लाइव कैलेंडर

October 2026
M T W T F S S
 1234
567891011
12131415161718
19202122232425
262728293031  

LIVE FM सुनें

India News24x7 Live

Online Latest Breaking News

इस एमओयू का उद्देश्य भारत में सस्टेनेबल रोबोटिक-असिस्टेड सर्जरी प्रोग्राम के विकास में सहायता करना है….

चंडीगढ़ 9 जुलाई, 2026: फोर्टिस मोहाली और मिनिमली इन्वेजिव केयर में ग्लोबल लीडर व रोबोटिक असिस्टेड सर्जरी (आर.ए.एस) की शुरुआत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली कंपनी, इन्ट्यूटिव ने एक मैमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (एम.ओ.यू) पर हस्ताक्षर किए। इस एम.ओ.यू का उद्देश्य एक नॉन-मेट्रो शहर में भारत की पहली टोटल प्रोग्राम ऑब्जर्वेशन (टीपीओ) साईट स्थापित करना है।

यह सहयोग भारत में रोबोटिक असिस्टेड सर्जरी के विकास का अगला दौर प्रदर्शित करता है। इसके अंतर्गत, प्रोग्राम के विकास, विधिवत ट्रेनिंग, मरीज की सुरक्षा और मल्टीडिसिप्लिनरी टीमों को तैयार रखने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। फोर्टिस अस्पताल मोहाली में टीपीओ साईट हैल्थकेयर प्रोफेशनल्स को एक पीयर-टू-पीयर लर्निंग प्लेटफॉर्म प्रदान करेगी, ताकि वो देख सकें कि भारतीय हैल्थकेयर सैटिंग में रोबोटिक प्रोग्राम का निर्माण, विकास और संचालन कैसे किया जाता है।

फोर्टिस मोहाली में गायनाकोलॉजी, गैस्ट्रोइंटेस्टाईनल ऑन्कोलॉजी, यूरोलॉजी और हेड एवं नेक सर्जरी जैसी विभिन्न स्पेशियलिटीज में मल्टीडिसिप्लिनरी रोबोटिक असिस्टेड सर्जरी प्रोग्राम शुरू हो चुका है। इस अस्पताल में 3,600 से अधिक रोबोटिक-असिस्टेड सर्जरी की जा चुकी हैं। यहाँ 18 रोबोटिक सर्जन और दो दा विंची सर्जिकल सिस्टम उपलब्ध हैं।

फोर्टिस मोहाली अस्पताल में पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, चंडीगढ़ और अन्य पड़ोसी इलाकों के मरीज इलाज कराने के लिए आते हैं। यह अस्पताल उन नॉन-मेट्रो संस्थानों के लिए एक मिसाल है, जो समान हैल्थकेयर सैटिंग में अपने रोबोटिक-असिस्टेड सर्जरी प्रोग्राम को मजबूत बनाना चाहते हैं।

यह टीपीओ साईट विजिटिंग सर्जन, केयर टीम, अस्पताल प्रशासन और एग्जिक्यूटिव लीडर्स को पीयर-टू-पीयर लर्निंग के साथ रोबोटिक-असिस्टेड सर्जरी प्रोग्राम में शामिल होने का अवसर प्रदान करेगी। यहाँ पर उन्हें क्लिनिकल ऑब्जर्वेशन के साथ इस प्रोग्राम के विकास में मदद करने वाले विभिन्न पहलुओं का एक्सपोजर मिलेगा, जिनमें सर्जन का प्रशिक्षण, मल्टीडिसिप्लिनरी टीम में तालमेल, ऑपरेटिंग रूम का वर्कफ्लो, मरीज सुरक्षा की प्रक्रियाएं, प्रोग्राम गवर्नेंस, एग्जिक्यूटिव एलाईनमेंट, फाईनेंशियल प्लानिंग और दीर्घकालिक सर्विस का विकास शामिल है।

ग्लेन वावोसो, सीनियर वाईस प्रेसिडेंट और प्रेसिडेंट, इन्ट्यूटिव एशिया पैसिफिक ने कहा, ‘‘दुनिया में हैल्थकेयर सिस्टम रोबोटिक-असिस्टेड सर्जरी प्रोग्राम का विकास करने पर केंद्रित हो रहे हैं क्योंकि ये सस्टेनेबल और स्केलेबल हैं, तथा क्लिनिकल एक्सिलेंस के विभिन्न मॉडलों में शामिल हो सकते हैं। टोटल प्रोग्राम ऑब्जर्वेशन साईट हैल्थकेयर टीमों को स्थापित प्रोग्राम को ऑब्जर्व करने तथा इससे मिली लर्निंग का उपयोग अपने संस्थानों में करने में समर्थ बनाती हैं। इस ग्लोबल नेटवर्क में फोर्टिस अस्पताल, मोहाली का शामिल होना रोबोटिक-असिस्टेड सर्जरी में भारत की बढ़ती लीडरशिप का प्रमाण है। इससे सहयोग, शिक्षा और पीयर लर्निंग की मदद से हाई-क्वालिटी और मिनिमली इन्वेजिव केयर प्रदान करने की अस्पताल की प्रतिबद्धता प्रदर्शित होती है।’’

रोहित महाजन, वाईस प्रेसिडेंट एवं जनरल मैनेजर, इन्ट्यूटिव इंडिया ने कहा, ‘‘भारत में रोबोटिक-असिस्टेड सर्जरी विकास के एक नए दौर में प्रवेश कर रही है। यहाँ सफलता केवल टेक्नोलॉजी को अपनाने से निर्धारित नहीं होती है। बल्कि इसके लिए सस्टेनेबल और हाई-क्वालिटी सर्जिकल प्रोग्राम का विकास भी जरूरी है। फोर्टिस अस्पताल मोहाली नॉन-मेट्रो शहर में भारत की पहली टोटल प्रोग्राम ऑब्जर्वेशन साईट होगी, जिससे प्रदर्शित होता है कि यह ईकोसिस्टम काफी ज्यादा विकसित हो चुका है। इससे देश में सबसे अच्छी विधियों को बढ़ावा देने, क्षमताओं को मजबूत बनाने और मिनिमली इन्वेजिव केयर की उपलब्धता बढ़ाने में अनुभवी संस्थानों की महत्वपूर्ण भूमिका प्रदर्शित होती है।

इस बारे में अभिजीत सिंह, हेड – स्ट्रेट्जिक बिजनेस यूनिट (एसबीयू), फोर्टिस मोहाली ने कहा, ‘‘भारत में रोबोटिक असिस्टेड सर्जरी का लगातार विस्तार हो रहा है। हैल्थकेयर संस्थान यह जानने को उत्सुक हैं कि टेक्नोलॉजी की मदद से एक सस्टेनेबल प्रोग्राम का निर्माण कैसे किया जा सकता है। टोटल प्रोग्राम ऑब्जर्वेशन से उनकी यह जरूरत पूरी होती है। वो क्लिनिकल, ऑपरेशनल और लीडरशिप फंक्शन में पीयर-टू-पीयर लर्निंग प्राप्त करते हैं। इससे प्रशिक्षण को मजबूत बनाने, प्रोग्राम गवर्नेंस और सुरक्षा प्रक्रियाओं की सबसे अच्छी विधियों को साझा करने और हॉस्पिटल्स को ज्यादा सटीक एडवांस्ड मिनिमली इन्वेजिव केयर प्रदान करने के लिए जरूरी क्षमताओं का विकास करने में मदद करने की प्रतिबद्धता प्रदर्शित होती है।’’

इस सहयोग से भारत में रोबोटिक-असिस्टेड सर्जरी ईकोसिस्टम मजबूत होगा। खासकर नॉन-मेट्रो शहरों के हॉस्पिटलों के लिए एक प्रैक्टिकल लर्निंग प्लेटफॉर्म का निर्माण होगा, जिससे वो अपने प्रोग्राम्स को आगे बढ़ा सकेंगे।