गुरू एम.एल.कौसर की 94 वीं जयंती के उपलक्ष्य में सजी सूफी संगीत की महफ़िल….
प्राचीन कला केन्द्र द्वारा 20 जून को सायं 6रू30 बजे अपने संस्थापक स्वर्गीय श्री मदन लाल कौसर की 94वीं जयंती के उपलक्ष्य पर एक विशेष गजलों से सजी शाम का आयोजन केन्द्र के 35 स्थित एम.एल.कौसर सभागार में किया गया । श्री एम.एल.कौसर ने एक विश्व व्यापक सांस्कृतिक संस्था का निर्माण किया जो भारतीय कलाओं के विकास के लिए न केवल पिछले सात दशकों से निरंतर कार्यरत है बल्कि कलाकारों के लिए भी किसी मंदिर से कम नहीं ।
इस विशेष अवसर पर उभरते एवं युवा गायक मनीष कबीर द्वारा सूफी संगीत की विशेष प्रस्तुति पेश की गई । सूफी संगीत और गजलो के जादुई सफर में मनीष एवं उनके समूह ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया ।
आज के कार्यक्रम की शुरूआत सूफी गीत ‘‘आज इबादत’’ से की गई । इसके उपरांत ‘‘सानू इक पल चैन न आए सजना तेरे बिना’’ तथा पारम्परिक लोकप्रिय गीत ‘‘दम दम झूले लाल’’ पेश किया गया । इसके बाद एक खूबसूरत गजल ‘‘नियते शौक मर न जाए कहीं’’ पेश की गई। जिसे दर्शकों ने खूब सराहा । इसके बाद ‘‘तू माने या माने दिलदारा’’ जैसा लोकप्रिय गीत पेश किया गया । कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुई किवें मुखड़े तो नजरां हटावां,माहीया वे मैं तेरे नाल,अखियां उड़ीक दीयां,नित खैर मंगा सोनिया मैं तेरी,मेरा पिया घर आया तथा अरजां कुबूल जैसे खूबसूरत सूफी गीत पेश किए गए । कार्यक्रम के अंत में ‘‘शुकराना तेरा’’ गीत पेश किया गया। इनके साथ तबले पर विवेक,ओकटापैड पर प्रदीप कुमार,ढोलक पर गगनदीप डांग,गिटार पर देवेंद्र कुमार,कीबोर्ड पर लक्षय कुमार,बांसुरी पर पंकज कुमार,गायन पर जसबीर कुमार एवं करण सिंह ने बखूबी रंग जमाया ।
कार्यक्रम के अंत में सचिव श्री सजल कौसर ने कलाकारों को पुष्प,उतरीया और मोमेंटो देकर सम्मानित किया ।


