भाजपा संकल्प सेवा अभियान के नाम पर 3 लाख दीये, लेकिन खर्च सरकारी विभागों का, हिसाब कहां? : मनोज अग्रवाल….
इंडियन नेशनल लोकदल के प्रदेश कोषाध्यक्ष एवं पंचकूला शहरी जिलाध्यक्ष मनोज अग्रवाल ने पंचकूला में शुरू हुए ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत करीब 3 लाख दीये जलाने के कार्यक्रम पर सवाल उठाते हुए सरकार और प्रशासन से पूरे खर्च का सार्वजनिक हिसाब मांग लिया है।
मनोज अग्रवाल ने कहा कि प्राप्त जानकारी के अनुसार पंचकूला में सरकारी भवनों, स्कूल कालेजों, प्रमुख स्थानों, धार्मिक स्थलों और अन्य जगहों पर बड़े स्तर पर लगभग तीन लाख दीयों का प्रज्ज्वलन किया जा रहा है। जब सरकारी मशीनरी और सार्वजनिक स्थान इस आयोजन में शामिल हैं, तो जनता को यह जानने का पूरा अधिकार है कि दीये, तेल, सजावट, रंगोली, बिजली, आयोजन और अन्य व्यवस्थाओं पर विभिन्न सरकारी विभाग कितना पैसा खर्च रहे हैं और भुगतान विभाग द्वारा किस मद में किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार यदि इसे जनभागीदारी का अभियान बताती है तो सरकारी खजाने से होने वाले प्रत्येक खर्च का विवरण भी जनता के सामने रखना चाहिए। जनता के टैक्स के पैसे का इस्तेमाल किस मद में हो रहा है, इसकी पारदर्शिता कोई राजनीतिक मांग नहीं बल्कि जवाबदेही का सामान्य सिद्धांत है।
मनोज अग्रवाल ने कहा कि पंचकूला में आज भी नागरिकों को टूटी सड़कों, जलभराव, सीवरेज ओवरफ्लो, गंदगी और मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ऐसे में सरकार को पहले यह बताना चाहिए कि नागरिक सुविधाओं के लिए उपलब्ध बजट और ऐसे आयोजनों पर होने वाले खर्च का संतुलन क्या है।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि दीये जलाने पर आपत्ति नहीं, सवाल सरकारी पैसे के इस्तेमाल और उसके राजनीतिक दुरपयोग का है। भाजपा के घोषित कार्यक्रम पर सरकारी धन खर्च हो रहा है तो कुल राशि, बजट मद, स्वीकृति और भुगतान का पूरा विवरण सार्वजनिक किया जाए।
मनोज अग्रवाल ने कहा, “जनता को रोशनी अच्छी लगती है, लेकिन जनता यह भी जानना चाहती है कि इस राजनीतिक रोशनी का बिल प्रदेश के नागरिकों के पैसे से क्यों भरा जा रहा है।”


