देश भगत विश्वविद्यालय के चांसलर डॉ. जोरा सिंह को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा किया गया सम्मानित …..
मंडी गोबिंदगढ़, 28 मार्च: देश भगत विश्वविद्यालय (डीबीयू) गर्व के साथ घोषणा करता है कि इसके माननीय चांसलर, डॉ. जोरा सिंह को नई दिल्ली में भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा “नशा मुक्त भारत अभियान” में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रशंसा प्रमाण पत्र प्रदान किया गया है।
यह सम्मान राष्ट्रीय सामाजिक रक्षा संस्थान (एनआईएसडी) के सदस्य एवं विशेष आमंत्रित (एनसीसीडीआर) श्री सुखविंदर सिंह बिंद्रा द्वारा प्रदान किया गया, जिन्होंने डॉ. जोरा सिंह के दूरदर्शी नेतृत्व और नशा मुक्त समाज, युवा सशक्तिकरण तथा सामुदायिक जागरूकता के प्रति उनके समर्पित प्रयासों को सराहा।
उनके गतिशील मार्गदर्शन में देश भगत विश्वविद्यालय ने नशा मुक्त भारत मिशन में सक्रिय योगदान दिया है, जिसमें बड़े स्तर पर जागरूकता अभियान एवं सामुदायिक संपर्क कार्यक्रम, नशा मुक्ति पर संगोष्ठियों, कार्यशालाओं एवं विशेषज्ञ सत्रों का आयोजन, एनसीसी, एनएसएस एवं युवाओं द्वारा संचालित गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी, परामर्श, पुनर्वास जागरूकता एवं मूल्य आधारित शिक्षा को बढ़ावा, तथा सरकारी निकायों एवं सामाजिक संगठनों के साथ सहयोग शामिल हैं।
इन पहलों ने युवाओं एवं समाज को नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने तथा स्वस्थ एवं जिम्मेदार जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
इस अवसर पर अपने विचार साझा करते हुए डॉ. जोरा सिंह ने कहा, “मैं भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय से यह सम्मान प्राप्त कर अत्यंत गौरवान्वित हूँ। नशा मुक्त भारत अभियान केवल एक अभियान नहीं, बल्कि एक राष्ट्रीय जिम्मेदारी है। देश भगत विश्वविद्यालय में हम अपने युवाओं को जागरूकता, मूल्यों और उद्देश्य से सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं, ताकि वे नशा मुक्त और प्रगतिशील भारत के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभा सकें। मैं इस सम्मान के लिए मंत्रालय, भारत सरकार तथा श्री सुखविंदर सिंह बिंद्रा का हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ।”
यह सम्मान देश भगत विश्वविद्यालय परिवार के लिए गर्व का क्षण है और राष्ट्र निर्माण, सामाजिक उत्तरदायित्व तथा युवा सशक्तिकरण के प्रति विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को और सुदृढ़ करता है।
देश भगत विश्वविद्यालय “नशा मुक्त भारत, स्वस्थ भारत” के दृष्टिकोण के अनुरूप राष्ट्रीय अभियानों में सक्रिय भागीदारी निभाते हुए अकादमिक क्षेत्र से परे भी सार्थक योगदान देता रहेगा।


