150 से अधिक पेंशनभोगियों ने लिया भाग; डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र सफलतापूर्वक अपडेट किए गए….
भारतीय स्टेट बैंक (SBI) द्वारा राष्ट्रव्यापी डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र अभियान 5.0 के अंतर्गत एक जागरूकता संगोष्ठी का आयोजन किया गया। यह अभियान 1 नवंबर से 30 नवंबर 2026 तक चलाया जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य पेंशनभोगियों के बीच फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक (Face Authentication Technology) को बढ़ावा देना है।
इस संगोष्ठी में चंडीगढ़, पंचकूला एवं मोहाली से 150 से अधिक पेंशनभोगियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान पेंशनभोगियों को आधार आधारित फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक के माध्यम से डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र (Digital Life Certificate – DLC) बनाने की प्रक्रिया, इसके लाभ एवं उपयोगिता के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। बैंक अधिकारियों की सहायता से उपस्थित पेंशनभोगियों के डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र भी सफलतापूर्वक अपडेट किए गए।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों एवं पेंशनभोगियों के लिए वार्षिक जीवन प्रमाण पत्र जमा करने की प्रक्रिया को सरल, सुविधाजनक एवं सुलभ बनाना है, ताकि उन्हें इसके लिए बार-बार बैंक शाखाओं में जाने की आवश्यकता न पड़े। जीवन प्रमाण (Jeevan Pramaan) सुविधा के माध्यम से पेंशनभोगी स्मार्टफोन का उपयोग करके फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक द्वारा अपना जीवन प्रमाण पत्र डिजिटल रूप से जमा कर सकते हैं। इस प्रक्रिया में किसी अलग बायोमेट्रिक मशीन की आवश्यकता नहीं होती।
इस कार्यक्रम में श्री अमरेश कुमार झा, मुख्य महाप्रबंधक (CGM); श्री नितिन जोशी, उप महाप्रबंधक (D&TB); श्री विनीत कुमार, क्षेत्रीय प्रबंधक, RBO-4, चंडीगढ़ तथा सुश्री नेहा पराशर, सहायक महाप्रबंधक (AGM) की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम को सफल बनाने में सुश्री कनिका विज, शाखा प्रबंधक तथा श्री रविंद्र कुमार, मुख्य प्रबंधक का भी सक्रिय योगदान रहा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री अमरेश कुमार झा, मुख्य महाप्रबंधक ने डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने वरिष्ठ नागरिकों के लिए बैंकिंग सेवाओं को अधिक सुविधाजनक एवं सुलभ बनाने में आधुनिक तकनीक की भूमिका पर जोर दिया तथा पेंशनभोगियों को फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक सहित डिजिटल सुविधाओं को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया।
श्री नितिन जोशी, उप महाप्रबंधक (D&TB) ने डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र समय पर जमा करने की आवश्यकता एवं इसके महत्व के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक के लाभों को समझाते हुए बताया कि इस सुविधा के माध्यम से पेंशनभोगी बिना बैंक शाखा आए डिजिटल रूप से अपना जीवन प्रमाण पत्र जमा कर सकते हैं।
इस अवसर पर अधिकारियों ने यह भी जानकारी दी कि भारतीय स्टेट बैंक ऐसे वरिष्ठ नागरिकों के लिए डोरस्टेप बैंकिंग (Doorstep Banking) सुविधा उपलब्ध कराता है, जो अधिक आयु अथवा शारीरिक असुविधा के कारण बैंक शाखा में आने में असमर्थ हैं। इस सुविधा के अंतर्गत पात्र वरिष्ठ नागरिक अपने घर पर ही डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र जमा करने के साथ-साथ अन्य बैंकिंग आवश्यकताओं के लिए भी निर्धारित नियमों एवं शर्तों के अनुसार सेवाएं प्राप्त कर सकते हैं।
चंडीगढ़, पंचकूला एवं मोहाली के पेंशनभोगियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी तथा उनके डिजिटल जीवन प्रमाण पत्रों का सफलतापूर्वक अपडेट होना इस संगोष्ठी की प्रमुख उपलब्धि रही। यह आयोजन वरिष्ठ नागरिकों के डिजिटल सशक्तिकरण, वित्तीय समावेशन एवं उनके जीवन को अधिक सुविधाजनक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
इस पहल के माध्यम से भारतीय स्टेट बैंक ने पेंशनभोगियों को बेहतर, सरल एवं तकनीक आधारित सेवाएं प्रदान करने तथा उनके प्रति सम्मान, संवेदनशीलता एवं प्रतिबद्धता को पुनः प्रदर्शित किया।
भारतीय स्टेट बैंक
पेंशनभोगियों की सेवा, सुविधा एवं सम्मान के प्रति प्रतिबद्ध।


