ब्रह्मलीन श्री सतगुरु देव श्री श्री 108 श्री मुनि गौरवानंद गिरि जी महाराज की 39वीं पुण्यतिथि पर तीन दिवसीय धार्मिक समारोह शुरू…..
चंडीगढ़, 11 जुलाई 2026: ब्रह्मलीन श्री सतगुरु देव श्री श्री 108 श्री मुनि गौरवानंद गिरि जी महाराज की 39वी पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में श्री महावीर मंदिर मुनि सभा (साधू आश्रम), सेक्टर-23 में तीन दिवसीय धार्मिक समारोह का शुभारंभ श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण के बीच हुआ। समारोह के प्रथम दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर पूजन, कीर्तन और सत्संग का लाभ प्राप्त किया।
प्रातःकाल ब्रह्मलीन श्री सतगुरु देव श्री श्री 108 श्री मुनि गौरवानंद गिरि जी महाराज का विधि-विधान के साथ पूजन-अर्चना की गई तथा सामूहिक रुप से श्री हनुमानजी चालीसा का पाठ किया गया। इसके उपरांत शहर की विभिन्न संकीर्तन मंडलियों ने भजन-कीर्तन प्रस्तुत कर पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
इस अवसर पर श्रद्धालुओं को प्रवचन देते हुए कथा व्यास हरि जी महाराज ने कहा कि परमात्मा की असीम कृपा और संतों के पावन आशीर्वाद से ही मनुष्य को सत्संग तथा संतों का पावन सानिध्य प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि शरीर का परम धर्म प्रभु की कथा का श्रवण और सत्संग करना है। मनुष्य शरीर केवल भौतिक सुख-सुविधाओं, धन-संपत्ति और सांसारिक इच्छाओं की पूर्ति के लिए नहीं मिला है, बल्कि इसका सर्वोच्च उद्देश्य ईश्वर का स्मरण, उनकी कथाओं का श्रवण और संतों के सानिध्य में रहकर अपने जीवन को सार्थक बनाना है। उन्होंने कहा कि प्रभु की कथा सुनने से मन में भक्ति, श्रद्धा, सकारात्मक सोच और आत्मिक शांति का विकास होता है। जैसे बाहरी शुद्धि स्नान से होती है उसी प्रकार आंतरिक शुद्धि भजन से होती है।
कथा व्यास ने कथा के दौरान सुंदर भजन गाए जिनमें मुरली वाले ने ऐसा कर्म कर दिया; तेरे बांके अदा ने सांवरे; संतन के संग लागे रे जिससे उपस्थित श्रद्धालु भाव विभोर हो गए।
समारोह में सभा के प्रधान दिलीप चंद गुप्ता, सांस्कृतिक सचिव पंडित दीप भारद्वाज, उपप्रधान ओ.पी. पाहवा, कार्यालय सचिव नंदलाल शर्मा, कोषाध्यक्ष सुरेंद्र गुप्ता, संयुक्त सचिव जगदीश सरीन, ऑडिटर नरेश कुमार महाजन सहित सभा के पदाधिकारी, सदस्य एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।


