चंडीगढ़ साहित्य अकादमी ने साहित्यकारों को किया सम्मानित, भव्य समारोह में जुटे दिग्गज….
आज चंडीगढ़ साहित्य अकादमी द्वारा रानी लक्ष्मी बाई ऑडिटोरियम, सेक्टर-38, चंडीगढ़ में वर्ष 2024 में सम्मानित लेखकों एवं साहित्यकारों को सम्मानित करने के लिए एक भव्य पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि प्रो. रतन सिंह, वाइस चांसलर, जगत गुरु नानक देव पंजाब स्टेट ओपन यूनिवर्सिटी थे, जबकि समारोह की अध्यक्षता राष्ट्रीय साहित्य अकादमी के अध्यक्ष डॉ. माधव कौशिक ने की।
समारोह के आरंभ में चंडीगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष डॉ. मनमोहन सिंह ने सभी अतिथियों और साहित्यकारों का स्वागत करते हुए कहा कि चंडीगढ़ साहित्य अकादमी साहित्य, भाषा और संस्कृति के संरक्षण एवं विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि साहित्य समाज का दर्पण होता है और लेखक अपनी कलम के माध्यम से समाज को नई दिशा देते हैं। सम्मानित रचनाकारों को बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि उनकी रचनात्मकता नई पीढ़ी को साहित्य से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि चंडीगढ़ के साहित्यकारों ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है और अकादमी भविष्य में भी साहित्यिक गतिविधियों के माध्यम से रचनाकारों को प्रोत्साहित करती रहेगी।
मुख्य अतिथि प्रो. रतन सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि साहित्य समाज की आत्मा है, जो मनुष्य को संवेदनशीलता, संस्कारों और मानवीय मूल्यों से जोड़ता है। उन्होंने कहा कि सशक्त साहित्य समाज को सही दिशा देने और सामाजिक चेतना जगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने आगे कहा कि लेखक और कवि अपनी लेखनी के माध्यम से समय की वास्तविकताओं को उजागर करते हैं और समाज में सकारात्मक बदलाव का मार्ग प्रशस्त करते हैं। उन्होंने युवाओं से साहित्य से जुड़ने का आह्वान करते हुए कहा कि किताबों और विचारों से जुड़ा समाज ही सांस्कृतिक रूप से सक्षम और जागरूक बन सकता है।
राष्ट्रीय साहित्य अकादमी के अध्यक्ष डॉ. माधव कौशिक ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में साहित्य के प्रति लोगों की रुचि लगातार बढ़ रही है, जो समाज के लिए एक सकारात्मक संकेत है। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी कविता, कहानी, लेखन और किताबों के माध्यम से अपनी भावनाओं को व्यक्त कर रही है और साहित्य को नए आयाम दे रही है। उन्होंने कहा कि साहित्य केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि समाज को मानवीय मूल्यों, संवेदनशीलता और विचारशीलता से जोड़ने वाली शक्ति है। डिजिटल युग में भी किताबों और साहित्यिक समारोहों के प्रति लोगों का बढ़ता आकर्षण इस बात का प्रमाण है कि साहित्य की प्रासंगिकता हमेशा बनी रहेगी।
इस अवसर पर अकादमी के उपाध्यक्ष डॉ. अनीश गर्ग और सचिव सुभाष भास्कर भी मौजूद रहे।
‘बुक ऑफ द ईयर अवार्ड’ के अंतर्गत राजवीर देशवाल, प्रोफेसर योजना रावत, विजय कपूर, लिली स्वर्ण, बहादुर सिंह गौसल, हरबंस कौर गिल, पंकज मालवीय और राजेंद्र निशेष को स्मृति चिह्न और नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
पुस्तक प्रकाशन अनुदान योजना के अंतर्गत चुने गए लेखकों में प्रेम विज, शशि प्रभा, धीरजा शर्मा, प्रज्ञा शारदा, मोहनलाल जाट, अलका कांसरा, राजेंद्र धवन, बृजभूषण, मनोज कुमार, रविंदर टंडन, हरलीन कौर, दविंदर कौर, सिमरनजीत कौर ग्रेवाल, हरदेव चौहान, गुरदर्शन सिंह मावी, हरीश जैन, सुभाष शर्मा, राजेश अत्रे और सतीश थिंद को अनुदान राशि और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।
समारोह के अंत में डॉ. अनीश गर्ग ने सभी अतिथियों, साहित्यकारों, सम्मानित रचनाकारों और उपस्थित श्रोताओं का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ साहित्य अकादमी भविष्य में भी ऐसे साहित्यिक समारोहों के माध्यम से रचनाकारों को एक सार्थक मंच प्रदान करती रहेगी। उन्होंने सभी के सहयोग, भागीदारी और गरिमामयी उपस्थिति के लिए दिल से धन्यवाद व्यक्त किया और समारोह के सफल आयोजन में योगदान देने वाले सभी सदस्यों के प्रति विशेष आभार जताया।


