सतत भविष्य के लिए जिम्मेदार नागरिक बनाने पर संगोष्ठी, युवाओं को दिया सामाजिक उत्तरदायित्व का संदेश….
वैज्ञानिक एवं पर्यावरणीय सामाजिक उत्तरदायित्व विषय पर एक प्रेरणादायक संगोष्ठी का आयोजन द एनवायरनमेंट सोसाइटी ऑफ इंडिया, चंडीगढ़ द्वारा जिम्मेदार नागरिकता और सतत विकास को प्रोत्साहित करने हेतु किया गया।
अपने निरंतर इंटर्नशिप कार्यक्रम के अंतर्गत, द एनवायरनमेंट सोसाइटी ऑफ इंडिया (ESI), चंडीगढ़ द्वारा “वैज्ञानिक एवं पर्यावरणीय सामाजिक उत्तरदायित्व : सतत भविष्य के लिए जिम्मेदार नागरिकों का निर्माण” विषय पर एक संगोष्ठी आयोजित की गई।
कार्यक्रम में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय, कुरुक्षेत्र; डीएवी कॉलेज, करनाल; चंडीगढ़ विश्वविद्यालय, घरुआं; गवर्नमेंट पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज, सेक्टर-11, चंडीगढ़; तथा डीएवी कॉलेज, सेक्टर-10, चंडीगढ़ के इंटर्न्स ने भाग लिया। कार्यक्रम में द एनवायरनमेंट सोसाइटी ऑफ इंडिया के सदस्य भी उपस्थित रहे, जिनमें श्री एन.के. झिंगन, सचिव, द एनवायरनमेंट सोसाइटी ऑफ इंडिया एवं सचिव (पर्यावरण), भारतीय एकता मंच; श्री अशोक कुमार बंसल; तथा श्रीमती अंजलि कपूर शामिल थे।
संगोष्ठी की मुख्य वक्ता डॉ. अर्चना मिश्रा, पूर्व कुलपति, डॉ. बी.आर. अंबेडकर लॉ यूनिवर्सिटी, सोनीपत थीं।
इंटर्न्स एवं मुख्य वक्ता का स्वागत करते हुए श्री एन.के. झिंगन ने सकारात्मक सोच, सामाजिक उत्तरदायित्व तथा जरूरतमंदों की सहायता में विद्यार्थियों एवं नागरिकों की भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने युवाओं में संवेदनशीलता, जागरूकता और सामाजिक समझ विकसित करने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।
अपने संबोधन में डॉ. अर्चना मिश्रा ने इंटर्न्स को जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए सकारात्मक सोच, समर्पण और अनुशासन अपनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि सकारात्मक दृष्टिकोण व्यक्ति को जीवन के हर क्षेत्र में सफलता दिलाने में सहायक होता है। उन्होंने प्रतिभागियों से अपने माता-पिता एवं बड़ों का सम्मान करने का भी आह्वान किया तथा उनके त्याग और योगदान को समझने की आवश्यकता बताई।
डॉ. मिश्रा ने आगे कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को बुनियादी कानूनों, नियमों एवं विनियमों की जानकारी होनी चाहिए तथा दैनिक जीवन एवं आपात परिस्थितियों में सामाजिक उत्तरदायित्व निभाना चाहिए। उन्होंने प्रतिभागियों को दुर्घटनाओं, आपात स्थितियों एवं अन्य कठिन परिस्थितियों में लोगों की सहायता करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने यह भी बताया कि सरकार ऐसे जिम्मेदार नागरिक व्यवहार को प्रोत्साहित करती है तथा जरूरतमंदों की सहायता करने वालों को सम्मानित भी करती है।
इसके अतिरिक्त, डॉ. मिश्रा ने इंटर्न्स को दैनिक जीवन में नैतिक एवं मूल्य आधारित आचरण अपनाने की सलाह दी। उन्होंने सभी जीवों के प्रति करुणा एवं संवेदनशीलता विकसित करने का संदेश दिया। भारतीय परंपराओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने गाय एवं अन्य पशुओं को नियमित रूप से भोजन देने, विशेषकर दिन की पहली रोटी देने की सलाह दी, जिसे उन्होंने दया एवं कृतज्ञता का प्रतीक बताया। उन्होंने सभी धर्मों का सम्मान करने एवं समाज में सौहार्द बनाए रखने पर भी बल दिया। साथ ही, उन्होंने घर के प्रवेश द्वार के पास तुलसी का पौधा लगाने की सलाह दी और इसके पर्यावरणीय एवं स्वास्थ्य संबंधी लाभों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि तुलसी वायु की गुणवत्ता बेहतर बनाने तथा मच्छरों को दूर रखने में सहायक है।
श्रीमती अंजलि कपूर, जो एक शिक्षिका एवं समाजसेवी हैं, ने भी सभा को संबोधित किया और विद्यार्थियों, इंटर्न्स एवं प्रतिभागियों को सदैव दूसरों की सहायता के लिए तत्पर रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि दयालुता और मानव सेवा व्यक्ति को सफलता दिलाती है तथा समाज से शुभकामनाएं और सम्मान दिलाती है।
इंटर्न्स ने पूरे कार्यक्रम में गहरी रुचि दिखाई और संवादात्मक सत्र में सक्रिय भागीदारी की। उन्होंने कार्यक्रम के दौरान प्राप्त उपयोगी मार्गदर्शन एवं व्यावहारिक ज्ञान की सराहना की।
कार्यक्रम का समापन श्री अशोक कुमार बंसल द्वारा धन्यवाद प्रस्ताव के साथ हुआ। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक को ट्रैफिक नियमों, आयकर एवं जीएसटी जैसे महत्वपूर्ण नियमों एवं विनियमों की बुनियादी जानकारी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की जागरूकता ज्ञानवर्धक होने के साथ-साथ दूसरों को शिक्षित एवं सहयोग करने में भी सहायक होती है।
एन.के. झिंगन
सचिव
मोबाइल: 9417004937


