लाइव कैलेंडर

February 2026
M T W T F S S
 1
2345678
9101112131415
16171819202122
232425262728  

LIVE FM सुनें

India News24x7 Live

Online Latest Breaking News

श्री पेरिया नाज़गी अम्मल टेम्पल /काली माता मंदिर में महाशिवरात्रि पर्व पूजा अर्चना और धूमधाम से सम्पन्न….

चंडीगढ़:–ऐतिहासिक श्री पेरिया नायगी अम्मल मंदिर में महाशिवरात्रि का पर्व अत्यंत श्रद्धा और धूमधाम से मनाया गया। इस पावन अवसर पर तमिल समुदाय द्वारा मंदिर में वैदिक रीति रिवाज के साथ विशेष पूजा-अर्चना, अभिषेक और अनुष्ठानों का आयोजन किया गया। जिसमें भारी संख्या में भक्त शामिल हुए और भगवान शिव/ भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त किया। मंदिर परिसर में भगवान शिव की विशेष आराधना की गई। दूर-दूर से आए भक्तों ने लंबी कतारों में लगकर पूजा अर्चना की और दर्शन किए। इस दौरान पूरा माहौल भक्तिमय भजनों और तमिल रीति रिवाज जय जयकार और “ओम नमः शिवाय” के जयकारों से गूंज उठा।

श्री पेरिया नाज़गी अम्मल टेंपल/ काली माता मंदिर के प्रेसिडेंट आर वेलु, ने बताया कि श्री पेरिया नाज़गी अम्मल टेंपल/ काली माता मंदिर धनास में माता के दिव्य आशीर्वाद से महाशिवरात्रि का पावन पर्व धनास के फारेस्ट एरिया में स्थित काली माता मंदिर में बड़े ही हर्षोल्लास और श्रद्धाभाव से मनाया गया।

मंदिर में महाशिवरात्रि उत्सव की शुरुआत 15 फरवरी, 2026 से हुई थी। मंदिर में भगवान शिव की पूजा अर्चना पूरे विधि विधान से की गई। इसके बाद 8 दिन बाद 22 फरवरी 2026 रविवार को मयाना कोल्लाई उत्सव मनाया गया। इन आठ दिनों मे मन्दिर में महाशिवरात्रि पर्व में पूजा अर्चना जारी रही और फिर 22 फरवरी को मंदिर परिसर में महा उत्सव हुआ, जो सुबह से शुरू होकर मध्य रात्रि तक चला। उन्होंने बताया कि महा उत्सव के दिन माता पार्वती के रूप पेरिया नाज़गी अम्मल की पूजा की गई और तमिल श्रद्धालुओं द्वारा जीभ और गाल में त्रिशूल आरपार के शोभायात्रा भी निकाली गई।

इस अवसर पर आर.वेलु प्रेसिडेंट [पी एन ए टी एम सी], पादरी थिरु पेरियासामी,

नदेसन जनरल सेक्रेटरी, आनंद वेल-फाइनेंस सेक्रेटरी, सर्वेशवरी- फाइनेंस सेक्रेटरी और मटरू-जॉइंट सेक्रेटरी सहित कार्यकारिणी सदस्य इलैयाराजा, पूर्व मेंबर शंकर, सिद्धार्थ व महिलाओं के एडिशनल ग्रुप मनसा, एडमिन सेल्वी, एडमिन

अंजलाई, एडमिन कोलंजी, एडमिन अलेमेलु मनसा,

रानी और भारी संख्या में श्रद्धालु भी उपस्थित हुए और बड़े धूमधाम से कोलाई तिरूविलाया महोत्सव मनाया।