सवालों का जवाब देने की हिम्मत नहीं थी, इसलिए सवाल पूछने वाले पार्षद की आवाज़ दबा दी गई’ : AAP…..
चंडीगढ़, 22 सितंबर: आम आदमी पार्टी (AAP) ने पार्टी के मुख्य प्रवक्ता एवं निर्वाचित पार्षद योगेश ढींगरा को चंडीगढ़ नगर निगम सदन से निलंबित किए जाने की कड़ी निंदा की है। पार्टी ने कहा कि भ्रष्टाचार और कथित वित्तीय लेन-देन से जुड़े गंभीर सवालों का जवाब देने के बजाय BJP ने सवाल उठाने वाले जनप्रतिनिधि के खिलाफ कार्रवाई करना चुना है।
मंगलवार को निगम सदन में योगेश ढींगरा के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाया गया और उन पर सदन की छवि खराब करने के आरोप लगाए गए।
AAP ने कहा कि योगेश ढींगरा ने पार्टी के मुख्य प्रवक्ता के तौर पर प्रेस कॉन्फ्रेंस में कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं से जुड़े सवाल सार्वजनिक किए थे। लोकतांत्रिक व्यवस्था में यदि किसी आरोप या दावे पर आपत्ति थी, तो उसका जवाब तथ्यों के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस या सार्वजनिक मंच पर दिया जाना चाहिए था। इसके बजाय उस राजनीतिक बयान को सदन की कार्यवाही से जोड़कर निलंबन की कार्रवाई करना गंभीर सवाल खड़े करता है।
‘हम ऑडियो सदन में चलाना चाहते थे, लेकिन ऑडियो पर जवाब देने के बजाय मुझे ही सस्पेंड कर दिया’ : योगेश ढींगरा
निलंबन के बाद योगेश ढींगरा ने कहा, “पहले मैं आपको एक ऑडियो सुनाना चाहता हूँ। हम यह ऑडियो सदन में चलाना चाहते थे या बीजेपी से इस ऑडियो के बारे में जवाब माँगना चाहते थे। *उन्होंने भ्रष्टाचारियों पर कार्रवाई करने के बजाय मुझे ही सस्पेंड कर दिया।”*
उन्होंने आगे कहा, “इससे स्पष्ट हो गया है कि भारतीय जनता पार्टी भ्रष्टाचारियों को बचाने का अड्डा हो गई है। पूरा देश देख रहा है, जितने भी भ्रष्टाचारी इस देश में हैं, सब बीजेपी में शामिल हो रहे हैं और बीजेपी उन्हें संरक्षण दे रही है।”
योगेश ढींगरा ने BJP से सवाल करते हुए कहा, “*आखिर बीजेपी की क्या मजबूरी है कि इन पाँच भ्रष्ट पार्षदों के नाम छुपा रही है? और इस ऑडियो पर, जिसमें उनके पार्षद के पति स्वीकार कर रहे हैं कि पैसे का लेन-देन हुआ था—खुद ही बोल रहे हैं कि पैसे का लेन-देन हुआ है—अभी तक बीजेपी ने कोई कार्रवाई क्यों नहीं की?”*
AAP ने कहा कि ऑडियो में किए गए कथित दावों की वास्तविकता जांच का विषय है और पार्टी किसी व्यक्ति को न्यायिक प्रक्रिया के बिना दोषी घोषित नहीं कर रही है। लेकिन यदि किसी ऑडियो में कथित तौर पर पैसों के लेन-देन से संबंधित बातचीत सामने आती है, तो उसकी निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच की मांग करना एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि का अधिकार और जनहित से जुड़ा सवाल है।
‘*भ्रष्टाचारियों पर कार्रवाई के बजाय सवाल पूछने वाले पर कार्रवाई क्यों?’*
AAP ने कहा कि पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि कथित ऑडियो और लगाए गए आरोप निराधार हैं, तो BJP को उनकी निष्पक्ष जांच कराने में क्या परेशानी है।
पार्टी ने कहा कि एक निर्वाचित पार्षद का काम केवल सदन में प्रस्तावों पर मतदान करना नहीं, बल्कि जनता से जुड़े सवाल उठाना और नगर निगम के कामकाज में पारदर्शिता की मांग करना भी है। सवालों का जवाब देने के बजाय जनप्रतिनिधि को निलंबित करना लोकतांत्रिक जवाबदेही की भावना के विपरीत है।
AAP ने कहा कि ‘जीरो टॉलरेंस’ की बात करने वाली BJP को अब यह स्पष्ट करना चाहिए कि कथित ऑडियो पर स्वतंत्र जांच की मांग करने वाले पार्षद के खिलाफ कार्रवाई क्यों की गई, जबकि कथित भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच को लेकर कोई स्पष्ट कदम सामने नहीं आया है।
‘पांच पार्षदों के नामों पर जवाब दे BJP’
AAP ने BJP से सीधे सवाल किया कि कथित लेन-देन से जुड़े आरोपों में जिन पांच पार्षदों के नामों का उल्लेख किया जा रहा है, उनके संबंध में पार्टी का आधिकारिक रुख क्या है।
AAP ने BJP से सीधा सवाल किया—“*एजेंडा पास करवाने के लिए कथित तौर पर पैसे लेने वाले वे पाँच पार्षद कौन हैं?”*
पार्टी ने आगे पूछा, “*कथित 80 लाख रुपये वाले वायरल ऑडियो के पूरे मामले पर BJP क्यों मौन साधे बैठी है? पार्टी नेतृत्व इस पर जवाब दे।”*
पार्टी ने कहा कि आरोपों की सच्चाई जांच का विषय है, लेकिन जांच की मांग को ही दबा देना समाधान नहीं है। यदि आरोप गलत हैं तो निष्पक्ष जांच के बाद यह बात सामने आ जाएगी और यदि कोई अनियमितता पाई जाती है तो जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।
‘योगेश ढींगरा मरते दम तक भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ता रहेगा’
योगेश ढींगरा ने कहा, “योगेश ढींगरा मरते दम तक भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ता रहेगा। आम आदमी पार्टी का एक-एक सिपाही भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ता रहेगा।”
उन्होंने कहा, “हम चंडीगढ़ को भ्रष्टाचार का अड्डा नहीं बनने देंगे। लड़ना चाहते हो तो हम सदन में रहेंगे, तो सदन में; नहीं तो सड़क पर भी हम आपके भ्रष्टाचार का खुलासा करते रहेंगे।”
आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विजयपाल सिंह ने कहा, “नगर निगम इस समय भ्रष्टाचार की गंभीर बीमारी से ग्रसित हो चुका है। हाल ही में सामने आया खरीद-फरोख्त (हॉर्स-ट्रेडिंग) का मामला, विशेष रूप से भाजपा पार्षद का प्रकरण, इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि व्यवस्था किस कदर नैतिक पतन की शिकार हो चुकी है।”
वहीं, कोर कमेटी के चेयरमैन प्रेम गर्ग ने कहा, “लोकतांत्रिक मर्यादाओं की धज्जियां उड़ाने वाले इस गंभीर मामले को लेकर हमने पुलिस महानिदेशक (DGP) को औपचारिक शिकायत सौंप है। हमने मांग की है कि इस खरीद-फरोख्त , एजेंडा पास करना ने नाम पर शामिल सभी जिम्मेदारों के खिलाफ बिना किसी देरी के सख्त और निष्पक्ष कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।”
AAP ने कहा कि निलंबन की कार्रवाई से पार्टी भ्रष्टाचार से जुड़े सवाल उठाने से पीछे नहीं हटेगी। माइक बंद किया जा सकता है, लेकिन जनता के सवाल बंद नहीं किए जा सकते। सदन के भीतर सवाल उठाने वाले जनप्रतिनिधि को निलंबित करने से कथित भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े सवाल खत्म नहीं होंगे। पार्टी इन मुद्दों को सदन से लेकर जनता के बीच तक उठाती रहेगी।
जारीकर्ता
विक्रांत ए. तंवर
स्टेट मीडिया इंचार्ज
आम आदमी पार्टी, चंडीगढ़


