साप्ताहिक शिव महापुराण कथा में भजनों और ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों से गूंजा वातावरण….
चंडीगढ़, 21 सितंबर 2026: सेक्टर-24 स्थित प्राचीन शिव मंदिर में आयोजित साप्ताहिक शिव महापुराण कथा के दौरान आज कथा व्यास श्री गोपालमणि महाराज ने श्रद्धालुओं को भगवान शिव की महिमा, गौ माता के महत्व और भगवान भोलेनाथ के सरल एवं दानी स्वरूप के बारे में विस्तार से बताया। कथा के दौरान भजनों और ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
कथा से पूर्व विधि-विधान एवं वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ श्री शिव महापुराण की विधिवत पूजा-अर्चना एवं स्तुति की गई। श्रद्धालुओं ने श्रद्धापूर्वक भगवान भोलेनाथ का स्मरण करते हुए शिव महापुराण को नमन किया और कथा के निर्विघ्न एवं सफल आयोजन के लिए प्रार्थना की। इसके पश्चात कथा व्यास श्री गोपालमणि महाराज ने शिव महापुराण कथा का शुभारंभ किया। इस अवसर पर सनातन धर्म मंदिर सभा के प्रधान आदर्श शर्मा, महामंत्री रतन लाल गुप्ता, कैशियर कुश भल्ला, पंडित लाखी राम, पं. चन्द्र भूषण जी, पं. राम गोपाल जी, पं. दिनेश जी, पं. शिवकुमार प्रबंधक एडवोकेट संजीव भारती, सह-प्रबंधक विवेक शर्मा, दीपक शर्मा, नरिंदर प्रभाकर, सरला शर्मा, संतोष शर्मा, सत्य सेठी, रत्नों माता उपस्थित थे।
कथा व्यास श्री गोपालमणि महाराज ने कहा कि शिव महापुराण में भगवान शिव को ‘अवढर दानी’ कहा गया है, अर्थात वे अपने भक्तों पर शीघ्र प्रसन्न होकर उनकी मनोकामनाएं पूर्ण करने वाले हैं। उन्होंने बताया कि भगवान भोलेनाथ इतने दानी हैं कि उन्होंने अपना स्वर्ण निर्मित महल भी रावण को दान कर दिया था।
उन्होंने कहा कि भगवान शिव अपने भक्तों के अहंकार को कभी स्वीकार नहीं करते। जो भी व्यक्ति अहंकार से युक्त हो जाता है, भगवान भोलेनाथ उसके अहंकार को चूर-चूर कर उसे सत्य का बोध कराते हैं। भगवान शिव का स्वरूप त्याग, करुणा, सरलता और भक्ति का प्रतीक है।
श्री गोपालमणि महाराज ने गौ माता की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जहां-जहां गौ माता के थनों से दूध की धारा गिरी, वहां शिवलिंग के प्रकट होने की मान्यता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से गौ सेवा, भगवान शिव की आराधना तथा धर्म और सदाचार के मार्ग पर चलने का आह्वान किया।
उन्होंने भगवान शिव और भगवान श्रीराम के परस्पर संबंध का उल्लेख करते हुए कहा कि भगवान भोलेनाथ निरंतर श्रीराम नाम का स्मरण करते हैं और भगवान श्रीराम भी भगवान शिव के प्रति अगाध श्रद्धा रखते हैं। यह हमें भक्ति, विनम्रता और परस्पर सम्मान का संदेश देता है।
कथा के दौरान कथा व्यास श्री गोपालमणि महाराज ने अपने मधुर भजनों से श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। उन्होंने गढ़वाली भजन “शिव जी हर्ची गियो मेरो”, “शिव कैलाशों के वासी” तथा “बम भोले, बम भोले” जैसे भक्तिमय भजनों के माध्यम से भगवान शिव की महिमा का गुणगान किया। भजनों के दौरान श्रद्धालु भी भक्ति में लीन होकर झूमते नजर आए और पूरा कथा पंडाल “हर-हर महादेव” तथा “बम भोले” के जयघोष से गूंज उठा।


