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भगवान को छप्पन प्रकार के व्यंजनों का लगाया भोग…..

चंडीगढ़ 1 दिसम्बर 2023ः सेक्टर 40 डी के मैदान में सुंदरकाण्ड महिला मंडली द्वारा आयोजित साप्ताहिक श्रीमद्भागवत कथा के पंचम दिवस की कथा में कथा व्यास सुरेश शास्त्री ने श्रद्धालुओं को श्री गोवर्धन लीला का प्रसंग भी श्रद्धालुओं को सुनाया और उसी परम्परा के अनुसार कथा स्थल पर गिरिराज पूजन हुआ। भगवान गोवर्धन का अभिषेक विधि विधान के साथ किया गया और उन्हें 56 प्रकार के व्यंजनों का भोग लगाया। इस अवसर पर कथा व्यास सुरेश शास्त्री ने सुंदर भजन गाये जिसे सुन कर श्रद्धालु मंत्र मुग्ध हो गये।

इस कथा को श्रवण करने के बाद कथा व्यास ने सार बताया एक छोटी सी उंगली पर पूरे गिरिराज को ठाकुर जी ने धारण किया हम सबको भी किसी को छोटा नहीं समझना चाहिए छोटा व्यक्ति बहुत बड़े से बड़ा काम समझ से कर सकता है यदि उसके ऊपर प्रभु की कृपा है और उसका भाव पवित्र है। उन्होंने बताया कि इंद्र का अभिमान अत्यधिक बढ़ाने के कारण भगवान ने सारे गोकुल वासियों की रक्षा की और इस कथा का अभिप्राय भी यही है कि अभिमान वाले का भगवान अभिमान तोड़ते हैं भगवान पर आस्था रखने वाले गोकुल वासियों के श्रद्धा को भगवान श्रेष्ठ बताते हैं जो भगवान के प्रति अपनी श्रद्धा आस्था रखते हैं भगवान उनकी रक्षा के लिए हमेशा छत्र छाया बनकर सदैव खड़े रहते हैं।

इससे पूर्व कथा में कथा व्यास सुरेश शास्त्री ने नंद बाबा के घर में सभी गोकुल वासियों ने भगवान का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया सर्वप्रथम देवताओं में भगवान शिव भगवान के दर्शन के लिए गए लेकिन जोगी बनकर। कभी भी भगवान से अगर मिलना है तो हमें अपने अपने पद को त्याग कर एक सच्चे भक्त की तरह भगवान की कथा में भगवान के दर्शन के लिए जाना चाहिए। भगवान शिव त्रिलोकी नाथ महादेव होते हुए भी जब भगवान के दर्शन के लिए गए तो बिल्कुल खाली यानी कि जोगी बनकर। हम सभी को भी भगवान के प्रति अपनी पद और अभिमान, कपट भाव को त्याग कर कथा एवं मंदिर या सत्संग में जाना चाहिए।