तीन दिवसीय जीएसटी सर्टिफिकेट कोर्स का शुभारंभ, प्रतिभागियों को व्यावहारिक जीएसटी अनुपालन का मिलेगा प्रशिक्षण….
चंडीगढ़, 3 जुलाई 2026: ब्राइटएज टैक्स सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड द्वारा, सीएस संजय मल्होत्रा (प्रैक्टिसिंग कंपनी सेक्रेटरी) और पीसीसीआई के सहयोग से आयोजित तीन दिवसीय “जीएसटी – कॉन्सेप्ट्स टू कंप्लायंस” सर्टिफिकेट कोर्स का आज महात्मा गांधी स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन (एमजीएसआईपीए), सेक्टर-26, चंडीगढ़ में शुभारंभ हुआ।
कार्यक्रम की शुरुआत उत्साहपूर्ण माहौल में हुई। इसमें कंपनी सेक्रेटरी, चार्टर्ड अकाउंटेंट, कॉस्ट अकाउंटेंट, टैक्स प्रैक्टिशनर, अधिवक्ता, वित्त विशेषज्ञ, उद्यमी, छात्र और विभिन्न व्यवसायों से जुड़े लोगों ने भाग लिया।
इस तीन दिवसीय कोर्स का उद्देश्य प्रतिभागियों को जीएसटी कानून की केवल सैद्धांतिक जानकारी ही नहीं, बल्कि उसके व्यावहारिक उपयोग की भी समझ देना है। कार्यक्रम में सेवानिवृत्त आईआरएस अधिकारियों, अनुभवी अधिवक्ताओं और उद्योग विशेषज्ञों द्वारा तकनीकी सत्र लिए जा रहे हैं। इन सत्रों में जीएसटी रजिस्ट्रेशन, कर देयता, सप्लाई, इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी), रिटर्न, असेसमेंट, ऑडिट, कानूनी विवाद, निर्यात, रिफंड तथा जीएसटी में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के बढ़ते उपयोग जैसे विषय शामिल हैं।
ब्राइटएज टैक्स सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर एवं प्रैक्टिसिंग कंपनी सेक्रेटरी संजय मल्होत्रा तथा बलजीत सिंह खारा (सेवानिवृत्त आईआरएस), सहायक निदेशक, एनएसीआईएन ने पहले दिन सप्लाई की अवधारणा एवं दायरा, सप्लाई का समय और मूल्य, वैधानिक रिकॉर्ड, जीएसटी पंजीकरण तथा जीएसटी प्रैक्टिशनर से जुड़े विषयों पर तकनीकी सत्र लिए।
संजय मल्होत्रा ने कहा, “जीएसटी आज कर व्यवस्था का सबसे तेजी से बदलने वाला क्षेत्र बन चुका है। ऐसे में पेशेवरों और कारोबारियों के लिए लगातार नई जानकारी हासिल करना बेहद जरूरी है। इस सर्टिफिकेट कोर्स को इस तरह तैयार किया गया है कि प्रतिभागियों को व्यावहारिक ज्ञान, वास्तविक उदाहरणों की समझ और जीएसटी अनुपालन को सही तरीके से संभालने का आत्मविश्वास मिल सके। हमारा उद्देश्य ऐसा मंच तैयार करना है, जहां प्रतिभागी केवल कानून को समझें ही नहीं, बल्कि उसे अपने पेशेवर कार्य में सही तरीके से लागू भी कर सकें।”
उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि राजन दत्त, आईआरएस, कमिश्नर, सीजीएसटी एवं केंद्रीय उत्पाद शुल्क (ऑडिट) आयुक्तालय, पंचकूला ने कहा, “जीएसटी लगातार बदलने वाला कानून है, इसलिए इससे जुड़े पेशेवरों और अन्य हितधारकों के लिए निरंतर सीखना आवश्यक है। मुझे बताया गया है कि यह तीन दिवसीय कोर्स प्रतिभागियों को व्यावहारिक ज्ञान, वास्तविक मामलों की समझ और जीएसटी अनुपालन को प्रभावी ढंग से संभालने का आत्मविश्वास प्रदान करेगा।”
उन्होंने कहा कि इस कोर्स में जीएसटी के विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों जैसे रजिस्ट्रेशन, कर देयता, सप्लाई, इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी), रिटर्न, असेसमेंट, ऑडिट, कानूनी विवाद, निर्यात, रिफंड तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के उपयोग पर विस्तार से जानकारी दी जा रही है। साथ ही प्रतिभागियों को जीएसटी कानून, नियमों और प्रक्रियाओं की जानकारी के साथ-साथ रजिस्ट्रेशन, रिटर्न फाइलिंग और उनसे जुड़े डिजिटल टूल्स का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह अनूठी पहल प्रतिभागियों को जीएसटी के व्यावहारिक क्षेत्र में मजबूत शुरुआत करने में मदद करेगी।
कार्यक्रम के पहले दिन प्रतिभागियों ने विशेषज्ञों से सवाल-जवाब और व्यावहारिक चर्चा के माध्यम से सक्रिय भागीदारी की। अगले दो दिनों में भी विभिन्न विषयों पर तकनीकी सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनका उद्देश्य प्रतिभागियों की जीएसटी कानून और उसके व्यावहारिक अनुपालन संबंधी समझ को और मजबूत बनाना है। कोर्स के सफल प्रतिभागियों को 5 जुलाई को आयोजित समापन समारोह में सर्टिफिकेट प्रदान किए जाएंगे।


