाणिज्यिक और औद्योगिक प्लॉटों को तुरंत फ्रीहोल्ड में बदलने की भी मांग की।

संयुक्त रूप से नेताओं ने कहा कि चंडीगढ़ अभी अपनी पूरी क्षमता तक नहीं पहुंचा है। उन्होंने आई.एस.बी.टी., रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट के विस्तार और अन्य उच्च-तकनीकी नागरिक सुविधाओं में विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचा सुधार लाने की प्रतिबद्धता जताई।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में स. तलवंडी ने कहा कि हम चंडीगढ़ में गठबंधन के लिए हमख्याली पार्टियों के साथ भी बातचीत कर रहे हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि हम केवल अपने दृष्टिकोण और चंडीगढ़ के लोगों की मांगों को प्राथमिकता देने वाले साझा न्यूनतम कार्यक्रम के आधार पर ही आगे बढ़ेंगे।

उपरोक्त के अलावा उपस्थित प्रमुख शख्सियतों में बाबा गुरदयाल सिंह खुड्डा अली शेर, गुरुद्वारा सेक्टर 40 से कृपाल सिंह और जसपाल सिंह, मनीमाजरा से बलबीर सिंह और धरमा सिंह, राम दरबार से अवतार सिंह, रामगढ़िया भवन से बलदेव सिंह कलसी, सेक्टर 7 गुरुद्वारा से जसप्रीत सिंह जस्सल, राम दरबार से दविंदर सिंह सिकलीगर और सुखना झील के नज़दीक स्थित गुरसागर गुरुद्वारा से सुखचैन सिंह और रतन सिंह भी मौजूद थे।

[ 98881 33333 ]