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राइटर्स फोरम (डब्ल्यूएफ) का अनावरण: साहित्यिक अभिव्यक्ति और समावेशी रचनात्मक संवाद को बढ़ावा देने का उद्देश्य….

चंडीगढ़, 27 मई 2026: एक नए साहित्यिक समूह राइटर्स फोरम (डब्ल्यूएफ) का औपचारिक शुभारंभ चंडीगढ़ राजधानी क्षेत्र और उससे आगे के साहित्यिक समुदाय के लिए किया गया। इसका उद्देश्य लेखकों, कवियों, आलोचकों और साहित्य-प्रेमियों के लिए एक समावेशी, बौद्धिक रूप से समृद्ध और लोकतांत्रिक मंच तैयार करना है।

‘जहाँ शब्दों को अपनी आवाज़ मिले, जहाँ लेखक अपने समुदाय से मिलें’ — इस मूल विचार पर स्थापित यह मंच लोकप्रियता या सामाजिक प्रभाव की सीमाओं से परे जाकर प्रामाणिक साहित्यिक अभिव्यक्ति और सार्थक रचनात्मक सहभागिता को बढ़ावा देने का प्रयास करेगा।

यह मंच प्रसिद्ध कवयित्री और लेखिका सुधा अग्रवाल के नेतृत्व में स्थापित किया गया है। प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि इस फोरम की स्थापना ऐसे साहित्यिक वातावरण की आवश्यकता से हुई, जहाँ लेखकों का सम्मान उनके विचारों की ईमानदारी और अभिव्यक्ति की शक्ति के आधार पर हो, न कि बाहरी मान्यता या सामाजिक प्रतिष्ठा के आधार पर।

उल्लेखनीय है कि सुधा अग्रवाल का कविता-संग्रह हिरायथ वर्ष 2023 में टैगोर थिएटर में लॉन्च किया गया था। उनकी कविता-पुस्तक पर आधारित एक पिक्चर सहगल हाउस को द नैरेटर्स आर्ट सोसाइटी द्वारा रूपांतरित भी किया गया।

उन्होंने कहा कि राइटर्स फोरम केवल एक और साहित्यिक समूह नहीं है। यह एक गंभीर प्रयास है — ऐसा रचनात्मक समुदाय बनाने का, जहाँ लेखक निर्भय होकर स्वयं को व्यक्त कर सकें, सार्थक भागीदारी निभा सकें और संवाद तथा पारस्परिक सम्मान के माध्यम से सामूहिक रूप से विकसित हो सकें।

फोरम के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि यह मंच उभरते लेखकों को आत्मविश्वास और गरिमा के साथ आगे बढ़ने के अवसर प्रदान करेगा, बिना किसी भय या दबाव के अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को प्रोत्साहित करेगा, मौलिकता और वास्तविक प्रतिभा को संरक्षित करेगा, प्रत्येक सदस्य को नेतृत्व के अवसर देगा और गंभीर सुनवाई तथा सार्थक संवाद के माध्यम से सम्मानजनक साहित्यिक सहभागिता सुनिश्चित करेगा।

फोरम का उद्देश्य लोकतांत्रिक सिद्धांतों पर कार्य करना भी है, जहाँ निर्णय सामूहिक रूप से बहुमत की सहमति से लिए जाएँगे ताकि पारदर्शिता और समान भागीदारी सुनिश्चित हो सके।

प्रख्यात लेखिका, साहित्यिक आलोचक और पूर्व अंग्रेज़ी के प्रोफेसर डॉ. मंजीत कौर ने कहा कि आज के तेज़ी से बदलते साहित्यिक परिवेश में ऐसे मंचों की आवश्यकता बढ़ती जा रही है । राइटर्स फोरम अर्थपूर्ण साहित्यिक संवादों को पुनर्जीवित करने का प्रयास करेगा।”

यह उल्लेखनीय है कि डॉ. कौर को लिटरेरी एक्सीलेंस अवॉर्ड से सम्मानित किया जा चुका है तथा उन्हें वर्ष 2018 में दुबई में अंतरराष्ट्रीय पहचान भी प्राप्त हुई थी।

कवयित्री, शिक्षाविद् और नेशनल डेंटल कॉलेज, डेराबस्सी में प्रोस्थोडोंटिक्स विभाग की प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. अनु गिरधर ने कहा कि कोई भी साहित्यिक मंच तभी सार्थक बनता है जब वह लोगों को अपनी रचनात्मक आवाज़ खोजने की प्रेरणा दे। यह पहल ऐसा ही वातावरण तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है ।

डॉ. गिरधर पाँच कविता पुस्तकों की लेखिका हैं और उन्हें वर्ष 2022 में रवीन्द्रनाथ टैगोर साहित्य पुरस्कार सहित कई प्रतिष्ठित सम्मानों से नवाजा जा चुका है।

वर्डस देट विस्पर की लेखिका तथा अमैरा मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल में डायरेक्टर (ऑपरेशंस) सीमा शर्मा ने कहा कि साहित्य वहीं फलता-फूलता है जहाँ संवेदनशीलता, गंभीर सुनवाई और सम्मानजनक संवाद को पोषित किया जाता है। हमारा प्रयास ऐसा मंच तैयार करना है जहाँ लेखक केवल अपनी रचनाएँ साझा न करें, बल्कि एक-दूसरे की यात्राओं और दृष्टिकोणों से वास्तविक रूप से जुड़ सकें।

प्रेम, विरह और मानवीय भावनाओं की काव्यात्मक अभिव्यक्तियों के लिए प्रसिद्ध चंडीगढ़ के कवि और उपन्यासकार संजीव बंसल ने कहा कि “साहित्य मौन को भाषा देता है और मानवीय संवेदनशीलता को गरिमा प्रदान करता है।” उनके अनुसार दृश्यता और मान्यता की दौड़ में मौलिकता अक्सर दब जाती है। राइटर्स फोरम लेखकों को यह याद दिलाने का प्रयास करेगा कि स्थायी साहित्य ईमानदारी, गहराई और जीवन के वास्तविक अनुभवों से जन्म लेता है।

फोरम की योजना नियमित साहित्यिक सत्रों, कविता-पाठ, चर्चाओं, कार्यशालाओं और संवादात्मक कार्यक्रमों के आयोजन की है, जिनका उद्देश्य क्षेत्र और उससे बाहर के लेखकों के बीच रचनात्मकता, सहयोग और बौद्धिक विकास को प्रोत्साहित करना होगा।