गाय से ही पूरे होते है सोलह संस्कार:: गोपाल मणी…..
चण्डीगढ़: ( )गोपाल गोलोक धाम कैम्बाला गोशाला चण्डीगढ़ द्वारा धेनुमानस गो कथा गो गंगा कृपाकांक्षी पूज्य श्री गोपाल मणी जी महाराज के सानिध्य मे कैम्बाला गोशाला चण्डीगढ़ परिसर में हो रही हैं आज की कथा मे कथा वक्ता संत गोपाल मणि ने श्रद्धालुओं को वेद-पुराणों में वर्णित गोमाता की महिमा बताई। उन्होंने कहा कि हमारे जन्म से लेकर मृत्यु तक होने वाले सभी संस्कारों में गोमाता से प्राप्त पंचगव्य का इस्तेमाल किया जाता है। फिर भी गाय माता के संरक्षण के प्रति हम सचेत नहीं हो रहे हैं। इस अवसर पर गोकथा सुनने के लिए बड़ी संख्या में गोभक्त गोशाला पहुंचे। इस अवसर कथा व्यास आचार्य सीताशरण महाराज ने गोमाता और भगवान् भोले नाथ के मधुर भजनों के साथ गोकथा की महिमा का गुणगान किया इसके बाद संत गोपाल मणि महाराज ने गोमाता का वैज्ञानिक महत्व बताया। उन्होंने कहा कि उच्च रक्तचाप से पीड़ित व्यक्ति यदि गाय माता के शरीर पर इक्कीस बार हाथ फेर ले तो उसका रक्तचाप सामान्य हो जाता है। आज गोमूत्र का प्रयोग औषधि बनाने में किया जा रहा है। कथा व्यास ने बताया गाय के रक्षा करने के सभी संगठन एक हो कर गो माता की रक्षा का प्रण ले ताकि गो माता की रक्षा हो सके इस अवसर पर
चंडीगढ़, पंजाब, हरियाणा, के गो भक्तो ने कथा में उपस्थिति दी कथा उपरान्त आरती कर प्रसाद भंडारा वितरित किया


