खरड़ में सुखपाल सिंह खिपाल और उनके परिवार को फोन कॉल के ज़रिए जान से मारने की धमकी देकर 5 करोड़ रुपये की फिरौती मांगने का मामला….
चंडीगढ़:- खरड़ निवासी सुखपाल सिंह खिपाल की तरफ से अपनी जान- माल की सुरक्षा को लेकर शिकायत दर्ज कराने के बाद, पुलिस ने गंभीरता से जांच करने के बाद मंदीप कौर उर्फ मैंडी और सतवीर सिंह उर्फ सत्तू के खिलाफ पुलिस स्टेशन सिटी खरड़ में सेक्शन 308(2) और 308(5) BNS के तहत केस नंबर 307/2026 दर्ज किया।
शिकायतकर्ता सुखपाल सिंह खिपाल के आरोपों के मुताबिक, उन्हें फोन कॉल और कई दूसरे तरीकों से धमकाकर 5 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी गई। अपराधियों ने न सिर्फ उन्हें बल्कि उनके परिवार और बच्चों को भी जान से मारने की धमकी दी। फोन कॉल के दौरान बच्चों के स्कूल का नाम, उनके आने-जाने का समय और यहां तक कि माथे पर गोली मारने जैसी धमकियों से पूरे परिवार में डर और घबराहट का माहौल सा पैदा हो गया था। इस घटना से बच्चों की सुरक्षा और पढ़ाई पर भी असर पड़ने का डर था।
शिकायतकर्ता अनुसार, मंदीप कौर उर्फ मैंडी और सतवीर सिंह उर्फ सत्तू पहले भी उसे अलग-अलग तरीकों से पैसे के लिए धमकाते रहे हैं। जब उसने पैसे देने से मना किया, तो उन्होंने कथित तौर पर झूठे एप्लीकेशन फाइल करने और झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर उसे ब्लैकमेल करने की कोशिश की। शिकायत में यह भी आरोप है कि सतवीर सिंह उर्फ सत्तू दूसरे लोगों के ज़रिए पैसे मांगता था और पैसे न देने पर झूठी पुलिस कंप्लेंट करने की धमकी देता था।
अकाउंट में करीब 46 लाख रुपये ट्रांसफर करने का दावा
शिकायत करने वाले सुखपाल सिंह खिपाल के मुताबिक, मंदीप कौर उर्फ मैंडी के बैंक अकाउंट में करीब 46 लाख रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर किए गए और इसके अलावा अलग-अलग समय पर कैश भी दिया गया। उनके आरोपों के मुताबिक, इसी तरह सतवीर सिंह उर्फ सत्तू भी अलग-अलग तरीकों से पैसे मांगता रहा। इस बारे में बैंक ट्रांजैक्शन और दूसरे सबूतों की जांच करने की ज़रूरत है।
थार गाड़ी में आग लगाने के बारे में गलत तथ्य पेश करने का आरोप
शिकायतकर्ता ने बताया कि मंदीप कौर उर्फ मैंडी ने उस पर और उसके वर्कर्स पर तेल या एसिड जैसी चीज़ डालकर थार गाड़ी में आग लगाने का आरोप लगाया था। इस बारे में 14.07.2026 को सदर पुलिस स्टेशन में दी गई पहली अर्जी में अनजान लोगों का ज़िक्र किया गया था, लेकिन बाद में 20.07.2026 को दूसरी अर्जी दी गई और छह लोगों के नाम लिखे गए, जिसमें सुखपाल सिंह खिपाल और उसके वर्कर्स के नाम भी शामिल थे।
शिकायतकर्ता के मुताबिक, घटना वाले दिन वह अपने ऑफिशियल काम से दूसरे राज्य जा रहा था और उसके पास इस बारे में एयर टिकट समेत दूसरे डॉक्यूमेंट्स हैं।
उसने यह भी आरोप लगाया कि जब जांच अधिकारी ने उससे थार गाड़ी दिखाने को कहा, तो मंदीप कौर उर्फ मैंडी ने कहा कि उसने गाड़ी बेच दी है, जबकि शिकायतकर्ता के मुताबिक, गाड़ी असल में मौजूद थी। उसने इस बारे में गाड़ी की तस्वीरें और दूसरे सबूत होने का दावा किया है।
झूठी एप्लीकेशन देकर बदनामी और दबाव बनाने का आरोप
सुखपाल सिंह खिपाल के मुताबिक, मंदीप कौर उर्फ मैंडी उनके खिलाफ कई सीनियर पुलिस अधिकारियों को एप्लीकेशन देकर गंभीर आरोप लगा रही हैं। शिकायतकर्ता का कहना है कि इन एप्लीकेशन में कोई तथ्य नहीं होने के कारण कई ऑफिसों में शिकायतें दर्ज की गई हैं। उनके मुताबिक, इन शिकायतों के जरिए उन पर पैसे देने का दबाव बनाया गया है।
पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस की कार्रवाई
इस पूरे मामले को लेकर सुखपाल सिंह खिपाल ने माननीय पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट, चंडीगढ़ में अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा के लिए एक याचिका दायर की थी। याचिका में धमकी भरे खत, फोन रिकॉर्डिंग और 5 करोड़ रुपये की फिरौती की मांग से जुड़े तथ्य और सबूत पेश किए गए थे।
माननीय पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने 21.10.2026 को एक आदेश पारित किया। इसके बाद SSP मोहाली ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच की और मौजूद फैक्ट्स के आधार पर मंदीप कौर उर्फ मैंडी और सतवीर सिंह उर्फ सत्तू को केस में नामजद कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई।
शिकायतकर्ता ने यह भी मांग की है कि लॉरेंस बिश्नोई गैंग के साथ आरोपियों के कथित लिंक और इस गैंग की संभावित भूमिका की गहराई से जांच की जाए, ताकि पूरे नेटवर्क और इसमें शामिल दूसरे लोगों की भूमिका सामने आ सके।
परिवार और बच्चों की सुरक्षा सबसे बड़ी चिंता
सुखपाल सिंह खिपाल ने कहा कि फोन कॉल के दौरान उनके बच्चों के स्कूल, आने-जाने के समय और उन्हें टारगेट करने को लेकर दी गई धमकियां बेहद गंभीर हैं। इस वजह से उनका पूरा परिवार मानसिक दबाव और डर के माहौल से गुजर रहा है। उन्होंने पंजाब सरकार और पंजाब पुलिस के बड़े अधिकारियों से मांग की है कि उनके परिवार और बच्चों की सुरक्षा पक्की की जाए, मामले की निष्पक्ष और समय पर जांच की जाए, जबरन वसूली और धमकियों में शामिल सभी लोगों की पहचान की जाए और कानून के मुताबिक सख्त कार्रवाई की जाए और किसी भी व्यक्ति को कानून की आड़ में लोगों को ब्लैकमेल करने और पैसे वसूलने की इजाजत न दी जाए।
सुखपाल सिंह खिपाल ने कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि माननीय अदालत और पंजाब पुलिस उन्हें और उनके परिवार को न्याय और सुरक्षा देगी।


