पूर्व आईएएस अधिकारी विवेक अत्रे की छठी पुस्तक ‘नॉट सो रैंडमली योर्स’ का विमोचन….
चंडीगढ़, 14 जून 2026: पूर्व आईएएस अधिकारी, मोटिवेशनल स्पीकर और लेखक विवेक अत्रे ने अपनी छठी पुस्तक ‘नॉट सो रैंडमली योर्स’ का विमोचन यूटी गेस्ट हाउस, चंडीगढ़ में किया।
यह पुस्तक पिछले पांच वर्षों के दौरान प्रिंट मीडिया में प्रकाशित उनके कॉलम ‘रैंडम फोरेज़’ के 120 चुने हुए लेखों का संग्रह है। इन लेखों में हास्य, जीवन के अनुभव, आत्मचिंतन और वर्तमान समय से जुड़े विषयों को सरल, रोचक और सहज भाषा में प्रस्तुत किया गया है।
पुस्तक विमोचन के अवसर पर मीडिया से बातचीत करते हुए विवेक अत्रे ने कहा कि यह पुस्तक वर्षों के दौरान किए गए मेरे अवलोकनों और अनुभवों की यात्रा है। मेरा प्रयास हमेशा जटिल विचारों को सरल और आसानी से समझ आने वाले रूप में प्रस्तुत करने का रहा है। मेरा उद्देश्य लोगों को उपदेश देना नहीं, बल्कि उन्हें जीवन को नए नजरिए से देखने के लिए प्रेरित करना है।
इस अवसर पर कई प्रतिष्ठित हस्तियां मौजूद रहीं, जिनमें भारत के पूर्व सेना प्रमुख वी पी मलिक; हरियाणा के मुख्य सूचना आयुक्त टीवीएसएन प्रसाद, सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल के जे एस ढिल्लों (टाइनी ढिल्लों), नीना अत्रे तथा स्वयं लेखक शामिल थे। सभी ने मिलकर पुस्तक का विमोचन किया।
विवेक अत्रे ने बताया कि यह पुस्तक उनकी पिछली पुस्तकों से अलग है। उन्होंने इसे ‘मोटिवेशनल नॉन-फिक्शन’ की श्रेणी में रखा है, जिसमें समकालीन मुद्दों पर विशेष ध्यान दिया गया है। पुस्तक की भाषा अनौपचारिक और संवादात्मक है, जिससे यह हर आयु वर्ग के पाठकों को आकर्षित करती है।
उन्होंने कहा कि इस पुस्तक में शामिल सभी लेखों का मूल संदेश है—आंतरिक शांति की तलाश, अनावश्यक चिंताओं से दूरी, पारिवारिक संबंधों को मजबूत बनाना और हर परिस्थिति में मानसिक दृढ़ता बनाए रखना। मेरा मानना है कि सच्ची सफलता केवल बाहरी उपलब्धियों से नहीं, बल्कि भीतर की संतुष्टि से भी मिलती है।
अत्रे के अनुसार पुस्तक दस प्रमुख विषयों पर आधारित है—शासन व्यवस्था, रिश्ते, आध्यात्मिकता, खेल, नेतृत्व, हास्य, एआई का दौर, मन का संघर्ष, करियर और भारत की सकारात्मक ऊर्जा।
पुस्तक की विशेषता यह है कि इसमें शासन व्यवस्था, क्विक कॉमर्स जैसे आधुनिक विषयों से लेकर छींक आने जैसी सामान्य मानवीय घटनाओं तक को एक समान जीवन-दर्शन से जोड़कर प्रस्तुत किया गया है।
अत्रे के अनुसार पुस्तक का मुख्य उद्देश्य आज की जटिल और तेज़ रफ्तार दुनिया में मानसिक स्पष्टता और भावनात्मक संतुलन बनाए रखने की प्रेरणा देना है। पुस्तक में स्क्रीन टाइम कम करने, सार्थक मानवीय संबंध बनाने तथा ईश्वर के साथ आध्यात्मिक जुड़ाव विकसित करने जैसे महत्वपूर्ण जीवन मूल्यों पर भी जोर दिया गया है।
पूर्व आईएएस अधिकारी के रूप में उनके लंबे प्रशासनिक अनुभव का प्रभाव उनकी लेखन शैली में स्पष्ट दिखाई देता है।
शासन, जननीति और प्रशासन से जुड़े अनुभव उन्हें व्यावहारिक दृष्टिकोण प्रदान करते हैं, जबकि मोटिवेशनल स्पीकर के रूप में उनका अनुभव जटिल विषयों को भी रोचक ढंग से प्रस्तुत करने में मदद करता है।
विवेक अत्रे ने कहा कि लेखन मेरी रचनात्मकता का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम है। सार्वजनिक सेवा के दौरान मैंने लोगों और परिस्थितियों को करीब से समझना सीखा। आज मैं जीवन को एक लेखक की नजर से देखने का प्रयास करता हूं, जहां हर व्यक्ति की एक कहानी है और हर पल का अपना महत्व है।
विवेक अत्रे की पूर्व प्रकाशित पुस्तकों में रोमांटिक कॉमेडी उपन्यास ‘मूव ऑन बनी’ और ‘दुबे जी बाउंसेज़ बैक’ के अलावा प्रेरणादायक पुस्तकें ‘फाइंडिंग सक्सेस विदिन’, ‘इट्स स्टिल ए वंडरफुल लाइफ’ तथा ‘द मिडल ऑफ एवरीथिंग’ शामिल हैं।


