चंडीगढ़ इंटेलेक्चुअल फोरम द्वारा सीआईआई में ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ विषय पर बौद्धिक सम्मेलन आयोजित….
चंडीगढ़, 31 अक्टूबर 2026: देश में लोकतांत्रिक संस्थाओं, राजनीतिक स्थिरता और राष्ट्रीय संप्रभुता को लेकर बढ़ती चर्चाओं के बीच चंडीगढ़ के बुद्धिजीवियों, शिक्षाविदों, उद्योगपतियों, विधि विशेषज्ञों, चिकित्सकों, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स तथा विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिष्ठित पेशेवरों ने शुक्रवार को कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (सीआईआई), सेक्टर-30, चंडीगढ़ में आयोजित ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ विषयक बौद्धिक सम्मेलन में भाग लिया।इस सम्मेलन का आयोजन चंडीगढ़ इंटेलेक्चुअल फोरम के प्रतिष्ठित सदस्यों के सामूहिक प्रयासों से किया गया।
श्री जतिंदर पाल मल्होत्रा सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। डॉ. मोनिका बी. सूद, लेखिका एवं प्रबंध निदेशक, नवजीवन ग्रुप; श्री शक्ति देवशाली, पूर्व पार्षद एवं निदेशक, चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड, श्री राकेश भल्ला, चेयरमैन, एसोचैम व अन्य शामिल रहे। इन गणमान्य लोगों के अलावा श्री अरुण गोयल, प्रबंध निदेशक, अंबिका फार्मा सॉल्यूशंस; श्री रंजन लोहान, वरिष्ठ अधिवक्ता; श्री ललित टकियार, निदेशक, एलीफेंटा हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड; श्री पी. एस. लांबा, स्पोर्ट्स कोच एवं महासचिव, नेटबॉल स्पोर्ट्स प्रमोशन एसोसिएशन, चंडीगढ़; श्री नवीन सोनी, एलएल.बी. एवं चार्टर्ड अकाउंटेंट; तथा श्री बलजिंदर सिंह गुजराल, अध्यक्ष, केशो राम कॉम्प्लेक्स वेलफेयर एसोसिएशन एवं उपाध्यक्ष, चंडीगढ़ व्यापार मंडल प्रमुख रूप से शामिल रहे।
श्री जतिंदर पाल मल्होत्रा ने अपने संबोधन में कहा कि भारत के लोकतंत्र की वास्तविक शक्ति उसके संविधान, संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता तथा नागरिकों की सामूहिक जिम्मेदारी में निहित है।
सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए डॉ. मोनिका बी. सूद, लेखिका एवं प्रबंध निदेशक, नवजीवन ग्रुप ने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा केवल राजनीतिक घोषणाओं से संभव नहीं है। इसके लिए संवैधानिक जागरूकता, संस्थागत जवाबदेही, जिम्मेदार नागरिकता तथा बौद्धिक वर्ग की निरंतर सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।
श्री शक्ति देवशाली, पूर्व पार्षद एवं निदेशक, चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड ने लोकतांत्रिक अधिकारों के साथ जुड़े नागरिक कर्तव्यों पर अपने विचार व्यक्त किए।
सम्मेलन में राजनीतिक स्थिरता, आर्थिक विश्वास और राष्ट्रीय विकास के बीच गहरे संबंधों पर भी चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि मजबूत लोकतांत्रिक संस्थाएं सतत आर्थिक विकास, उद्यमिता और निवेश के लिए एक विश्वसनीय आधार प्रदान करती हैं।


