सेक्टर-46 में 106 फुट ऊंचे रावण के दहन के साथ बुराई पर अच्छाई की जीत के साथ नशे पर चोट का संदेश….
श्री सनातन धर्म दशहरा कमेटी, सेक्टर-46 की ओर से मंगलवार को सेक्टर-46 स्थित सब्जी मंडी ग्राउंड में 29वां दशहरा महोत्सव धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाया गया। बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक इस पर्व में 106 फुट ऊंचे रावण के पुतले सहित मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतलों का दहन किया गया। पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। आयोजन में ट्राइसिटी से एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद जताई गई थी।
दशहरा महोत्सव में रथ पर सवार रावण की घूमती गर्दन और चेहरा, नाभि से निकलने वाली अमृत कुंड की धारा तथा आंखों से निकलने वाले आग के अंगारे आकर्षण का केंद्र रहे। सोने की लंका के दहन ने भी दर्शकों का ध्यान खींचा। सूर्यास्त के बाद मंत्रोच्चारण के साथ रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतलों का दहन किया गया। इस दौरान मैदान में मौजूद श्रद्धालुओं ने जय श्रीराम के जयकारे लगाए।
नशे के खिलाफ दिया जागरूकता का संदेश
दशहरा महोत्सव के दौरान नशामुक्त चंडीगढ़ का संदेश देने के लिए प्रतीकात्मक रूप से नशे के पुतले का दहन भी किया गया। कमेटी के मुख्य संरक्षक एवं चेयरमैन जतिंदर भाटिया ने कहा कि नशा समाज के लिए एक गंभीर चुनौती है। खासकर युवा पीढ़ी को इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना समय की आवश्यकता है। इस पहल के माध्यम से लोगों को नशे जैसी सामाजिक बुराई से दूर रहने का संदेश दिया गया।
शोभायात्रा में शामिल हुए श्रद्धालु
दोपहर तीन बजे सेक्टर-46 स्थित श्री सनातन धर्म मंदिर से भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा सेक्टर-47 और सेक्टर-45 से होते हुए शाम करीब साढ़े चार बजे दशहरा आयोजन स्थल पर पहुंची। इसके बाद धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। शहर की विभिन्न रामलीला कमेटियों के कलाकारों ने परशुराम-श्रीराम संवाद, रावण-श्रीराम संवाद तथा हनुमान-रावण संवाद की प्रस्तुतियां दीं। बच्चों के लिए तीर-कमान, गदा और तलवार जैसे खिलौने भी वितरित किए गए।
दो हस्तियों को मिला चंडीगढ़ रत्न अवार्ड
कमेटी की ओर से समाज और अपने-अपने क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली हस्तियों को सम्मानित करने की परंपरा के तहत इस वर्ष महाराजा अग्रसेन यूनिवर्सिटी के उपकुलपति प्रो. प्रदीप सिंह वालिया तथा चंडीगढ़ प्रशासन के इंजीनियरिंग विभाग में सब-डिवीजनल इंजीनियर सरबन सिंह को चंडीगढ़ रत्न अवार्ड प्रदान किया गया।
श्रद्धालुओं के लिए किए गए विशेष प्रबंध
आयोजन स्थल पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए करीब आठ हजार कुर्सियों की व्यवस्था की गई थी। सुरक्षा के लिए चंडीगढ़ पुलिस के जवानों के साथ निजी सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया गया। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए दमकल गाड़ियों और एंबुलेंस की व्यवस्था भी की गई। महोत्सव का प्रमुख टीवी चैनलों पर सीधा प्रसारण भी किया गया।
इस अवसर पर पंजाब के पूर्व स्पेशल चीफ सेक्रेटरी वीके सिंह, चंडीगढ़ प्रशासन के चीफ विजिलेंस ऑफिसर एवं चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड के सीईओ डी. कार्तिके, डायरेक्टर सोशल वेलफेयर नवीन रत्तू, पंजाब अर्बन डेवलपमेंट अथॉरिटी के एडिशनल चीफ एडमिनिस्ट्रेटर राकेश कुमार पोपली सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। जीजीडीएसडी कॉलेज सोसाइटी, चंडीगढ़ के उपाध्यक्ष प्रो. सिद्धार्थ शर्मा ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की।
कमेटी के प्रधान नरिंदर कुमार भाटिया और महासचिव सुशील सोवत सहित अन्य सदस्यों ने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग के लिए चंडीगढ़ प्रशासन, नगर निगम, पुलिस और स्थानीय निवासियों का आभार व्यक्त किया। कमेटी के सदस्यों डीडी शर्मा, अशोक भगत, राकेश जोशी, हरजेश विमल, सुमित गुप्ता, सुदर्शन बत्रा, गुलशन, वरुण कुमार, दीपक भारद्वाज और कृष्ण मुसाफिर ने तैयारियों में महत्वपूर्ण योगदान दिया।


