लुधियाना निवासी महिला ने पुलिस और सगे भाई और भतीजों पर लगाए ब्लैकमेलिंग, धमकाने और प्रॉपर्टी हथियाने के आरोप…..
चंडीगढ़:–कुलवंत कौर, पत्नी लखवीर सिंह, निवासी गांव रामगढ़ भुल्लर, जिला लुधियाना, निवेदन करती हूँ कि वर्ष 2022 में हमने अपने घर में लकड़ी का काम कराने के लिए गुरदीप सिंह नामक एक मिस्त्री को लगाया था। उसने बाथरूम में छिपे हुए कैमरे लगाकर मेरी तथा मेरी बेटियों की अश्लील फोटो और वीडियो बना लीं तथा बाद में मुझे ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। उसकी प्रताड़ना से मैं इतनी परेशान हो गई कि आत्महत्या करने का प्रयास करने लगी। तब मेरे पति ने मेरे भाई जसविंदर सिंह ढालीवाल को फोन किया। उन्होंने तन, मन और धन से मेरी सहायता की तथा जगराओं पुलिस ने भी पूरा सहयोग किया। इस संबंध में *एफ.आई.आर. संख्या 0162, थाना सदर, जगराओं** दर्ज हुई।
इसके बाद नसीब विरक नामक पत्रकार तथा पम्मा मेंबर ने मुझे ब्लैकमेल करने की कोशिश की और गांव में मेरी वीडियो वायरल कर दी। इससे अत्यधिक दुखी होकर मैं निहाल सिंह वाला चली गई। वहां मैंने अपने भाई जसविंदर सिंह धालीवाल के साथ साझेदारी में एक कपड़ों का शोरूम खोला तथा गुजरात और दिल्ली से कपड़े लाकर अपना व्यवसाय शुरू किया।
जब मैं गुजरात से भारी मात्रा में कपड़ा लेकर आई, तब 8 दिसंबर 2025 को मेरे मायके वालों की नीयत बदल गई। उन्होंने मेरा अपहरण कर लिया, मेरा मोबाइल फोन छीन लिया तथा जब मैं 9 दिसंबर को जगराओं सिटी थाना में बयान देने जा रही थी, तब मुझे यह कहकर वापस बुला लिया गया कि मेरे भाई को हार्ट अटैक आ गया है। इसके बाद मुझे थाने ले जाकर मेरे साथ मारपीट की गई तथा धमकाया गया कि मुझे निहाल सिंह वाला में नहीं रहने दिया जाएगा और मुझे जगराओं में ही रहना पड़ेगा, क्योंकि वहां उनकी बदनामी हो रही है।
मैं अस्पताल में भर्ती रही, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। मुझे मेरे भाई जसविंदर सिंह धालीवाल के विरुद्ध बयान देने के लिए मजबूर किया गया तथा उसके घर जाकर भी धमकियां दी गईं। जब जसविंदर सिंह मुझे दवा देने आए, तब थाना प्रभारी एस.एच.ओ. पूर्ण सिंह ने उन्हें गाली-गलौज करके वहां से भगा दिया। असामाजिक तत्वों के गिरोह तथा पुलिस प्रशासन के संरक्षण के डर से मैं 30 दिसंबर 2025 को वापस जगराओं आ गई।मैं अत्यंत गहरे मानसिक आघात (ट्रॉमा) का शिकार हो चुकी थी। उस समय मेरा परिवार मुझे मानसिक बीमारी की दवाइयां दे रहा था, लेकिन इन लोगों ने मेरी चल रही दवाइयां भी बंद करवा दीं, जिससे मैं अपना मानसिक संतुलन खो बैठी।
मेरा और जसविंदर सिंह धालीवाल का शोरूम तथा व्यवसाय साझेदारी में था। 7 एवं 8 जनवरी 2026 को हम दोनों लुधियाना से शोरूम के लिए विज्ञापन सामग्री, लिफाफे आदि खरीदकर लाए थे।
इसी दौरान मेरे भतीजों और भाइयों के मन में बेईमानी आ गई। उन्होंने अपने गिरोह के साथ मिलकर 17 जनवरी 2026 को मुझे मोहरा बनाकर शोरूम, घर, कार्यालय तथा जसविंदर सिंह का सामान भी लूट लिया। मेरी बेटी के नाम पर मुझे ब्लैकमेल करके जसविंदर सिंह के विरुद्ध पुलिस तथा आकाश की मदद से *एफ.आई.आर. संख्या 15/2026, थाना निहाल सिंह वाला* दर्ज करवा दी गई।13 फरवरी 2026 को जसविंदर सिंह अपना इलाज करवाने के लिए शोरूम छोड़कर चले गए और इसकी सूचना पुलिस को भी दे दी। जैसे ही इन लोगों को पता चला कि शोरूम में अब कोई नहीं है, तब सुखचैन सिंह उर्फ चेना (चैना)*अपने 7-8 साथियों के साथ मुझे लेकर वहां आया। उन्होंने ताले तोड़ दिए, सीसीटीवी कैमरों का कनेक्शन काट दिया, डी.वी.आर. निकालकर अपने एक साथी को दे दिया तथा पूरे शोरूम, घर और कार्यालय में लूटपाट एवं तोड़फोड़ की। जब मैंने अपने रोजगार के लिए कपड़े मांगे, तब चेना, कुलदीप भाभी और आकाश ने कहा कि वे सब कुछ लूटकर ले आए हैं और पुलिस को रिश्वत भी दे दी है। बाद में मुझे पता चला कि वे चोरी-छिपे मेरी हिस्सेदारी की जमीन भी अपने नाम करवाने का प्रयास कर रहे हैं, जिसे मौके पर ही तहसीलदार द्वारा रोक दिया गया। इसके बावजूद इस गिरोह ने डी.एस.पी. कार्यालय में ही हम पर हमला करने का प्रयास किया।
इसके बाद बहादर सिंह, सरबजीत कौर, दर्शन सिंह, कुलदीप कनुआ, बलौर सिंह, बलविंदर सिंह बिंदरा तथा जनक राज** ने मुझसे संपर्क किया और कहा कि यदि चेना के कब्जे से सामान वापस लेना है तो खर्चा करना पड़ेगा। मेरे पास पैसे नहीं थे, इसलिए उन्होंने कहा कि यदि मेरे पास सोना है तो वह दे दूं। उन्होंने मेरे कानों की बालियां और टॉप्स ले लिए तथा बहादर सिंह और दर्शन सिंह ने मुझसे कुछ दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करवा लिए। मुझे यह जानकारी नहीं थी कि इन हस्ताक्षरों का उपयोग जसविंदर सिंह के विरुद्ध झूठा मुकदमा दर्ज करवाने के लिए किया जाएगा। कुछ दिनों बाद दर्शन सिंह ने मुझसे ऑनलाइन भी पैसे ले लिए।
इसी साजिश के तहत बहादर सिंह, सरबजीत कौर, दर्शन सिंह, कुलदीप कनुआ, बलौर सिंह तथा जनक राज ने सुखदीप कौर (सुखी), पूनम आदि को मेरे शोरूम में बैठा दिया। जब मैं अपने शोरूम में गई तो मेरे साथ मारपीट की गई, मेरे गले से सोने की चेन छीन ली गई तथा उसकी वीडियो बनाकर वायरल कर दी गई। मैं थाने गई, लेकिन मेरी कोई सुनवाई नहीं हुई। थाने तथा हमारे कार्यालय में भी हमारे साथ मारपीट करने का प्रयास किया गया।
आज मेरी कहीं भी सुनवाई नहीं हो रही है। हर जगह मुझे अपमानित किया जा रहा है। मेरी तथा मेरे परिवार की जान-माल की सुरक्षा की जाए। मेरे बच्चों तथा मेरी नाबालिग बेटी को स्कूल से उठाने की धमकियां दी जा रही हैं। मुझ पर ब्लैकमेलर और बलात्कार के आरोपी से समझौता करने का दबाव बनाया जा रहा है तथा कहा जा रहा है कि अब मुझे मेरा शोरूम कभी वापस नहीं मिलेगा। मेरी नाबालिग बेटी के लिए भी अत्यंत अशोभनीय और अभद्र शब्दों का प्रयोग किया जा रहा है।
अतः आपसे विनम्र प्रार्थना है कि मेरी शिकायत पर निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए तथा मुझे और मेरे परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए।
*मोबाइल:* 75893-35212


