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भाजपा चंडीगढ़ के इंटेलेक्चुअल सेल ने ‘यूनियन बजट 2026: अर्थनीति से राष्ट्रनीति तक’ विषय पर पैनल चर्चा का आयोजन किया….

चंडीगढ़, 6 फरवरी 2026: भाजपा चंडीगढ़ के इंटेलेक्चुअल सेल (बुद्धिजीवी प्रकोष्ठ) ने शुक्रवार को ‘यूनियन बजट 2026: अर्थनीति से राष्ट्रनीति तक’ विषय पर एक पैनल चर्चा का आयोजन किया।

राजस्थान भवन, सेक्टर 33 में आयोजित इस सत्र का आयोजन डॉ. मोनिका बी. सूद, कन्वीनर, इंटेलेक्चुअल सेल, भाजपा चंडीगढ़ तथा सेल की कोर टीम द्वारा किया गया। कार्यक्रम में भाजपा चंडीगढ़ के प्रदेशाध्यक्ष जितेंद्र पाल मल्होत्रा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

पैनल चर्चा के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए डॉ. मोनिका बी. सूद ने कहा कि यह कार्यक्रम भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रव्यापी जनसंपर्क अभियान का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य यूनियन बजट को सरल बनाकर आम नागरिक से जोड़ना तथा आर्थिक नीतियों को दैनिक जीवन से जोड़ना है। इस पैनल चर्चा का उद्देश्य बजट के प्रमुख प्रावधानों को सरल भाषा में समझाना था ।

पैनल चर्चा के दौरान वक्ताओं ने बताया कि यूनियन बजट 2026–27 में तकनीक आधारित विकास, रोजगार सृजन, नवाचार और आत्मनिर्भरता पर विशेष जोर दिया गया है। डॉ. सूद ने मीडिया को बताया कि वैश्विक शक्ति संतुलन में बुनियादी परिवर्तन हो रहा है। उन्होंने कहा कि 30-40 वर्ष पहले युद्ध तेल और ईंधन को लेकर होते थे, लेकिन आने वाले दशकों में प्रतिस्पर्धा सेमीकंडक्टर और डेटा नियंत्रण को लेकर होगी। सेमीकंडक्टर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल बुनियादी ढांचे की रीढ़ हैं।

उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस भविष्य में रक्षा, शिक्षा, कृषि, स्वास्थ्य और चिकित्सा जैसे क्षेत्रों को परिभाषित करेगा, इसलिए सेमीकंडक्टर निर्माण और उन्नत तकनीक में निवेश एक रणनीतिक राष्ट्रीय प्राथमिकता है। इसी दृष्टि को साकार करने के लिए बजट में देशभर में 15,000 उन्नत प्रौद्योगिकी प्रयोगशालाओं की स्थापना के लिए प्रावधान किया गया है, जहां छात्रों को एआई, रोबोटिक्स, डेटा साइंस, गेमिंग तकनीक और क्वांटम कंप्यूटिंग का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके साथ ही बालिकाओं के लिए स्टेम(एस टी इ एम) शिक्षा पर विशेष बल दिया गया है तथा प्रत्येक जिले में छात्रावास निर्माण का प्रावधान किया गया है, जिससे उन्नत तकनीकी शिक्षा तक समान पहुंच सुनिश्चित हो सके।

पैनल चर्चा का संचालन अधिवक्ता एवं टाई (टीआईई) , चंडीगढ़ में टाई (टीआईई) वूमन, की चेयरपर्सन पूजा नायर ने किया। चर्चा में शिक्षाविद एवं उद्यमी डॉ. धरिंदर तायल , वित्तीय विशेषज्ञ सीएमए राकेश भल्ला, सीए एवं एलएलबी नवीन कुमार सोनी तथा टाई (टीआईई) चंडीगढ़ के प्रेसीडेंट पुनीत वर्मा ने पैनलिस्ट के रूप में भाग लिया।

पैनलिस्टों ने बुनियादी ढांचे और कनेक्टिविटी पर चर्चा करते हुए बताया कि आर्थिक विकास और राष्ट्रीय मजबूती का आधार सशक्त बुनियादी ढांचा है। चर्चा में उल्लेख किया गया कि प्रस्तावित सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर और 20 राष्ट्रीय जलमार्गों के संचालन से लॉजिस्टिक्स लागत में कमी आएगी, टियर-2 और टियर-3 शहरों को जोड़ा जाएगा तथा व्यापार, पर्यटन और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा। ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत रक्षा निर्यात में हुई उल्लेखनीय वृद्धि तथा रक्षा आत्मनिर्भरता को आर्थिक मजबूती और जीडीपी वृद्धि का प्रमुख कारक भी बताया गया।

पैनल में स्टार्ट-अप और एमएसएमई के लिए बजट में किए गए प्रावधानों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। एमएसएमई और एसएमई को सशक्त बनाने के लिए 10,000 करोड़ रुपये के आवंटन से युवाओं में उद्यमिता को बढ़ावा देने और रोजगार सृजन का लक्ष्य रखा गया है। डॉ. सूद ने बताया कि प्रधानमंत्री स्टार्ट-अप मिशन के तहत प्रतिवर्ष लगभग 1.4 लाख स्टार्ट-अप शुरू किए जा रहे हैं, जो प्रति उद्यम सीमित रोजगार के बावजूद सामूहिक रूप से लाखों नई नौकरियां सृजित कर रहे हैं।

स्वास्थ्य सुधार भी चर्चा का प्रमुख विषय रहा। डॉ. सूद ने बताया कि जीवनरक्षक दवाओं पर आयात शुल्क हटाकर आवश्यक दवाओं को अधिक किफायती बनाया गया है। इसके साथ ही भारत की प्राचीन चिकित्सा पद्धति को पुनर्जीवित करने के लिए तीन एम्स-स्तरीय आयुर्वेद संस्थानों की स्थापना तथा घरेलू दवा निर्माण को बढ़ावा देने के लिए ‘बायो-शक्ति मिशन’ के अंतर्गत विशेष वित्तीय प्रावधान किए गए हैं।

डॉ. सूद ने कहा कि यूनियन बजट 2026–27 कोई अल्पकालिक अभ्यास नहीं, बल्कि भविष्य निर्माण का दीर्घकालिक रोडमैप है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भारत को वैश्विक सुपर-इकोनॉमी बनाने के विजन के अनुरूप है। उन्होंने नागरिकों से वित्त, तकनीक और कर प्रणाली को गहराई से समझने का आग्रह करते हुए कहा कि भारत की तेज आर्थिक प्रगति पर अब पूरी दुनिया की नजर है।