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एरिज़ोना स्टेट यूनिवर्सिटी (एएसयू) के सहयोग से चितकारा इंटरनेशनल कॉलेज (सीआईसी) का शुभारंभ…

चितकारा यूनिवर्सिटी ने प्रमुख अमेरिकी विश्वविद्यालय एरिज़ोना स्टेट यूनिवर्सिटी (एएसयू) के साथ मिलकर चितकारा इंटरनेशनल कॉलेज (सीआईसी) की स्थापना करने का आज एलान किया । एरिज़ोना स्टेट यूनिवर्सिटी (एएसयू) को यूएस न्यूज एंड वर्ल्ड रिपोर्ट(2016-2024) ने अमेरिका की नंबर एक की शीर्ष इनोवेटिव यूनिवर्सिटी की रैंकिंग दी गई है। इसके अलावा 2023 में शंघाई रैंकिंग द्वारा इसे दुनिया भर की शीर्ष 150 यूनिवर्सिटीज में शामिल किया गया है। इस अभूतपूर्व सहयोग के साथ चितकारा यूनिवर्सिटी पंजाब की ऐसी पहली यूनिवर्सिटी बन गई है जिसने इनोवेटिव शैक्षिक मॉडल स्थापित करने के लिए एरिज़ोना स्टेट यूनिवर्सिटी के साथ साझेदारी की है। चितकारा इंटरनेशनल कॉलेज विशेष रूप से छात्रों को एएसयू डिग्री प्रोग्राम प्रदान करेगा जो उन्हें संयुक्त राज्य अमेरिका में स्थानांतरण से पहले भारत में अपने एएसयू स्नातक डिग्री कार्यक्रम शुरू करने की अनुमति देगा।

पंजाब में चितकारा एजुकेशनल ट्रस्ट द्वारा 1997 में चितकारा यूनिवर्सिटी की स्थापना की गई जो कि इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट, फार्मेसी, स्वास्थ्य विज्ञान, नर्सिंग, आतिथ्य, कानून, मनोविज्ञान, मीडिया, आर्ट एंड डिज़ाइन, और एजुकेशन जैसे विविध क्षेत्रों में व्यापक स्नातक, स्नातकोत्तर और डॉक्टरेट कार्यक्रम प्रदान करता है। यूनिवर्सिटी विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा मान्यता प्राप्त चितकारा यूनिवर्सिटी में आज 28 देशों के 20,000 से ज्यादा छात्र और 900 से अधिक संकाय सदस्य हैं। नेशनल एसेसमेंट एंड एक्रिडिटेशन काउंसिल (नैक) द्वारा चितकारा यूनिवर्सिटी को ए प्लस रेटिंग से सम्मानित किया गया है और भारत में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने वाले शीर्ष 5% शिक्षण संस्थानों में चितकारा यूनिवर्सिटी शामिल है। भावी वैश्विक नागरिकों को शिक्षित करने के लिए यूनिवर्सिटी की प्रतिबद्धता इसके इनोवेटिव पाठ्यक्रम, स्टेट आफ आर्ट इऩफ्रास्ट्रक्चर्स, नवीनतन रिसर्च और इंडस्ट्रीज के साथ रणनीतिक सहयोग से उजागर होती है।

इस मौके पर एरिजोना स्टेट यूनिवर्सिटी के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर और एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट डॉ. क्रिस हॉवर्ड ने कहा कि हम आज वैश्विक शिक्षा में एक नए युग में प्रवेश कर रहे हैं, चितकारा यूनिवर्सिटी, एरिज़ोना स्टेट यूनिवर्सिटी व सिंटाना एजुकेशन के बीच में यह साझेदीरी एक अग्रणी एजुकेशन मॉडल की स्थापना करेगी। उन्होंने शैक्षिक परिदृश्य को पुनः परिभाषित करने वाली इस रोमांचक यात्रा में शामिल होने का आह्वान किया है।

हाल के वर्षों में विदेशी विश्वविद्यालयों में पढ़ने वाले भारतीय छात्रों की संख्या मैं उल्लेखनीय रूप से बढ़ोतरी हुई है । सन 2021 में 440,000 भारतीय छात्र विदेश में पढ़ रहे थे, लेकिन यह संख्या सन 2022 में बढ़कर 750,000 हो गई। परिणामस्वरूप, अंतरराष्ट्रीय छात्रों के शीर्ष दो स्रोतों में से भारत एक बन गया है। अनुमान लगाया गया है कि आने वाले कुछ वर्षों में विदेश में पढ़ने वाले भारतीय छात्रों की संख्या 1.3 मिलियन तक पहुंच सकती है और संयुक्त राज्य अमेरिका इन छात्रों का पसंदीदा विकल्प होगा।

भारत के भीतर भी उच्च गुणवत्ता वाली अंतर्राष्ट्रीय शिक्षा की मांग खासकर टियर 1 शहरों के बाहर के शहरों में लगातार बढ़ रही है। अनेक भारतीय माता-पिता और छात्र संयुक्त राज्य अमेरिका जैसे देशों में विश्वविद्यालयों में दी जा रही बेहतर शैक्षिक गुणवत्ता और परिणामों को पहचानते हैं। हालाँकि ज्यादा ट्यूशन फीस और विदेश में रहने की लागत भारतीय छात्रों के लिए इस सपने को साकार करने में एक बड़ी बाधा है। इसके अलावा, भारत सरकार की नई शिक्षा नीति (एनईपी) भी उच्च गुणवत्ता वाले भारतीय विश्वविद्यालयों और वैश्विक विश्वविद्यालयों के बीच सहयोग की आवश्यकता का समर्थन करती है।

एएसयू के साथ इस सहयोग के तहत, छात्र पहले दो वर्षों के लिए चितकारा इंटरनेशनल कॉलेज (सीआईसी) में अध्ययन करेंगे और उसके बाद अपनी डिग्री पूरी करने के लिए उन्हें एएसयू में स्थानांतरित कर दिया जाएगा। भारत में कम स्थानीय ट्यूशन शुल्क का भुगतान करने से छात्र अंतरराष्ट्रीय ट्यूशन फीस पर बचत करेंगे जिससे उच्च गुणवत्ता वाली अमेरिकी स्नातक डिग्री उनके लिए अधिक सुलभ हो जाएगी। पहले दो वर्षों में अपने देश में रहते हुए छात्र भोजन और आवास की लागत में भी बचत कर सकते हैं।

एसटीईएम कार्यक्रमों (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित) के स्नातक छात्र भी ग्रेजुएशन के बाद 3 साल के ओ.पी.टी. कार्य अवसर के लिए पात्र होंगे। इस पहल से भारतीय छात्रों को अपनी आकांक्षाओं को पूरा करने, मूल्यवान अंतरराष्ट्रीय अनुभव प्राप्त करने और भारत से बाहर अपने करियर की शुरुआत करने के लिए मदद मिलेगी।

चितकारा विश्वविद्यालय में छात्र उन्हीं एरिज़ोना स्टेट यूनिवर्सिटी (एएसयू) के पाठ्यक्रमों का अध्ययन करेंगे, जो अन्य छात्र अपने अमेरिकी परिसर में पढ़ेंगे। इस मौके पर चितकारा यूनिवर्सिटी की प्रो-चांसलर डॉ. मधु चितकारा, ने कहा कि, “ इस सहयोग का लक्ष्य उन सभी छात्रों को, जो कि चितकारा इंटरनेशनल कॉलेज में एएसयू कार्यक्रमों में दाखिला लें रहे हैं, उन्हें पहले दिन से ही सर्वश्रेष्ठ अमेरिकी शैक्षिक अनुभव प्रदान करना है। यह कार्यक्रम एएसयू और सिंटाना एलायंस संस्थानों के साथ मिल कर तैयार किया गया है, जो चितकारा विश्वविद्यालय के छात्रों को विश्व स्तर पर सफल होने के लिए आवश्यक कौशल और ज्ञान प्रदान करने पर केंद्रित है।

चितकारा विश्वविद्यालय के छात्रों को अद्वितीय अंतरराष्ट्रीय एक्सचेंज प्रोग्राम में भी हिस्सा लेने का अवसर मिलेगा। चितकारा यूनिवर्सिटी के एएसयू-सिंटाना एलायंस के सदस्य होने के नाते छात्रों को एएसयू और दुनिया भर के अन्य विश्वविद्यालयों में भी सीखने का अवसर मिलेगा।

एएसयू-सिंटाना एलायंस अमेरिका, यूरोप, एशिया, मध्य पूर्व और लैटिन अमेरिका की नवोन्वेषी विश्वविद्यालयों का एक वैश्विक नेटवर्क है जो अपने देश की आर्थिक और सामाजिक स्थिति की जरूरतों को पूरा करने के लिए उच्च गुणवत्ता वाले एकेडमिक प्रोग्राम के लिए मिलकर काम कर रहे हैं। एएसयू-सिंटाना एलायंस की स्थापना एरिज़ोना स्टेट यूनिवर्सिटी और सिंटाना एजुकेशन के बीच साझेदारी के माध्यम से की गई है।

चितकारा इंटरनेशनल कॉलेज इस डिजिटल युग में छात्रों को सफलता के लिए तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है। इस प्रतिबद्धता के तहत चितकारा इंटरनेशनल कॉलेज अकादमिक सत्र 2024 से बी.ई. कंप्यूटर साइंस और टेक्नोलॉजी कोर्स के साथ सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग और साइबर सुरक्षा में एएसयू पाथवे की पेशकश करेगा। भविष्य में चितकारा इंटरनेशनल कॉलेज में और अधिक टॉप रैंकिंग और इन-डिमांड वाली एएसयू डिग्रियां इस कार्यक्रम में जोड़ने की योजना भी है।