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डॉ. सुभाष सेठी के प्रथम काव्य संग्रह ‘मेरी फुरसत बिकाऊ है’ का लोकार्पण एवं चर्चा समारोह सम्पन्न….

चंडीगढ़ 17 मई 2026: संवेदनाओं, स्मृतियों और मानवीय रिश्तों की गहराइयों को स्पर्श करता डॉ. सुभाष सेठी का प्रथम हिंदी काव्य संग्रह ‘मेरी फुरसत बिकाऊ है’ का लोकार्पण एवं चर्चा समारोह होटल ट्यूलिप इन में गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में साहित्य, चिकित्सा और सामाजिक जगत से जुड़े अनेक गणमान्य व्यक्तियों एवं साहित्यप्रेमियों की उपस्थिति रही। मंच संचालन प्रसिद्ध कवयित्री एवं लेखिका विमला गुगलानी ने किया।

54 कविताओं से सुसज्जित इस काव्य संग्रह में प्रेम, विरह, अकेलापन, स्मृतियों और मानवीय संवेदनाओं का अत्यंत मार्मिक चित्रण किया गया है। पुस्तक के लेखक डॉ. सुभाष सेठी ने अपने वक्तव्य में कहा कि वे जब भी समय मिलता है, कलम से दोस्ती निभाते हैं। चिकित्सा सेवा के व्यस्त जीवन के बीच लेखन उनके लिए आत्मिक सुकून का माध्यम रहा है। उन्होंने कहा कि “यह दस्तूर-ए-जुबाँबंदी है कैसा तेरी महफ़िल में,यहाँ तो बात करने को तरसती है जुबाँ मेरी।”

डॉ. सेठी ने बताया कि ‘मेरी फुरसत बिकाऊ है’ उनकी चौथी पुस्तक है। इससे पूर्व उनकी तीन कहानी संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं, जिनमें दो अंग्रेज़ी तथा एक पंजाबी भाषा में हैं। उन्होंने कहा कि लंबे समय से मन में कविता के माध्यम से अपनी भावनाएँ अभिव्यक्त करने की इच्छा थी। अपनी दिवंगत पत्नी धर्मपली (नीलम सेठी) की स्मृतियों ने उनके भीतर जो भाव जगाए, उन्हीं को शब्दों में पिरोकर यह काव्य संग्रह तैयार हुआ है। यह पुस्तक उन्होंने अपनी स्वर्गीय पत्नी की स्मृति को समर्पित की है।

प्रसिद्ध कवयित्री एवं लेखिका विमला गुगलानी ने पुस्तक पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि संग्रह का हर शब्द हृदय को स्पर्श करता है।

संवाद साहित्य मंच की ओर से वरिष्ठ कवि एवं चंडीगढ़ साहित्य अकादमी के पूर्व सचिव प्रेम विज ने कहा कि यह काव्य संग्रह रात के सन्नाटों से संवाद करती कविताओं का संग्रह है। उन्होंने कहा कि दिनभर मरीजों की धड़कनों को बचाने वाला एक डॉक्टर जब रात की तन्हाइयों में अपने भीतर झाँकता है, तो उसकी कलम दर्द, स्मृतियों और प्रेम को बेहद संवेदनशील रूप में अभिव्यक्त करती है।

कविवर विनोद शर्मा ने काव्य संग्रह की समीक्षा प्रस्तुत करते हुए कहा कि संग्रह की प्रत्येक रचना पाठक को अपने अनुभवों से जोड़ती है और मन के किसी न किसी कोमल कोने को स्पर्श अवश्य करती है।

डॉ. सुभाष सेठी एक प्रतिष्ठित फैमिली फिजिशियन हैं और वर्तमान में ज़ीरकपुर स्थित सेठी हॉस्पिटल में चिकित्सा सेवाएँ दे रहे हैं।

कार्यक्रम में डॉ रेनू आहूजा, अस्वनी सेठी, राकेश, राजेश, रोहित जुनेजा, किरन सेतिया, राज विज, डॉ. निशू, डॉ. प्रदीप, श्रेया, आंचल, हरीश बजाज सहित साहित्यप्रेमी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।