विश्वशांति महायज्ञ के साथ संपन्न हुआ श्री सिद्धचक्र महामण्डल विधान,चंडीगढ़, 29 जुलाई….
श्री दिगम्बर जैन मंदिर, सेक्टर-27 बी, चंडीगढ़ में अष्टान्हिका महापर्व के पावन अवसर पर आयोजित आठ दिवसीय श्री सिद्धचक्र महामण्डल विधान एवं विश्वशांति महायज्ञ का आज अत्यंत श्रद्धा, भक्ति एवं धार्मिक उल्लास के साथ भव्य समापन हुआ। समापन अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर धर्मलाभ प्राप्त किया तथा विश्व के कल्याण एवं शांति की मंगलकामना की।
आज के कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातःकालीन शांतिधारा से हुआ, जिसका सौभाग्य श्री अंबुज जैन, श्री ऋषभ जैन- श्रीमती कविता जैन को प्राप्त हुआ। इसके उपरांत नित्य पूजन एवं शांति विधान संपन्न हुआ। विधान के समापन पर विश्वशांति महायज्ञ का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने विश्व में शांति, सद्भाव एवं समस्त प्राणियों के मंगल की कामना करते हुए आहुतियाँ अर्पित कीं।
आठ दिवसीय सिद्धचक्र महामण्डल विधान के दौरान प्रतिदिन भगवान के श्रीचरणों में अर्घ्य समर्पित किए गए। प्रथम दिन 8 अर्घ्य अर्पित किए गए तथा प्रत्येक अगले दिन अर्घ्यों की संख्या दोगुनी होती गई। इस प्रकार क्रमशः 8, 16, 32, 64, 128, 256, 512 तथा अंतिम दिन 1024 अर्घ्य समर्पित किए गए। इस अनूठी आध्यात्मिक साधना के माध्यम से श्रद्धालुओं ने आत्मशुद्धि, तप एवं मोक्षमार्ग की आराधना की।
महायज्ञ के उपरांत श्रद्धापूर्वक मण्डल का विसर्जन किया गया। यह सिद्धचक्र महामण्डल नन्दीश्वर द्वीप का प्रतीकात्मक स्वरूप माना जाता है। जैन आगमों के अनुसार नन्दीश्वर द्वीप एक दिव्य एवं पवित्र क्षेत्र है, जहाँ मनुष्यों का पहुँचना संभव नहीं है। ऐसी मान्यता है कि अष्टान्हिका महापर्व के आठ दिनों में देवगण नन्दीश्वर द्वीप पर जाकर जिनेन्द्र भगवान की विशेष आराधना एवं पूजा-अर्चना करते हैं। मंदिर में स्थापित यह महामण्डल उसी दिव्य आराधना का प्रतीकात्मक स्वरूप है, जिसके माध्यम से श्रद्धालु भावपूर्वक पूजा कर आध्यात्मिक पुण्य का अर्जन करते हैं।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर श्री दिगम्बर जैन सोसायटी, चंडीगढ़ की समस्त कार्यकारिणी एवं समिति के पदाधिकारी उपस्थित रहे। इस अवसर पर अध्यक्ष श्री धर्म बहादुर जैन, उपाध्यक्ष एडवोकेट आदर्श जैन, महासचिव श्री संत कुमार जैन, कोषाध्यक्ष श्री राजा बहादुर सिंह जैन , श्री शरद जैन सहित सभी समिति सदस्यों ने श्रद्धापूर्वक धार्मिक अनुष्ठानों में सहभागिता की तथा आयोजन की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त की।
कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित श्रद्धालुओं ने धर्म, अहिंसा, संयम एवं विश्वबंधुत्व के संदेश को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया। मंदिर परिसर पूरे दिन भक्ति, श्रद्धा एवं धार्मिक उल्लास से सराबोर रहा।
आज के भोजन की व्यवस्था श्री जिनेन्द्र जैन परिवार, सेक्टर-12ए, पंचकूला द्वारा श्रद्धापूर्वक की गई।
मंदिर समिति ने अष्टान्हिका महापर्व एवं सिद्धचक्र महामण्डल विधान के सफल आयोजन में सहयोग देने वाले समस्त श्रद्धालुओं, दानदाताओं, स्वयंसेवकों एवं आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए सभी के सुख, शांति एवं मंगलमय जीवन की कामना की।


