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विश्व शांति महानुष्ठान 2026: संत रामपाल जी महाराज के सान्निध्य में तीन दिवसीय भव्य आयोजन, समाज सेवा के नए आयाम स्थापित होंगे….

आध्यात्मिक चेतना और सामाजिक उत्थान के उद्देश्य से संत रामपाल जी महाराज के सान्निध्य में 1, 2 और 3 मई 2026 को “विश्व शांति महानुष्ठान” का भव्य आयोजन किया जा रहा है। यह तीन दिवसीय कार्यक्रम देश-विदेश के विभिन्न सतलोक आश्रमों में आयोजित होगा, जिसमें लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं शामिल होंगे।

प्रबंधक सेवादारों ने मीडिया को बताया कि इस महानुष्ठान का मुख्य उद्देश्य मानव समाज को आध्यात्मिक ज्ञान से जोड़ते हुए विश्व में शांति, सद्भाव और भाईचारे की भावना को मजबूत करना है। वर्तमान समय में बढ़ती सामाजिक बुराइयों, नशाखोरी, हिंसा और कुरीतियों को समाप्त करने के लिए यह आयोजन एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

कार्यक्रम के दौरान अनेक समाजोपयोगी और परोपकारी गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। इनमें प्रमुख रूप से निःशुल्क विवाह (दहेज रहित शादी), रक्तदान शिविर, विशाल भंडारा, अखंड पाठ तथा आध्यात्मिक सत्संग शामिल हैं। खास बात यह है कि इन आयोजनों में किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं किया जाता, बल्कि सभी वर्गों के लोग समान रूप से भाग लेते हैं।

संत रामपाल जी महाराज के अनुयायियों द्वारा लंबे समय से समाज सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए जा रहे हैं। उनके मार्गदर्शन में हजारों परिवारों की बेटियों के निःशुल्क विवाह कराए गए हैं, जिससे दहेज प्रथा जैसी कुप्रथा को खत्म करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। इसके अलावा, रक्तदान शिविरों के माध्यम से हजारों यूनिट रक्त एकत्रित कर जरूरतमंद मरीजों की जान बचाने का कार्य भी निरंतर किया जा रहा है।

उनकी शिक्षाओं में मानवता, सत्य भक्ति और नैतिक जीवन को विशेष महत्व दिया जाता है। वे समाज को जाति-पाति, ऊंच-नीच और अंधविश्वास से ऊपर उठकर एकता और भाईचारे का संदेश देते हैं। यही कारण है कि उनके अनुयायियों की संख्या लगातार बढ़ रही है और समाज में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिल रहा है।

यह महानुष्ठान हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र सहित नेपाल के विभिन्न आश्रमों में एक साथ आयोजित किया जाएगा, जिससे इसकी व्यापकता और प्रभाव का अंदाजा लगाया जा सकता है।

आयोजकों ने श्रद्धालुओं और आमजन से अपील की है कि वे इस पावन अवसर पर अधिक से अधिक संख्या में भाग लेकर न केवल आध्यात्मिक लाभ प्राप्त करें, बल्कि समाज सेवा के इस महाअभियान का हिस्सा बनें।

यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि सामाजिक सुधार और मानव कल्याण की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल भी है, जो आने वाले समय में विश्व शांति की मजबूत नींव रखने का कार्य कर सकती है।